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betiya Kumar bag ke bich intercity railgadi Badi hadsa hone se बाल-बाल Bach Gay tuti patari ke Karan Badi hadsa se Bal Bal Bach Gaye
Sadhana national News
betiya Kumar bag ke bich intercity railgadi Badi hadsa hone se बाल-बाल Bach Gay tuti patari ke Karan Badi hadsa se Bal Bal Bach Gaye
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- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के दुबौलिया में शनिवार के दोपहर करीब तीन बजे राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर हाई टेक पॉलिटेक्निक कॉलेज दुबौलिया में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने आसपास की समस्याओं पर आधारित नए और अनोखे शोध प्रस्तुत किए। छात्रों ने जल संरक्षण, कृषि सुधार, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर मॉडल व प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित कर समाधान के व्यावहारिक तरीके बताए। लैब ऑफ एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट सेनुवारिया के संस्थापक सह अध्यक्ष नितेश पटेल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को विज्ञान शोध की ओर प्रेरित करना है, ताकि वे नवाचार के माध्यम से देश को वैज्ञानिक क्षेत्र में आगे बढ़ा सकें इस अवसर पर प्रधानाध्यापक डॉ. रंजन कुमार सिंह, एम. एस. एस. जी. कॉलेज अरेराज के रसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार, डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर गन्ना अनुसंधान केंद्र माधोपुर के वैज्ञानिक डॉ. रविकांत व डॉ. छत्तीस नारायण ने विजेता विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में एमजीआर विद्यालय सरीसवा, गैलेक्सी विद्यालय बेतिया, के.आर. बेतिया तथा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकटा के छात्र-शिक्षक उपस्थित रहे। आयोजन ने ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने का संदेश दिया।1
- Post by Sadhana national News1
- होली पर्व को शांतिपूर्ण व सौहार्द ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर आज जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह द्वारा कार्यालय प्रकोष्ठ में एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। 28.02.2026.1
- मझौलिया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है,जानकारी के अनुसार, बखरिया चौक के समीप बेतिया–मोतिहारी मुख्य मार्ग पर एक लाल रंग की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई,कार में सवार पांच लोग रामगढ़वा से इलाज कराने के लिए बेतिया जा रहे थे ।इसी दौरान अचानक एक नीलगाय तेज़ी से सड़क पर आ गई । जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मझौलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) बेतिया रेफर कर दिया ।जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।3
- फिटनेस फेल: गाड़ी की हालत जर्जर है, फिर भी इसे व्यावसायिक उपयोग में लाया जा रहा है। ओवरलोडिंग और सुरक्षा का अभाव: गाड़ी में क्षमता से अधिक एलपीजी गैस सिलेंडर लदे हुए हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर एक 'अग्निशमन यंत्र' (Fire Extinguisher) तक मौजूद नहीं है। दोहरे मापदंड: एक तरफ जहाँ पुलिस आम बाइक सवारों का चालान काटने में व्यस्त रहती है, वहीं ऐसी खतरनाक और अनफिट गाड़ियों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ती? बड़ा खतरा: बिना किसी सुरक्षा मानक के गैस सिलेंडरों का इस तरह परिवहन करना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।1
- क्या आपके साथ भी हुआ है1
- Post by Akash Kumar1
- बैरिया अंचल क्षेत्र के पखनाहा डुमरिया पंचायत वार्ड संख्या 11 में बेतिया राज की जमीन पर बसे 91 परिवारों को नोटिस जारी होते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नोटिस मिलने के बाद शनिवार के दोपहर करीब एक बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण बैरिया अंचल कार्यालय पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। ग्रामीण श्याम कुमार गुप्ता,अर्जुन कुमार,अली हसन गद्दी ,डोमा यादव,धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा, मथुरा यादव,श्रीकांत यादव,दीपक कुशवाहा, बूची कुशवाहा,मीरहसन मियां, दरोगा यादव,रमेश यादव,लक्ष्मण कुशवाहा,बाबू नंद प्रसाद, विजय कुशवाहा ,दीनानाथ कुशवाहा, गामा यादव, मुन्ना यादव आदि ने बताया कि वे वर्ष 1989 से यहां बसे हुए हैं और उस समय अंचल की जांच रिपोर्ट के आधार पर भूमि उप समाहर्ता, बेतिया द्वारा बंदोबस्ती पर्चा जारी किया गया था। इसके बाद उनके नाम से जमाबंदी कायम हुई और नियमित रूप से रसीद भी कटती रही। लोगों का आरोप है कि अब सरकार उन्हें बेदखल करने की तैयारी कर रही है, जिससे वे आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी गंडक नदी के कटाव पीड़ित हैं और नदी में घर विलीन होने के बाद यहां आकर बसे थे। बंदोबस्ती पर्चा मिलने के बाद वर्षों से परिवार यहां रह रहे हैं। अंचलाधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार नोटिस जारी किया गया है और सभी संबंधित लोगों से साक्ष्य मांगे गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।1