मुजफ्फरपुर में नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल | स्थाईकरण और वेतन बढ़ाने की मांग पर जुलूस मुजफ्फरपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी शहर के मुजफ्फरपुर टावर से जुलूस निकालते हुए कल्याणी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि एनजीओ के माध्यम से उन्हें काम पर रखा गया है, लेकिन न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही पर्याप्त सैलरी। कर्मचारियों का आरोप है कि 12 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। उनका साफ कहना है — 35000 से कम में गुज़ारा नहीं, 12000 में दम नहीं। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थाई किया जाए, वेतन बढ़ाया जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, बच्चों की शिक्षा पूरी करा सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
मुजफ्फरपुर में नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल | स्थाईकरण और वेतन बढ़ाने की मांग पर जुलूस मुजफ्फरपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी शहर के मुजफ्फरपुर टावर से जुलूस निकालते हुए कल्याणी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि एनजीओ के माध्यम से उन्हें काम पर रखा गया है, लेकिन न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही पर्याप्त सैलरी। कर्मचारियों का आरोप है कि 12 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। उनका साफ कहना है — 35000 से कम में गुज़ारा नहीं, 12000 में दम नहीं। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थाई किया जाए, वेतन बढ़ाया जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, बच्चों की शिक्षा पूरी करा सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
- मीरजापुर, मे मा० केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण व रसायन उर्वरक राज्यमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण व रसायन उर्वरक राज्यमंत्री जनपद की लोकप्रिय सांसद श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को नवनिर्मित सरदार वल्लभ भाई पटेल निर्यात सुविधा केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। एपिडा के अधिकारियों माननीय मंत्री जी को निर्यात केंद्र भवन के विषयों में जानकारी दी।2
- मुंब्रा में जुए का खेल? स्टेशन रोड का वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल! ठाणे : मुंब्रा के स्टेशन रोड से कथित गैर-कानूनी जुए का एक वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में कुछ लोग जुआ खेलते नजर आ रहे हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मुंब्रा पुलिस स्टेशन की ओर से प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। लेटेस्ट अपडेट के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।1
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- भदोही अस्पताल निरीक्षण में पहुंचे बृजेश पाठक, यूजीसी कानून के सवाल पर दिया टालमटोल जवाब भदोही | शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 जनपद भदोही में अस्पताल निरीक्षण के दौरान पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से जब मीडिया ने यूजीसी कानून से संबंधित सवाल पूछा, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया। बताया जाता है कि सवाल पूछे जाने पर उन्होंने आईएसआर (ISR) जैसे अन्य विषयों पर बात करते हुए मुद्दे को टाल दिया और आगे बढ़ गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, साफ-सफाई, दवा वितरण और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। हालांकि यूजीसी कानून को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उनका स्पष्ट रुख सामने नहीं आ सका। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बृजेश पाठक को प्रदेश में ब्राह्मण समाज का एक बड़ा चेहरा माना जाता है। ऐसे में यूजीसी कानून जैसे विषय पर उनकी चुप्पी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल इस मामले में उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।1
- Post by सोनू कुमार1
- काशी द्वारा प्रस्तावित योजना के विरोध में चनौली पहुंचे सपा नेता, किसानों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन वाराणसी। काशी क्षेत्र में प्रस्तावित योजना को रद्द कराने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चनौली गांव पहुंचा। इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह, मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज, पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष सुजीत सिंह लक्कड़ सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन किसानों की जमीन, आजीविका और भविष्य से समझौता करके नहीं। नेताओं ने कहा कि किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले स्थानीय किसानों से सहमति, पारदर्शी प्रक्रिया और उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। नेताओं ने मांग की कि प्रस्तावित योजना की शर्तों की दोबारा समीक्षा की जाए, किसानों के हितों की रक्षा की जाए और बिना सहमति किसी भी तरह का अधिग्रहण न किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अगर किसानों के साथ संवाद और भरोसे का रास्ता अपनाती है तो विकास और किसान हित — दोनों में संतुलन संभव है। किसानों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें उनकी जमीन का उचित मूल्य, पुनर्वास और रोजगार की ठोस व्यवस्था चाहिए। किसानों ने मांग की कि किसी भी फैसले से पहले उन्हें भरोसे में लिया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। निष्कर्ष: चनौली में हुए इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास और किसान हितों के बीच संतुलन कैसे बने — जहां बुनियादी ढांचे का विस्तार भी हो और अन्नदाता के अधिकार भी सुरक्षित रहें।1
- मिर्जापुर के लालगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत लहंगपुर गांव निवासी विक्रम सिंह ने अपनी पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत प्रशासन से की है। पीड़ित विक्रम सिंह का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जो लहंगापुर में स्थित है, उस पर विजय जायसवाल, संजय जायसवाल, अजय जायसवाल और संतोष जायसवाल समेत कुछ लोग अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। और उसपर अवैध कब्जा कर निर्माण करना चाहते हैं विक्रम सिंह ने बताया कि वह न्याय की आस में तहसील और थानों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन विपक्षी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनकी पैतृक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। Bite - विक्रम सिंह पीड़ित3
- मिर्जापुर जनपद के कटरा कोतवाली क्षेत्र स्थित पुतली घर इलाके में एक कार चालक द्वारा फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद कार सवार ने सड़क पर ही रौब झाड़ते हुए बवाल किया। आरोप है कि उसने डिलीवरी बॉय से कहा — “25 हजार की गाड़ी लेकर लाखों की गाड़ी में टक्कर मार दी” और उसकी बाइक सीज करवाने की धमकी दी। इतना ही नहीं, कार से डंडा निकालकर डिलीवरी बॉय को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना में डिलीवरी बॉय की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।2
- मुजफ्फरपुर में नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल | स्थाईकरण और वेतन बढ़ाने की मांग पर जुलूस मुजफ्फरपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी शहर के मुजफ्फरपुर टावर से जुलूस निकालते हुए कल्याणी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि एनजीओ के माध्यम से उन्हें काम पर रखा गया है, लेकिन न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही पर्याप्त सैलरी। कर्मचारियों का आरोप है कि 12 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। उनका साफ कहना है — 35000 से कम में गुज़ारा नहीं, 12000 में दम नहीं। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थाई किया जाए, वेतन बढ़ाया जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, बच्चों की शिक्षा पूरी करा सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।1