दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।
दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।
- दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।1
- मुंबई में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ 2026) के दौरान विश्व सिनेमा के भविष्य की एक अनूठी झलक देखने को मिली। इस महोत्सव में जर्मनी की प्रतिष्ठित फिल्म अकादमी बाडेन-वुर्टेमबर्ग जीएमबीएच की दस पुरस्कार विजेता छात्र फिल्मों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों ने अपनी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।3
- मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक लड़की लगभग 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़की ने यह गंभीर कदम पारिवारिक विवाद और डांट-फटकार से आहत होकर उठाया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और लड़की की उचित काउंसलिंग भी कराई जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा नवहट्टा पश्चिमी मंडल ने 'करो योग, रहो निरोग' के संकल्प के साथ नवहट्टा के असय पुनर्वास में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ता टुनटुन पासवान के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बी. एन. सहनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग गुरु ब्रजकिशोर झा के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास किया। मंडल उपाध्यक्ष सोहन दास और वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार साह सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का विज्ञान है, जिसे सभी को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष कृष्ण साह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- बिहार के मधुबनी जिले में बिस्फी थाना क्षेत्र के ईटहरवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मृतका के पति के कथित प्रेम संबंधों को भी इस हत्या की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत कासीमपुर पंचायत के निवासियों ने अपने प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को स्थायी रूप से वहीं संचालित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने और अनशन पर बैठ गए हैं। इससे पहले, नवहट्टा मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना और संचालन की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने लगभग आठ दिनों तक सड़क पर प्रदर्शन किया था, जिसमें आमरण अनशन और भूख हड़ताल भी शामिल थी। यह आंदोलन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद समाप्त हुआ था। कासीमपुर पंचायत के लोगों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद, उन्होंने भी डिग्री कॉलेज के समर्थन में अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। पंचायतवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित यह डिग्री कॉलेज कासीमपुर पंचायत के लिए स्वीकृत किया गया था, लेकिन अब उसे किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। धरना पर बैठे लोगों का आरोप है कि उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है और उनके क्षेत्र को मिलने वाली शैक्षणिक सुविधा छीनने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक डिग्री कॉलेज को कासीमपुर पंचायत में ही स्थापित और संचालित करने की लिखित घोषणा नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- मधुबनी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने नीट परीक्षा को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं कि किसी भी स्थिति में कदाचार न हो। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि नीट परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।1