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सीतापुर: पैर की जगह पेट का ऑपरेशन! हिंद मेडिकल कॉलेज में बड़ा कांड सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैर के इलाज के बजाय मरीज के पेट का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मरीज सावित्री को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। घटना के विरोध में परिजनों और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और 13 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
Abhishek Maurya
सीतापुर: पैर की जगह पेट का ऑपरेशन! हिंद मेडिकल कॉलेज में बड़ा कांड सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैर के इलाज के बजाय मरीज के पेट का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मरीज सावित्री को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। घटना के विरोध में परिजनों और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और 13 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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- आग का कारण बिजली के ऊपरी तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस दौरान गैस सिलेंडर और रेफ्रिजरेटर कंप्रेसर में कई धमाके हुए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, पुलिस और दमकल टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया जा रहा है और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। फिलहाल कोई मौत नहीं हुई, कुछ लोग हल्की रूप से घायल बताए गए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।1
- सिधौली तहसील में घूसखोरी पर बड़ा प्रहार: 1.07 लाख लेते एस डी एम के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार, लखनऊ टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई संवाददाता,, नरेश गुप्ता सिधौली/सीतापुर। तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई, जब लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एक वरिष्ठ बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से खिसकते नजर आए। *दाखिल-खारिज के नाम पर मांगी थी मोटी रकम* जानकारी के अनुसार, अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले तहसील में तैनात बाबू अनुपम श्रीवास्तव लगातार रिश्वत की मांग कर रहा है। बाबू द्वारा कुल 1 लाख 7 हजार रुपये की डिमांड की गई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही बाबू ने किसान से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। *पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप* अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना रिश्ता बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जब वह सीतापुर सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और ठगी के कई आरोप लगे थे। आरोप है कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये वसूले थे। लगातार शिकायतों के चलते उसे सदर तहसील से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। *तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में दहशत* अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते दिखे। गिरफ्तार बाबू को एंटी करप्शन टीम अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ा संदेश: इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। ( बॉक्स) ▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर ▪️ आरोपी: बाबू अनुपम श्रीवास्तव ▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ▪️ रिश्वत राशि: ₹1,07,000 ▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान ▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया ▪️ तरीका: पहले शिकायत, फिर जाल बिछाकर ट्रैप ▪️ पुराना रिकॉर्ड: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका ▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी को लखनऊ ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी3
- पलिया नगर की प्रमुख सड़कों में शुमार मछली मण्डी रोड की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इसी मार्ग से आने-जाने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। नगरवासियों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण की मांग कई बार नगर पालिका प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बता दें कि यह रोड नगर के मुख्य चमन चौराहा से होकर मछली मण्डी, दुधवा रोड, सीओ ऑफिस एवं सम्पूर्णानगर रोड तक जुड़ती है। इतना महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद इसका निर्माण न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। जगह-जगह पानी भर जाने से सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल राहगीरों तक को निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में फंसकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर यादव ने बताया कि मछली मण्डी रोड को कार्ययोजना में शामिल किया जा चुका है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर रोड का निर्माण कराया जाएगा।1
- यूपी: विशुद्ध रूप से फिल्मी गुंडागर्दी का सीन है... हापुड: गुंडे कार से आते हैं। कार के रुकते ही लाठी डंडे और पिस्टल से लैस कई गुंडे कार से उतरते हैं। फायरिंग करते हैं, फिर दुकानों का सामान फेंकने लग जाते हैं, दहशत की वजह से सड़क पर भगदड़ मच जाती है, लोग दरवाजे बंद कर घरों में छिप जाते हैं। ऐसे सीन अपने फिल्मों में देखे होंगे, अब आप हापुड के गांव गोहरे से आई इस तस्वीर को देखिये, आपको लगेगा किसी फिल्म से गुंडई की क्लिप काटकर वायरल की गई है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- अमरावती में सामने आए सनसनीखेज अश्लील वीडियो कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अयान अहमद, उजेर खान, शहद और तरबेज शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 180 से अधिक स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई। इसके बाद इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। सूत्रों के अनुसार, 350 से ज्यादा वीडियो ऑनलाइन शेयर किए गए हैं। इस मामले में कई पीड़ित लड़कियां नाबालिग बताई जा रही हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 👉 यह मामला साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- *यूपी: भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता हाथ में कटोरा लेकर बाजार में निकले और भीख मांगने लगे।* सब ताज्जुब में थे, वजह जानी तो पता चला तहसील के असफर रिश्वत मांग रहे हैं। किसानों से जुड़ी पुरानी फाइलों को भी नही निपटाया जा रहा है। इसलिए किसान रिश्वत की रकम को भीख मांगकर इकट्ठा कर रहे हैं। यह मामला बुलंदशहर की खुर्जा तहसील से जुड़ा है।1
- आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव1
- जनपद लखीमपुर-खीरी के अन्य ब्लॉकों में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन पलिया ब्लॉक में अभी तक न तो चयनित अभ्यर्थियों की सूची चस्पा की गई है और न ही किसी को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इस देरी से चयनित सहायिकाएं खासी परेशान हैं और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पलिया में नियुक्ति पत्र वितरण के नाम पर सुविधा शुल्क मांगे जाने की चर्चा भी सामने आ रही है, जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में जब बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) गीता देवी से जानकारी ली गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सीडीपीओ गीता देवी ने बताया कि पलिया ब्लॉक को अब तक न तो चयन सूची प्राप्त हुई है और न ही नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि सूची और नियुक्ति पत्र प्राप्त होते, तो उन्हें रोकने का कोई औचित्य नहीं है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उनके आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इधर, चयनित अभ्यर्थियों ने शीघ्र सूची चस्पा कर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र वितरण की मांग की है, ताकि उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो सके।1