अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा नवहट्टा पश्चिमी मंडल ने 'करो योग, रहो निरोग' के संकल्प के साथ नवहट्टा के असय पुनर्वास में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ता टुनटुन पासवान के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बी. एन. सहनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग गुरु ब्रजकिशोर झा के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास किया। मंडल उपाध्यक्ष सोहन दास और वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार साह सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का विज्ञान है, जिसे सभी को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा नवहट्टा पश्चिमी मंडल ने 'करो योग, रहो निरोग' के संकल्प के साथ नवहट्टा के असय पुनर्वास में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ता टुनटुन पासवान के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बी. एन. सहनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग गुरु ब्रजकिशोर झा के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास किया। मंडल उपाध्यक्ष सोहन दास और वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार साह सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का विज्ञान है, जिसे सभी को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
- बी एन सहनीनौहट्टा, सहरसा, बिहारआभार 🙏2 hrs ago
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा नवहट्टा पश्चिमी मंडल ने 'करो योग, रहो निरोग' के संकल्प के साथ नवहट्टा के असय पुनर्वास में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ता टुनटुन पासवान के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बी. एन. सहनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग गुरु ब्रजकिशोर झा के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास किया। मंडल उपाध्यक्ष सोहन दास और वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार साह सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का विज्ञान है, जिसे सभी को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत कासीमपुर पंचायत के निवासियों ने अपने प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को स्थायी रूप से वहीं संचालित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने और अनशन पर बैठ गए हैं। इससे पहले, नवहट्टा मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना और संचालन की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने लगभग आठ दिनों तक सड़क पर प्रदर्शन किया था, जिसमें आमरण अनशन और भूख हड़ताल भी शामिल थी। यह आंदोलन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद समाप्त हुआ था। कासीमपुर पंचायत के लोगों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद, उन्होंने भी डिग्री कॉलेज के समर्थन में अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। पंचायतवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित यह डिग्री कॉलेज कासीमपुर पंचायत के लिए स्वीकृत किया गया था, लेकिन अब उसे किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। धरना पर बैठे लोगों का आरोप है कि उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है और उनके क्षेत्र को मिलने वाली शैक्षणिक सुविधा छीनने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक डिग्री कॉलेज को कासीमपुर पंचायत में ही स्थापित और संचालित करने की लिखित घोषणा नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- महिषी थाना परिसर में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया।1
- दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।1
- दरभंगा जिले के कुशेस्वर अस्थान उप-जिले में, ग्यासपुर SH 56 से ब्राह्मअस्थान तक एक पक्की सड़क के निर्माण की अपील की गई है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी है और वे तत्काल निर्माण कार्य की मांग कर रहे हैं।1
- बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान स्थित कछुआ गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक ट्रक की चपेट में आने से बाबाजी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जैसे ही शव गांव पहुँचा, वहां कोहराम मच गया।1
- शुक्रवार को सहरसा जिले के सौर बाजार थाना परिसर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक सौर बाजार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण के साथ-साथ थाना क्षेत्र के जन प्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी शामिल हुए। बैठक में अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण ने मोहर्रम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसे मुख्य रूप से 680 ईसवी में इराक के कर्बला में हजरत इमाम हुसैन तथा उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। इमाम हुसैन, जो पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे, यजीद की सेना के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध खड़े हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप 10 मोहर्रम के दिन उन्हें और उनके 72 साथियों को शहीद कर दिया गया था। अंचलाधिकारी ने मोहर्रम को शोक, आत्मचिंतन और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा का महीना बताया। इस अवसर पर, थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। बैठक में मौजूद थाना क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके इलाके में हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के सभी पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं, और इसी परंपरा के अनुसार मोहर्रम भी शांतिपूर्वक संपन्न होगा।1
- बैजनाथपुर चौक के मधेपुरा रोड पर हल्की बारिश होते ही सड़क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इस बदहाली के कारण अब तक कई ई-रिक्शा चालक और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के बार-बार के वादों के बावजूद, वर्षों बीत जाने पर भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। दुकानदारों ने बताया कि संवेदकों द्वारा दर्जनों बार यह कहकर सड़क से मिट्टी हटाई गई कि अगले दिन से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील हो गया है और जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके साथ ही, नालों की ऊंचाई इतनी अधिक कर दी गई है कि सड़कों पर भरा पानी नालों में भी नहीं जाता, जिससे लोगों को आवागमन में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी, कई वरीय अधिकारियों या स्थानीय सांसद-विधायक द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण नहीं किया जाना है, तो सड़क से मिट्टी हटाना भी उचित नहीं है। उनका तर्क है कि मिट्टी हटाने से सड़क की गहराई और बढ़ जाती है, जिसका नतीजा यह होता है कि हल्की बारिश में भी पूरा सड़क मार्ग जलमग्न हो जाता है। लोगों को वर्षों से बैजनाथपुर चौक के उद्धार का इंतजार है।1