Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर पिछले 443 दिनों से बकाया वेतन के लिए कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर 'अराफात ग्रुप' का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित भुगतान नहीं हुआ, तो वे फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। 4200 मजदूरों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
Ahmed Siraj Farooqi
राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर पिछले 443 दिनों से बकाया वेतन के लिए कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर 'अराफात ग्रुप' का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित भुगतान नहीं हुआ, तो वे फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। 4200 मजदूरों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- कोटा: मस्टरोल में बिना हाजरी लगाए फर्जी तरीके से करवाया जा रहा काम ग्राम पंचायत गैंता का मामला, मनरेगा मजदूरों ने किया क प्रदर्शन इटावा/ कोटा। ग्राम पंचायत गैंता में मनरेगा मजदूरों ने मेट द्वारा हाजिरी नहीं लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कीरपुरिया रोड पर रामबाबू के खेत से नदी तक ग्रेवल मिट्टी खुदाई का काम सौंपा गया, लेकिन मस्टरोल में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। मजदूरों ने बताया कि 5 मई से चल रहे इस कार्य में मेट जमनाशंकर द्वारा ऑनलाइन फोटो खींचकर भी हाजिरी दर्ज नहीं की जा रही है। बुधवार को भी फर्जी तरीके से मजदूरों से काम करवाया गया, लेकिन मस्टरोल में हाजिरी नहीं लगाई गई। दो दिनों से लगातार इस समस्या का सामना कर रहे मजदूरों ने कहा कि मेट काम तो पूरा करवा रहा है, लेकिन हाजिरी नहीं लगा रहा। राज्य सरकार पर लगाया मजदूर-विरोधी होने का आरोप मजदूरों ने राज्य सरकार और वी बी जी राम जी की मनरेगा नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का कड़वा सच यही है कि काम करवाया जाता है, लेकिन मजदूरों का हिसाब नहीं रखा जाता। उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी मजदूरों ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन से बार-बार मस्टरोल में हाजिरी दर्ज करवाने की मांग की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी हाजिरी दर्ज नहीं की गई तो वे उपखंड कार्यालय इटावा में प्रदर्शन करेंगे। मजदूरों की मांग है कि मेट जमनाशंकर की जिम्मेदारी तय की जाए और उनकी लंबित हाजिरी तुरंत दर्ज कर उनकी मजदूरी सुनिश्चित की जाए।4
- कोटा के लाडपुरा में राधे-गोविंदा के भजनों पर भक्त भाव-विभोर होकर झूम उठे। विश्वास और प्रेम भाव में डूबे श्रद्धालु नाचते-गाते हुए नज़र आए।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने कोटा-बूंदी प्रवास के दौरान शक्तिनगर में जनसुनवाई कर क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए, जिस पर मौके पर ही कार्रवाई शुरू हुई।1
- राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो गई है, जिससे मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और स्किल आधारित शिक्षा पर जोर रहेगा। इसके तहत पहली बार 8 नए संकायों की स्थापना हुई है, जो राज्य में तकनीकी शिक्षा के स्वरूप को बदलेगी।1
- कोटा विकास प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को जवाहर नगर और रंगबाड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चले अभियान में ठेले-थड़ियां, सार्वजनिक शौचालय के पास की बाधाएं और सड़क सीमा पर बनी एक दीवार हटाई गई।1
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, धार्मिक नाम वाली ईंटों का उपयोग घर निर्माण में शुभ नहीं माना जाता है। ऐसी ईंटें घर की ऊर्जा और पवित्रता को असंतुलित कर वास्तु दोष उत्पन्न कर सकती हैं। इसलिए इन्हें मंदिर में रखना उचित है और निर्माण में सादी ईंटों का ही प्रयोग करना चाहिए।1
- कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। परिवार वालों का आरोप है कि सर्जरी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से ऐसे हालात बने हैं। यह पूरा मामला न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का है। सर्जरी के बाद महिलाओं का यूरिन बंद हो गया। किडनी में इन्फेक्शन के साथ ही अचानक BP लो हो गया था। सभी महिलाओं को 5 मई की रात 10 बजे के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में शिफ्ट किया गया था। हॉस्पिटल में गायनिक (Gynecologist) की दो यूनिट हैं। पांचों प्रसूता अलग-अलग यूनिट में भर्ती हुई थीं। सभी प्रसूताओं की ऑपरेशन के 7-8 घंटे बाद तबीयत बिगड़ने लगी थी। पहले ब्लड प्रेशर कम होने लगा था। रागिनी की सर्जरी 4 मई की सुबह 11.45 बजे हुई थी। सुशीला को 3 मई को हॉस्पिटल लाया गया था। 4 मई की शाम 6 बजे उसका ऑपरेशन किया गया था। धन्नी को 4 मई को हॉस्पिटल लाया गया था, उसी दिन शाम 5 बजे ऑपरेशन हुआ। ज्योति को 4 मई को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। सर्जरी के बाद ब्लीडिंग होने लगी धन्नी के भाई कुशाल सुमन ने बताया- सर्जरी के बाद पेशेंट को ब्लीडिंग होने लगी थी। ब्लड भी चढ़ाया गया। बावजूद इसके मरीज की हालत बिगड़ती गई। आंखें पीली होने लगी थीं। अब भी संतोषजनक सुधार नहीं हुआ है। मेडिकल बोर्ड का गठन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी मीणा ने बताया कि महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया है। इलाज के लिए बोर्ड का गठन किया है। इसमें सर्जन, एनेस्थीसिया गायनिक, फिजिशियन नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ शामिल हैं। इन महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया गया… 1. रागिनी (29) पत्नी लोकेश मीणा, निवासी झाड़ोल, इटावा, कोटा 2. सुशीला (35) पत्नी ओमप्रकाश, बरडा बस्ती, कोटा 3. चंद्र कला पत्नी राकेश, काकरिया, करवार, कोटा 4. धन्नी पत्नी मोहन लाल, संजय नगर, कोटा 5. ज्योति (20) पत्नी रवि, क्रेसर बस्ती, अनंतपुरा, कोटा1
- राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर पिछले 443 दिनों से बकाया वेतन के लिए कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर 'अराफात ग्रुप' का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित भुगतान नहीं हुआ, तो वे फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। 4200 मजदूरों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।4
- कोटा विकास प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को शहर के जवाहर नगर और कृष्णा नगर रंगबाड़ी क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़क किनारे से ठेले-थड़ियां हटाई गईं और अवैध रूप से बनी दीवारें तोड़कर रास्ते खोले गए।1