छप्परपोश व कच्चे घरों में लगी आगः हजारों का सामान जलकर हुआ राख,परिवार के सदस्यों ने भाग कर बचाई अपनी जान। दौसा। ग्राम पंचायत जौपाडा के खोखला की ढाणी मे शनिवार को रात्री में एक छप्परपोश कच्चे घरों में आग लग गई। इस घटना में घरो में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके छप्परपोश कच्चे घरों में अज्ञात कारणों से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में रखा 5 बोरी अनाज,50 मन तुडा कपड़े, दैनिक उपयोग का सामान और कुछ 50 हजार रूपये नगद पैसे पूरी तरह जल गए। परिवार के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। आग की लपटें उठती देख गांव के सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे बाद आग को फैलने से रोका गया। पीड़ित भोमाराम पुत्र कजोड मल ने घटना की सूचना हल्का पटवारी व सरपंच ग्राम विकास अधिकारी को दी है। उन्होंने प्रशासन से आग से हुई क्षति की भरपाई के लिए त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार की मदद की अपील की है। हल्का पटवारी ने बताया है कि खसरा नम्बर 297 खातेदार भूमि मे छप्परपोश कच्चा घर मे रहता था उपस्थित लोगों ने बताया कि रात को अज्ञात कर्म से पूरे छप्परपोश में आग लग गई जिससे से हजारों रुपए का नुकसान हो गया
छप्परपोश व कच्चे घरों में लगी आगः हजारों का सामान जलकर हुआ राख,परिवार के सदस्यों ने भाग कर बचाई अपनी जान। दौसा। ग्राम पंचायत जौपाडा के खोखला की ढाणी मे शनिवार को रात्री में एक छप्परपोश कच्चे घरों में आग लग गई। इस घटना में घरो में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके छप्परपोश कच्चे घरों में अज्ञात कारणों से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में रखा 5 बोरी अनाज,50 मन तुडा कपड़े, दैनिक उपयोग का सामान और कुछ 50 हजार रूपये नगद पैसे पूरी तरह जल गए। परिवार के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। आग की लपटें उठती देख गांव के सैकड़ों की संख्या में
लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे बाद आग को फैलने से रोका गया। पीड़ित भोमाराम पुत्र कजोड मल ने घटना की सूचना हल्का पटवारी व सरपंच ग्राम विकास अधिकारी को दी है। उन्होंने प्रशासन से आग से हुई क्षति की भरपाई के लिए त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार की मदद की अपील की है। हल्का पटवारी ने बताया है कि खसरा नम्बर 297 खातेदार भूमि मे छप्परपोश कच्चा घर मे रहता था उपस्थित लोगों ने बताया कि रात को अज्ञात कर्म से पूरे छप्परपोश में आग लग गई जिससे से हजारों रुपए का नुकसान हो गया
- दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित बड़े महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर आज महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । श्रद्धालुओं महिलाओं ने लाल व पीले वस्त्रों में दिखाई दी भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, गंगाजल अर्पण तथा बिल्व पत्र इत्र चढ़ाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और परिवार की शुभमंगलकामनाए की गई। मंदिर परिसरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। दिनभर “हर-हर महादेव”और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा एवं । कई स्थानों पर युवाओं महिलाएं द्वारा भव्य शिव बारात व ज़ेगड निकाली गई, जिसमें भगवान शिव की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। रात्रि जागरण में गूंजे शिव भजन महाशिवरात्रि की रात्रि को विभिन्न मंदिरों एवं सामुदायिक स्थलों पर भव्य रात्रि जागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय भजन मंडलियों और कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शिव भजन प्रस्तुत किए। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर भजनों पर नृत्य किया। ग्रामीणों द्वारा कई कई जगह पर , फलाहार एवं चाय-पानी की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए युवाओं और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया। सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश पर्व के अवसर पर समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ दर्शन और पूजा-अर्चना में शामिल हुए। महाशिवरात्रि ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी प्रेम को बढ़ाते हैं। पंडित विष्णु पाराशर ने बताया कि महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए इसे शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था और सृष्टि के संचालन की शक्ति का प्रदर्शन किया था। एक अन्य मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। इसी स्मरण में भक्त उपवास रखकर रात्रि जागरण करते हैं। महाशिवरात्रि पर व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और रात्रि में चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त इस दिन संयम, तप और भक्ति के माध्यम से आत्मशुद्धि और मोक्ष की कामना करते हैं। कुंडल एवं आसपास के क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पर्व देर रात तक भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में सराबोर नजर आया।2
- उपखंड क्षेत्र सैंथल में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिरों में विशेष सजावट की गई तथा शिवलिंग पर जल, दूध एवं बेलपत्र अर्पित किए गए। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन एवं रात्रि जागरण का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वातावरण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गुंजायमान रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना की इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को भांग,धतूरे, गाजर,बैर, गेहूं की बाल, विवाह जेगड, सहित कई मिठाईयों के भोग लगाएं गए और श्रद्धालुओं का मानना है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रशासन द्वारा भी मंदिरों के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस प्रकार पूरे उपखंड क्षेत्र में स्थित शिवालयों में महाशिवरात्रि का पर्व शिव अनुष्ठान व रुद्राभिषेक कर आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।5
- नई नाथ धाम मंदिर में दो दिवसीय मेले का हुआ आयोजन कलाकारों ने सजाई फूल बंगले की झांकी, झांकी देखकर श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध, बस्सी(जयपुर ग्रामीण), बस्सी क्षेत्र स्थित नई नाथ धाम मंदिर में धार्मिक आयोजन और दो दिवसीय मेले की शुरुआत हुई। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़, रोशनी और भजनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा तथा दूर-दराज से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। शनिवार रात जयपुर से आए कलाकारों ने बाबा भोलेनाथ की फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पुजारी प्रहलाद नाथ के नेतृत्व में विधि-विधान से रात्रिकालीन पूजा, आरती और प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर परिसर को चारों ओर से विशेष डेकोरेशन और विद्युत सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे रात में पूरा धाम जगमगा उठा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बस्सी पुलिस प्रशासन के एसीपी विनय डी एच के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन बस्सी के साथ तूंगा, कानोता, जटवाड़ा, बांसखोह और जयपुर से आई पुलिस टीमों ने मोर्चा संभाला। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गणेश मोड़ पर ही वाहनों को रोककर पार्किंग की व्यवस्था की गई तथा यातायात को सुचारू रखा गया। नई नाथ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष रामनारायण मीणा ने बताया कि करीब 5 लाख से अधिक संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और प्रसाद, माला, भांग, धतूरा, बुहारी व बैंगन चढ़ाकर परिवार की सुख-शांति की कामना की। महिलाओं ने कलश चढ़ाए, वहीं नवविवाहित जोड़ों ने भी दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शनिवार रात विभिन्न धर्मशालाओं में कलाकारों द्वारा रंगारंग भजन संध्या आयोजित की गई, जहां देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। जगह-जगह समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं के लिए चाय, शिकंजी, दूध, शरबत, भोजन व फल की व्यवस्था की। इस अवसर पर नई नाथ महादेव फाउंडेशन ने नई नाथ धाम को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया। आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।