मानदेय न मिलने से टीबी जांच का काम ठप, नरसिंहपुर कलेक्टर ने लिखा पत्र मानदेय न मिलने से टीबी जांच का काम ठप, नरसिंहपुर कलेक्टर ने लिखा पत्र एंकर / मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में टीबी मरीजों की जांच और देखभाल से जुड़ी अहम सेवाएं ठप हो गई हैं। जिले की कलेक्टर रजनी सिंह ने इस गंभीर स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन संचालक, डॉ. सलोनी सिदाना को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। मामला 'राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम' से जुड़ा है। इसमें टीबी मरीजों की मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य केंद्रों से स्पूटम (बलगम) सैंपल जांच केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इंदौर की एजेंसी 'साईं आशीष हेल्थ केयर मैनेजमेंट' को दी गई थी। लेकिन एजेंसी द्वारा कार्यरत कर्मचारियों को फरवरी 2026 से मानदेय नहीं दिया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 6 जुलाई 2026 से अपना काम पूरी तरह बंद कर दिया है। कलेक्टर ने पत्र में स्पष्ट चेताया है कि टीबी एक गंभीर और अधिसूच्य बीमारी है। सैंपल ट्रांसपोर्टेशन रुकने से मरीजों की पहचान और इलाज में रुकावट आ रही है, जो मरीजों की जान के लिए घातक साबित हो सकता है। कलेक्टर ने मिशन संचालक को आदेश किया की एजेंसी को कर्मचारियों का रुका हुआ मानदेय तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द दोबारा शुरू हो सकें।
मानदेय न मिलने से टीबी जांच का काम ठप, नरसिंहपुर कलेक्टर ने लिखा पत्र मानदेय न मिलने से टीबी जांच का काम ठप, नरसिंहपुर कलेक्टर ने लिखा पत्र एंकर / मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में टीबी मरीजों की जांच और देखभाल से जुड़ी अहम सेवाएं ठप हो गई हैं। जिले की कलेक्टर रजनी सिंह ने इस गंभीर स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन संचालक, डॉ. सलोनी सिदाना को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा
है। मामला 'राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम' से जुड़ा है। इसमें टीबी मरीजों की मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य केंद्रों से स्पूटम (बलगम) सैंपल जांच केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इंदौर की एजेंसी 'साईं आशीष हेल्थ केयर मैनेजमेंट' को दी गई थी। लेकिन एजेंसी द्वारा कार्यरत कर्मचारियों को फरवरी 2026 से मानदेय नहीं दिया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 6 जुलाई 2026 से अपना काम पूरी तरह बंद कर दिया है। कलेक्टर ने पत्र में स्पष्ट
चेताया है कि टीबी एक गंभीर और अधिसूच्य बीमारी है। सैंपल ट्रांसपोर्टेशन रुकने से मरीजों की पहचान और इलाज में रुकावट आ रही है, जो मरीजों की जान के लिए घातक साबित हो सकता है। कलेक्टर ने मिशन संचालक को आदेश किया की एजेंसी को कर्मचारियों का रुका हुआ मानदेय तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द दोबारा शुरू हो सकें।
- पखांजूर-गुडुम पहाड़ में जुटा अस्था का सैलाब 44 गांवों समेत क ई राज्यों से पहुचे आदिवासी समाज के लोग1
- नरसिंहपुर जिले के ग्राम नंदवाड़ा में दिखा 10 फीट लंबा अजगर, ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत नरसिंहपुर नरसिंहपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नंदवाड़ा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां लगभग 10 फीट लंबा एक विशाल अजगर देखा गया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और खासकर मवेशी चराने वालों में भारी दहशत का माहौल है। कैसे सामने आया मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नंदवाड़ा में कुछ ग्रामीण और बकरी पालक अपनी बकरियों को चराने के लिए जंगल व ग्रामीण इलाकों की तरफ गए हुए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक बड़े अजगर पर पड़ी, जो वहां आराम की मुद्रा में बैठा हुआ था। अचानक इतने बड़े सांप को देखकर बकरी चराने वाले डर गए और तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों की चिंता और डर घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने जाकर देखा तो लगभग 10 