मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में एक व्यवसायी रमेश मालाकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। 45 वर्षीय व्यवसायी का शव सिनेमा हॉल चौक के पास स्थित उनके गोदाम में पंखे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, और मृतक की पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक रमेश मालाकार मूल रूप से पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के सरस्वती वार्ड संख्या-3 के निवासी थे। वह पिछले डेढ़ वर्ष से अपने परिवार के साथ मुरलीगंज में रह रहे थे और दुकान तथा ठेला व्यवसाय चलाते थे। शनिवार रात करीब 11 बजे उनकी पत्नी विभा देवी और बड़े पुत्र ने उन्हें खाना खिलाया था, जिसके बाद वह अपने कमरे पर लौट गए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रात में सब कुछ सामान्य था और किसी भी प्रकार की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था। हालांकि, रविवार तड़के करीब 3 बजे जब उनका दूसरा पुत्र दुकान की ओर गया, तो उसने पिता को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गोदाम के अंदर रमेश मालाकार का शव पंखे से लटका हुआ देखा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पत्नी विभा देवी ने दावा किया है कि उनके पति का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन व्यवसाय से जुड़े लेन-देन के कारण कुछ लोगों का पैसा बकाया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके पति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया है। विभा देवी ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले उनकी दुकान से लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के बर्तनों की चोरी भी हुई थी, जिससे परिवार पहले से ही परेशान था। घटना की सूचना मिलने के बाद मुरलीगंज थाना पुलिस, थाना अध्यक्ष नुरुल हक के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मौत आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, मुरलीगंज क्षेत्र में इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में एक व्यवसायी रमेश मालाकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। 45 वर्षीय व्यवसायी का शव सिनेमा हॉल चौक के पास स्थित उनके गोदाम में पंखे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, और मृतक की पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक रमेश मालाकार मूल रूप से पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के सरस्वती वार्ड संख्या-3 के निवासी थे। वह पिछले डेढ़ वर्ष से अपने परिवार के साथ मुरलीगंज में रह रहे थे और दुकान तथा ठेला व्यवसाय चलाते
थे। शनिवार रात करीब 11 बजे उनकी पत्नी विभा देवी और बड़े पुत्र ने उन्हें खाना खिलाया था, जिसके बाद वह अपने कमरे पर लौट गए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रात में सब कुछ सामान्य था और किसी भी प्रकार की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था। हालांकि, रविवार तड़के करीब 3 बजे जब उनका दूसरा पुत्र दुकान की ओर गया, तो उसने पिता को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गोदाम के अंदर रमेश मालाकार का शव पंखे से लटका हुआ देखा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पत्नी विभा देवी
ने दावा किया है कि उनके पति का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन व्यवसाय से जुड़े लेन-देन के कारण कुछ लोगों का पैसा बकाया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके पति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया है। विभा देवी ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले उनकी दुकान से लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के बर्तनों की चोरी भी हुई थी, जिससे परिवार पहले से ही परेशान था। घटना की
सूचना मिलने के बाद मुरलीगंज थाना पुलिस, थाना अध्यक्ष नुरुल हक के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मौत आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, मुरलीगंज क्षेत्र में इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में एक व्यवसायी रमेश मालाकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। 45 वर्षीय व्यवसायी का शव सिनेमा हॉल चौक के पास स्थित उनके गोदाम में पंखे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, और मृतक की पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक रमेश मालाकार मूल रूप से पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के सरस्वती वार्ड संख्या-3 के निवासी थे। वह पिछले डेढ़ वर्ष से अपने परिवार के साथ मुरलीगंज में रह रहे थे और दुकान तथा ठेला व्यवसाय चलाते थे। शनिवार रात करीब 11 बजे उनकी पत्नी विभा देवी और बड़े पुत्र ने उन्हें खाना खिलाया था, जिसके बाद वह अपने कमरे पर लौट गए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रात में सब कुछ सामान्य था और किसी भी प्रकार की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था। हालांकि, रविवार तड़के करीब 3 बजे जब उनका दूसरा पुत्र दुकान की ओर गया, तो उसने पिता को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गोदाम के अंदर रमेश मालाकार का शव पंखे से लटका हुआ देखा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पत्नी विभा देवी ने दावा किया है कि उनके पति का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन व्यवसाय से जुड़े लेन-देन के कारण कुछ लोगों का पैसा बकाया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके पति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया है। विभा देवी ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले उनकी दुकान से लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के बर्तनों की चोरी भी हुई थी, जिससे परिवार पहले से ही परेशान था। घटना की सूचना मिलने के बाद मुरलीगंज थाना पुलिस, थाना अध्यक्ष नुरुल हक के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मौत आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, मुरलीगंज क्षेत्र में इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।4