इस मौके पर नई नाथ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष रामनारायण मीणा, रायसिंह गुजर, सीताराम पंचोलीमहामंत्री, महेश चंद टेलर, रामनारायण कोटोत्या, बाबूलाल मीणा उपाध्यक्ष, गिर्राज शर्मा, ओमप्रकाश बुसर, रामजीलाल प्रजापति, मंगलनाथ योगी, गिर्राज पोसवाल गुर्जर समाज तहसील अध्यक्ष बस्सी,बजरंग लाल बोहरा उपाध्यक्ष, व समस्त टीम के सदस्य व नई नाथ सेवा ट्रस्ट टीम द्वारा भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की गई इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष रामनारायण मीणा ने पुलिस प्रशासन व मीडियाकर्मी योगेश कुमार गुप्ता व सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया यह मेला शांतिपूर्ण भरा इसी के साथ ही अलवर भरतरी से आए बालकनाथ महाराज द्वारा चौथी बार विशाल भंडारा का आयोजन किया व रमेश नाथ योगी, रामसहाय हलवाई सिंगपुरा कल्लावास द्वारा श्रद्धालुओं के लिए दूध की रबड़ी की कुल्फी वितरित की गई जगह जगह पार्किंग व्यवस्था की गई जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई4
- बांदीकुई । खाटू श्याम जी के दर्शन कर लौट रहे युवकों कीकर अनबैलेंस होकर सड़क की दूसरी तरफ जाकर पेड़ और खेत के चारों ओर गडे पोल से टकराकर दूसरी दिशा में घूम गई , लोगों ने बताया कार में सवार सभी युवक से सकुशल है1
- बांदीकुई।। में महाशिवरात्रि पर भक्ति की बयार, शिवमय हुआ शहर भोलेनाथ सेवा समिति का भव्य आयोजन माचीवाल सहारा बगीची में बाबा भोलेनाथ को लगेगा 200 किलो गाजर के हलवे का विशेष भोग श्रद्धालुओं के लिए 200 किलो हलवे का प्रसाद वितरण,विशेष पूजा-अर्चना, सामूहिक आरती और भजन संध्या का आयोजन,शहर के शिवालयों में आकर्षक सजावट और रोशनी दिनभर जलाभिषेक, रातभर जागरण और भक्ति कार्यक्रम,लवली सोनी ने दी आयोजन की जानकारी,समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील1
- लालसोट में महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, श्रद्धा के साथ हुई पूजा-अर्चना महाशिवरात्रि पर्व पर लालसोट सहित आसपास क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन कर सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मंदिरों में “ॐ नमः शिवाय” हर हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।2
- लालसोट उपखंड के बस स्टैंड स्थित वार्ड नंबर 30 पहाड़ी वाली भोमिया जी महाराज की मंदिर परिसर में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर पर निवर्तमान सभापति पिंकी चौधरी ने की पूजा अर्चना प्रदेश के खुशहाली की कामना इस दौरान आचार्य अभय शर्मा, दीपक शर्मा द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद शिव मंदिर पर पूजा अर्चना कराई गई इस दौरान समाजसेवी सोनू बिनोरी, मोनू परीक्षित, पूर्व वार्ड पार्षद कमलेश सैनी, छुटन सैनी, राजेश सैनी, प्रकाश सैनी, मुकेश सैनी, शाहिद अनेक भक्तगण रहे मौजूद। वही लालसोट के सभी शिवालय में आज शिवरात्रि के मौके पर भक्तों की सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। मंदिरों को विशेष फूलों से सजाया गया। सारे दिन भोले की जयकारों से भोले की जयकारों से सारा वातावरण गुंजमान होता रहा।3
- दौसा। ग्राम पंचायत जौपाडा के खोखला की ढाणी मे शनिवार को रात्री में एक छप्परपोश कच्चे घरों में आग लग गई। इस घटना में घरो में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके छप्परपोश कच्चे घरों में अज्ञात कारणों से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में रखा 5 बोरी अनाज,50 मन तुडा कपड़े, दैनिक उपयोग का सामान और कुछ 50 हजार रूपये नगद पैसे पूरी तरह जल गए। परिवार के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। आग की लपटें उठती देख गांव के सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे बाद आग को फैलने से रोका गया। पीड़ित भोमाराम पुत्र कजोड मल ने घटना की सूचना हल्का पटवारी व सरपंच ग्राम विकास अधिकारी को दी है। उन्होंने प्रशासन से आग से हुई क्षति की भरपाई के लिए त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार की मदद की अपील की है। हल्का पटवारी ने बताया है कि खसरा नम्बर 297 खातेदार भूमि मे छप्परपोश कच्चा घर मे रहता था उपस्थित लोगों ने बताया कि रात को अज्ञात कर्म से पूरे छप्परपोश में आग लग गई जिससे से हजारों रुपए का नुकसान हो गया2