सोहागपुर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक की सख्ती, समर्थकों संग पहुंचे थाने — प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी चेतावनी सोहागपुर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक की सख्ती, समर्थकों संग पहुंचे थाने — प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी चेतावनी सोहागपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह बुधवार शाम करीब 4 बजे अपने समर्थकों के साथ पुलिस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने एसडीओपी संजू चौहान और थाना प्रभारी राहुल रैकवार के साथ नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद विधायक ने लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, जुआ-सट्टा जैसे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। विधायक विजयपाल सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने नगर व आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण और गौशालाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। इस पर विधायक ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और जल्द ही इस दिशा में भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
सोहागपुर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक की सख्ती, समर्थकों संग पहुंचे थाने — प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी चेतावनी सोहागपुर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक की सख्ती, समर्थकों संग पहुंचे थाने — प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी चेतावनी सोहागपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह बुधवार शाम करीब 4 बजे अपने समर्थकों के साथ पुलिस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने एसडीओपी संजू चौहान और थाना प्रभारी राहुल रैकवार के साथ नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद विधायक ने लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, जुआ-सट्टा जैसे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। विधायक विजयपाल सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने नगर व आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण और गौशालाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। इस पर विधायक ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और जल्द ही इस दिशा में भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
- सोहागपुर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक की सख्ती, समर्थकों संग पहुंचे थाने — प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी चेतावनी सोहागपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह बुधवार शाम करीब 4 बजे अपने समर्थकों के साथ पुलिस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने एसडीओपी संजू चौहान और थाना प्रभारी राहुल रैकवार के साथ नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद विधायक ने लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, जुआ-सट्टा जैसे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। विधायक विजयपाल सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने नगर व आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण और गौशालाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। इस पर विधायक ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और जल्द ही इस दिशा में भी उचित कदम उठाए जाएंगे।1
- अजब एमपी के गजब कारनामे: “8 सेकंड की ‘वीडियो सरकार’ बनाम जमीनी सच्चाई—बाड़ी में सोम कंपनी की खुली लूट पर आबकारी तंत्र बेनकाब, अधिकारी की चुप्पी या संरक्षण?” रितिक जैन | बाड़ी (रायसेन) बाड़ी में शराब ठेकों पर जो खेल सामने आया है, वह अब एक सामान्य अनियमितता का मामला नहीं रहा, बल्कि यह सीधे-सीधे सिस्टम की विश्वसनीयता, प्रशासनिक ईमानदारी और कानून के पालन पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है, जहां एक तरफ जनता से खुलेआम अतिरिक्त वसूली की जा रही है और दूसरी तरफ जिम्मेदार विभाग 8 सेकंड के वीडियो के सहारे “सब ठीक” का भ्रम फैलाने में लगा हुआ है। 20 तारीख को आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मीणा (बरेली) द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में एक छोटा सा वीडियो डालकर दावा किया गया कि बाड़ी की शराब दुकानों पर ओवररेटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है और अब सभी रेट एमआरपी के अनुरूप हो गए हैं, लेकिन यह दावा अगले ही दिन जमीनी हकीकत के सामने पूरी तरह ढह गया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह खड़ा कर गया। 