- Post by Hira kumar1
- जन-संवाददाता प्रतिनिधि ने 70वीं BPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई दी है। यह शुभकामना संदेश उन सभी उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी जगह बनाई है।1
- कुमारखंड प्रखंड के सिकरहट्टी गांव की बेली जीविका समूह की सदस्य किरण कुमारी ने जीविका द्वारा संचालित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के तहत ऋण लेकर अपने फल-सब्जी व्यवसाय का शुभारंभ किया। शनिवार को उन्होंने अपने घर पर इस दुकान की शुरुआत की, जिसे स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। इस स्वरोजगार से किरण कुमारी की आय में वृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण परिलक्षित होगा। जीविका बीपीएम मनोज कुमार ने फीता काटकर दुकान का उद्घाटन किया और इस अवसर पर जीविका द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारोन्मुखी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से जीविका निधि बैंक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी स्थापना जीविका दीदियों को सुगम और त्वरित ऋण प्रदान करने के लिए की गई है। इस बैंक के माध्यम से उद्यमी दीदियों को बिना किसी कागजी कार्यवाही के, पूर्ण रूप से डिजिटल तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उनकी उद्यमशीलता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इस कार्यक्रम में जीविका के भीआरपी अखिलेश कुमार और राजेश कुमार सहित कई अन्य जीविका दीदी व ग्रामीण उपस्थित थे, जो जीविका से जुड़कर महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का प्रतीक है।1
- सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के निर्मली बाजार, कटैया, थुमहा, रामनगर, तुला पट्टी सहित दर्जनों ग्रामीण हाटों में सरकार द्वारा स्वास्थ्य कारणों से प्रतिबंधित चैना-मुगरी मछली खुलेआम बेची जा रही है। हाटों में मछली बेच रहे दुकानदारों ने खुद स्वीकार किया है कि वे वर्षों से इस मछली को बेचते आ रहे हैं और ग्राहक भी इसे खरीदते हैं। सरकार ने इस मछली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है क्योंकि इसमें हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके सेवन से त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके बावजूद व्यापारी बिना किसी रोक-टोक के इसे बेच रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रतिबंधित मछली की खुली बिक्री पर कोई कार्रवाई नहीं होना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है। लोगों ने जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग से मांग की है कि हाटों में औचक छापेमारी कर प्रतिबंधित मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में, सुपौल के मत्स्य पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि चैना-मुगरी मछली पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है और जहां कहीं भी यह बेची जा रही है, उन लोगों के ऊपर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा नवहट्टा पश्चिमी मंडल ने 'करो योग, रहो निरोग' के संकल्प के साथ नवहट्टा के असय पुनर्वास में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ता टुनटुन पासवान के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बी. एन. सहनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग गुरु ब्रजकिशोर झा के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास किया। मंडल उपाध्यक्ष सोहन दास और वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार साह सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का विज्ञान है, जिसे सभी को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने शनिवार को मधेपुरा दौरे के दौरान राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'परिमार्जन', 'जमाबंदी' और 'म्यूटेशन' के नाम पर जनता से अवैध उगाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह तथा भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि विभाग का कार्यभार संभाले उन्हें अभी करीब 30 दिन ही हुए हैं, और इतने कम समय में ही 60 से अधिक अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार करने वालों का “बिना दर्द वाला ट्रीटमेंट” शुरू हो चुका है, और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आम नागरिकों को 'परिमार्जन', 'जमाबंदी', 'म्यूटेशन' और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, और उन्हें बिना रिश्वत के समय पर सेवाएं मिल सकें, इसके लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है। मंत्री ने साफ किया कि जनता के साथ अन्याय करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभाग में अब कोई जगह नहीं है, और जवाबदेही तय करते हुए ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।2
- बैजनाथपुर चौक के मधेपुरा रोड पर हल्की बारिश होते ही सड़क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इस बदहाली के कारण अब तक कई ई-रिक्शा चालक और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के बार-बार के वादों के बावजूद, वर्षों बीत जाने पर भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। दुकानदारों ने बताया कि संवेदकों द्वारा दर्जनों बार यह कहकर सड़क से मिट्टी हटाई गई कि अगले दिन से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील हो गया है और जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके साथ ही, नालों की ऊंचाई इतनी अधिक कर दी गई है कि सड़कों पर भरा पानी नालों में भी नहीं जाता, जिससे लोगों को आवागमन में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी, कई वरीय अधिकारियों या स्थानीय सांसद-विधायक द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण नहीं किया जाना है, तो सड़क से मिट्टी हटाना भी उचित नहीं है। उनका तर्क है कि मिट्टी हटाने से सड़क की गहराई और बढ़ जाती है, जिसका नतीजा यह होता है कि हल्की बारिश में भी पूरा सड़क मार्ग जलमग्न हो जाता है। लोगों को वर्षों से बैजनाथपुर चौक के उद्धार का इंतजार है।1