फीट का भारी-भरकम अजगर वहां मौजूद था। बकरी चराने वालों और किसानों का कहना है कि इस इलाके में उनका रोज आना-जाना होता है। लोग अपनी बकरियों और अन्य मवेशियों को चराने के लिए यहीं लाते हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि: इलाके में अजगर की मौजूदगी से बड़ा खतरा पैदा हो गया है। मवेशियों (बकरियों, गायों) के साथ-साथ इंसानों की जान को भी गंभीर खतरा है। यदि समय रहते वन विभाग या सर्पमित्रों द्वारा इस अजगर का रेस्क्यू नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी या दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों से तुरंत संज्ञान लेने तथा सुरक्षित तरीके से अजगर को पकड़कर घने जंगल में छोड़ने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।1
- EXPRESS MP CG NEWS1
- नरसिंहपुर - समर्थन मूल्य पर खरीदी मूंग किसानों का रुका भुगतान,किसानों ने अपर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन प्रदेश में सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी की हैं जिसका भुगतान लंबित होने की वजह से किसानों ने नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट पहुँचकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा और जल्द भुगतान करवाने की मांग की किसानों का कहना हैं की पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सामने अपनी बात रखने से रोका हैं जिसके बाद मामूली धक्का मुक्की ही वही अपर कलेक्टर ने कहा कि किसानों के द्वारा मूंग के भुगतान करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा हैं वही लगातार पेमेंट किया जा रहा कुछ जगह ट्रांसपोटेशन बच गया जिसके कारण विलंब हो रहा सीघ्र निराकरण कर दिया जाएगा1
- चाकू-तलवारबाजों का पुलिस ने निकाला जूलूस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई रहेगी जारी - पुलिस1
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- झांसी घाट पर प्रतिदिन गूंजता मां नर्मदा का जयघोष, महाआरती बनी आस्था का केंद्र झांसी घाट पर प्रतिदिन गूंजता मां नर्मदा का जयघोष, महाआरती बनी आस्था का केंद्र गोटेगांव। झांसी घाट पर मां नर्मदा की भक्ति का अनूठा वातावरण प्रतिदिन देखने को मिल रहा है। श्री मां रेवा सेवा समिति, झांसी घाट के तत्वावधान में प्रतिदिन शाम 7 बजे मां नर्मदा जी की महाआरती का आयोजन किया जाता है। नियमित रूप से हो रही इस महाआरती ने अब क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना ली है। शाम होते ही झांसी घाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। महाआरती के समय मां नर्मदा के जयकारों, शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा घाट भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु मां नर्मदा का विधिवत पूजन-अर्चन कर आरती में शामिल होते हैं और सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं। प्रतिदिन श्रद्धा के साथ हो रहा आयोजन समिति के सदस्यों के अनुसार मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव को समर्पित यह आयोजन प्रतिदिन पूरी भक्ति एवं धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न किया जाता है। महाआरती में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा नगर से भी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी पहुंचते हैं। घाट पर होने वाला यह नियमित धार्मिक आयोजन लोगों को आध्यात्मिक शांति और मां नर्मदा की भक्ति से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। समिति के सदस्य निभा रहे सक्रिय भूमिका महाआरती के नियमित आयोजन में अरविंद पटेल (मैनेजर), सम्राट मिश्रा, संतोष वर्मन, रूपेंद्र नामदेव, गोपाल मल्लाह, अरविंद (ठाकुर साब), उदित मिश्रा, सिद्धू वर्मन, प्रिंस वर्मन, परी वर्मन, दिलीप, तेजीलाल, हेमंत, राजकुमार, शिवकुमार सहित समिति के अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति सदस्यों ने धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रतिदिन शाम 7 बजे झांसी घाट पहुंचकर मां नर्मदा की महाआरती में सहभागी बनें और मां रेवा की भक्ति एवं आराधना का धर्मलाभ अर्जित करें1
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