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एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन घायलों का इलाज लोडबुधा में चल रहा है।
ऋतिक कुमार रौशन
एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन घायलों का इलाज लोडबुधा में चल रहा है।
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- जन-संवाददाता प्रतिनिधि ने 70वीं BPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई दी है। यह शुभकामना संदेश उन सभी उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी जगह बनाई है।1
- रविवार को गोगरी थाना परिसर में मोहर्रम पर्व के संबंध में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी जगहों से अखाड़ों के खलीफा, जनप्रतिनिधि सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।4
- गोगरी थाना परिसर में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार शाम पांच बजे एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता गोगरी थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने की। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों से मुहर्रम के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई। थाना अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार, एसआई अवंती कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल, भाजपा नेता नीतीश कुमार, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मायाराम मंडल, वार्ड पार्षद रुस्तम अली, पार्षद मोहम्मद शेखावत सहित कई जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने तथा प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का संकल्प लिया।1
- क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण लिमिटेड ने सूक्ष्म ऋण से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया है।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में एक व्यवसायी रमेश मालाकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। 45 वर्षीय व्यवसायी का शव सिनेमा हॉल चौक के पास स्थित उनके गोदाम में पंखे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, और मृतक की पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक रमेश मालाकार मूल रूप से पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के सरस्वती वार्ड संख्या-3 के निवासी थे। वह पिछले डेढ़ वर्ष से अपने परिवार के साथ मुरलीगंज में रह रहे थे और दुकान तथा ठेला व्यवसाय चलाते थे। शनिवार रात करीब 11 बजे उनकी पत्नी विभा देवी और बड़े पुत्र ने उन्हें खाना खिलाया था, जिसके बाद वह अपने कमरे पर लौट गए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रात में सब कुछ सामान्य था और किसी भी प्रकार की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था। हालांकि, रविवार तड़के करीब 3 बजे जब उनका दूसरा पुत्र दुकान की ओर गया, तो उसने पिता को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गोदाम के अंदर रमेश मालाकार का शव पंखे से लटका हुआ देखा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पत्नी विभा देवी ने दावा किया है कि उनके पति का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन व्यवसाय से जुड़े लेन-देन के कारण कुछ लोगों का पैसा बकाया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके पति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया है। विभा देवी ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले उनकी दुकान से लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के बर्तनों की चोरी भी हुई थी, जिससे परिवार पहले से ही परेशान था। घटना की सूचना मिलने के बाद मुरलीगंज थाना पुलिस, थाना अध्यक्ष नुरुल हक के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मौत आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, मुरलीगंज क्षेत्र में इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।4
- हेमजापुर की निवासी श्रेया पटेल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही वह बीडीओ (खंड विकास पदाधिकारी) के पद पर चयनित हुई हैं।1
- शुक्रवार को सहरसा जिले के सौर बाजार थाना परिसर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक सौर बाजार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण के साथ-साथ थाना क्षेत्र के जन प्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी शामिल हुए। बैठक में अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण ने मोहर्रम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसे मुख्य रूप से 680 ईसवी में इराक के कर्बला में हजरत इमाम हुसैन तथा उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। इमाम हुसैन, जो पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे, यजीद की सेना के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध खड़े हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप 10 मोहर्रम के दिन उन्हें और उनके 72 साथियों को शहीद कर दिया गया था। अंचलाधिकारी ने मोहर्रम को शोक, आत्मचिंतन और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा का महीना बताया। इस अवसर पर, थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। बैठक में मौजूद थाना क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके इलाके में हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के सभी पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं, और इसी परंपरा के अनुसार मोहर्रम भी शांतिपूर्वक संपन्न होगा।1
- बैजनाथपुर चौक के मधेपुरा रोड पर हल्की बारिश होते ही सड़क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इस बदहाली के कारण अब तक कई ई-रिक्शा चालक और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के बार-बार के वादों के बावजूद, वर्षों बीत जाने पर भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। दुकानदारों ने बताया कि संवेदकों द्वारा दर्जनों बार यह कहकर सड़क से मिट्टी हटाई गई कि अगले दिन से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील हो गया है और जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके साथ ही, नालों की ऊंचाई इतनी अधिक कर दी गई है कि सड़कों पर भरा पानी नालों में भी नहीं जाता, जिससे लोगों को आवागमन में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी, कई वरीय अधिकारियों या स्थानीय सांसद-विधायक द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण नहीं किया जाना है, तो सड़क से मिट्टी हटाना भी उचित नहीं है। उनका तर्क है कि मिट्टी हटाने से सड़क की गहराई और बढ़ जाती है, जिसका नतीजा यह होता है कि हल्की बारिश में भी पूरा सड़क मार्ग जलमग्न हो जाता है। लोगों को वर्षों से बैजनाथपुर चौक के उद्धार का इंतजार है।1