21 तारीख को हमारी टीम जब मौके पर पहुंची, तो जो सामने आया वह चौंकाने वाला ही नहीं बल्कि विभागीय दावों की खुली पोल खोलने वाला था, क्योंकि बियर कैन जिस पर एमआरपी 140 रुपए अंकित है, उसे 150 रुपए में बेचा जा रहा था, वहीं सफेद क्वार्टर जिसकी एमआरपी 75 रुपए है, वह 100 रुपए में खुलेआम बेची जा रही थी, यानी विभाग की तथाकथित कार्रवाई के अगले ही दिन ठेकेदार उसी अंदाज में नियमों को ठेंगा दिखाते नजर आए। दुकान पर रेट लिस्ट टंगी हुई थी, लेकिन उसका पालन कहीं नजर नहीं आया, जिससे यह साफ हो गया कि नियम सिर्फ दिखावे के लिए हैं और असल में ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं, यह कोई आकस्मिक गलती नहीं बल्कि एक संगठित और निरंतर चलने वाला वसूली तंत्र है, जो बिना किसी भय के संचालित हो रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब दुकान के पास संचालित अहाता सामने आता है, जहां खुलेआम बैठाकर शराब पिलाई जा रही है, जो सीधे तौर पर कानून और व्यवस्था दोनों को चुनौती देता है, अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सब बिना विभाग की जानकारी के संभव है या फिर यह सब कुछ “जानबूझकर नजरअंदाज” किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल उस तथाकथित “जांच वीडियो” पर है, जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति से कीमत पूछकर पूरी दुकान को क्लीन चिट दे दी गई, न कोई विस्तृत निरीक्षण, न कोई दस्तावेजी कार्रवाई, न कोई सार्वजनिक रिपोर्ट, और अगले ही दिन उसी स्थान पर वही पुरानी लूट जारी मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह कार्रवाई नहीं बल्कि सच्चाई को दबाने का प्रयास था। अब सीधे सवाल आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मीणा पर खड़े होते हैं कि अगर कार्रवाई हुई थी तो उसका रिकॉर्ड कहां है, कितने चालान काटे गए, कितने ठेकों पर कार्रवाई हुई, कितना जुर्माना वसूला गया, और क्यों यह सब जानकारी जनता से छिपाई जा रही है, या फिर यह माना जाए कि पूरी कार्रवाई सिर्फ व्हाट्सएप वीडियो तक सीमित थी और जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला। सोम कंपनी की भूमिका भी इस पूरे मामले में बेहद गंभीर नजर आती है, क्योंकि बार-बार शिकायतों और खुलासों के बावजूद यदि उसी तरीके से ओवररेटिंग जारी रहती है, तो यह संकेत देता है कि ठेकेदार को कानून का कोई डर नहीं है, और यह भी संभव है कि उसे किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो, जो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय जनता में इस पूरे मामले को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि एक तरफ उन्हें हर बोतल पर अतिरिक्त पैसा देना पड़ रहा है और दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आते हैं, जिससे यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जवाबदेही से भागने का प्रतीक बन गया है। अब यह मुद्दा स्थानीय स्तर से निकलकर राज्य स्तर तक पहुंचने की कगार पर है, क्योंकि यदि जमीनी हकीकत और विभागीय दावों में इतना बड़ा अंतर है, तो यह केवल एक ठेके की समस्या नहीं बल्कि पूरे आबकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल है, और यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो यह मामला बड़ा जनआक्रोश बन सकता है। मध्यप्रदेश में शराब व्यवस्था को लेकर सख्ती और पारदर्शिता की बात की जाती है, लेकिन बाड़ी की यह स्थिति उन दावों की सच्चाई उजागर कर रही है, , या फिर यह भी सिर्फ फाइलों और वीडियो में दबकर रह जाएगा। अब हालात ऐसे हैं कि या तो विभाग जमीन पर उतरकर वास्तविक कार्रवाई करे और ठोस परिणाम दिखाए, या फिर यह मान लिया जाए कि सिस्टम ने ठेकेदारों के सामने घुटने टेक दिए हैं और जनता को लूट के लिए छोड़ दिया गया है। क्या बाड़ी में कानून जिंदा है या सिर्फ व्हाट्सएप वीडियो में दिखाया जा रहा है, और अगर जिम्मेदार अधिकारी अब भी नहीं जागे तो यह मामला सिर्फ खबर नहीं रहेगा बल्कि जवाब मांगती आवाज बनकर पूरे प्रदेश में गूंजेगा।1
- मंगलवार देर शाम बनखेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत खामखेड़ी एवं चार गांव के बीच दो बाइक अचानक आमने सामने से भिड़त होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई इस दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक अमित पिता जीत सिंह पटेल उम्र 25 वर्ष निवासी नयाखेड़ा एवं सूर्यांश यादव पिता गुड्डू यादव उम्र 18 वर्ष निवासी जासरवानी की मौत हो गई घटना के बाद दोनों को बनखेड़ी शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया जिनका पोस्ट मार्टम किया जाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है बाइक पुलिस अभिरक्षा में ले ली गई है मामले की जांच पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है1
- सीहोर के विश्वकर्मा परिवार में हुआ विवाह, तीन दिन चला भव्य आयोजन; विदाई में दिया गृहस्थी का पूरा सामान व आभूषण गजेन्द्र राजपूत नर्मदापुरम। समाज में मानवता, ममता और जिम्मेदारी की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए किन्नर समाज ने एक अनाथ बेटी को अपनाकर उसका पालन-पोषण किया और बड़े होने पर पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उसकी शादी धूमधाम से संपन्न कराई। यह आयोजन न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। किन्नर गुरु गोरी दीदी ने बताया कि समाज में अक्सर किन्नर वर्ग को अलग नजरिए से देखा जाता है, लेकिन इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि किन्नर समाज भी संवेदनाओं, जिम्मेदारियों और रिश्तों को पूरी निष्ठा से निभाता है। वहीं किन्नर नेहा दीदी ने भावुक होकर बताया कि बच्ची के माता-पिता उसे बचपन में ही छोड़कर चले गए थे। ऐसे में उन्होंने बच्ची को अपनाकर उसे अपने साये में पाला और मां-बाप दोनों का ही प्यार दिया। उन्होंने कहा कि बच्ची के पालन-पोषण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी गई और उसे परिवार का पूरा स्नेह मिला। नेहा दीदी ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में समाज में व्याप्त कुछ नकारात्मक प्रवृत्तियों को देखते हुए बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। इसी कारण उसकी देखभाल विशेष सतर्कता के साथ की गई, ताकि वह सुरक्षित वातावरण में बड़ी हो सके। तीन दिन चला भव्य विवाह समारोह: नर्मदा गार्डन में आयोजित विवाह समारोह तीन दिनों तक चला, जिसमें हल्दी, मेहंदी, संगीत सहित सभी पारंपरिक रस्में पूरे उत्साह और उल्लास के साथ निभाई गईं। समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन, गणमान्य नागरिक और आसपास के लोग शामिल हुए। विवाह के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया और हर रस्म को विधि-विधान से संपन्न कराया गया। सीहोर के विश्वकर्मा परिवार में हुआ विवाह: बेटी का विवाह सीहोर जिले के एक सम्मानित विश्वकर्मा परिवार में किया गया, जहां उसे पूरे सम्मान और स्नेह के साथ स्वीकार किया गया। विदाई के समय माहौल भावुक हो गया, जहां किन्नर समाज के सदस्यों ने बेटी को आशीर्वाद देते हुए उसके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। सम्मानजनक विदाई: विदाई के दौरान बेटी को गृहस्थी का पूरा सामान, दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं, फर्नीचर तथा सोने-चांदी के आभूषण भेंट किए गए, ताकि वह अपने नए जीवन की शुरुआत किसी कमी के बिना कर सके। यह विदाई पूरी तरह से एक माता-पिता द्वारा अपनी बेटी को दी जाने वाली जिम्मेदारी और स्नेह का प्रतीक नजर आई। समाज के लिए प्रेरणा:इस पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि रिश्ते खून से नहीं, बल्कि भावनाओं और जिम्मेदारियों से बनते हैं। किन्नर समाज द्वारा निभाई गई यह भूमिका समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह संदेश देती है कि सच्चा अपनापन और परवरिश किसी पहचान या वर्ग की मोहताज नहीं होती। इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है और लोग इसे सामाजिक समरसता और मानवता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।6
- 👉कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट एवं आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट क्षेत्र में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को निर्देशित किया कि घाट क्षेत्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घाट पहुंच मार्ग एवं घाटों पर भिक्षावृत्ति की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने घाट पहुंच मार्ग पर सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने तथा आवारा पशुओं को गौशाला अथवा कांजी हाउस में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि घाट क्षेत्र के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सेठानी घाट से लेकर मोरछली चौक तक पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मार्ग पर संचालित दुकानों को व्यवस्थित रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए, ताकि यातायात में बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देशित किया कि घाट पहुंच मार्ग के समीप प्रमुख चौराहे पर यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्य मार्गों पर “रोको-टोको हेलमेट अभियान” प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएमओ को निर्देश दिए कि राजस्व एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सभी बिंदुओं पर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए तथा उसका शीघ्र क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाए।1
- न्यूज ऐसीपी भारत से देवी नाथ लोखंडे की रिपोर्ट न्यूज ऐसीपी भारत-बैतूल •• बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र में ग्राम धामोरी के सावंगी रोड पर हुई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। 21 अप्रैल को उमेश शोभनाते (40) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। •• जांच में सामने आया कि पारिवारिक विवाद के चलते 7 नाबालिगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी, सीडीआर) के आधार पर सभी आरोपियों को 22 अप्रैल को हिरासत में ले लिया। •• घटना में इस्तेमाल चाकू और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस की अपील: बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और विवादों को कानून के दायरे में रहकर सुलझाएं।3
- इंदौर शहर से लगातार चलकर आई बलेनो कार ग्राम बोरधी में शादी में कहीं जगह नहीं मिल पाई तो खाली खेत में पार्क कर इसके दौरान लगी भीषण और अचानक से बैटरी भी ब्लास्ट हो गई साथ में खेत की सारी नलवाई चलकर हुई खाक गांव में आग लगते लगते बच गए ग्राम वासीऔ द्वारा आग पर काबू पाया गया2
- सोहागपुर में एक युवक की लापरवाही ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा दिया। मिली जानकारी के अनुसार, घोघरी निवासी 22 वर्षीय अरुण उईके खेत में मूंग की फसल में पानी देने और दवा छिड़कने गया हुआ था। बताया जा रहा है कि वह अपने साथ कच्ची शराब की दो बोतल भी ले गया था। नशे की हालत में युवक ने गलती से शराब की बोतल समझकर खेत में छिड़कने वाली जहरीली कीटनाशक दवा पी ली। जैसे ही उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। युवक ने तुरंत परिवार वालों को आवाज लगाई। परिजन उसे आनन-फानन में शासकीय अस्पताल सोहागपुर लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1