श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस पर दिनभर आने-जाने वाले यात्रियों, मित्रों और मेहमानों के लिए बेहतर बैठने और आराम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक बताया गया है। इस संदर्भ में, एक मजबूत और आरामदायक पलंग बनवाने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि यह न केवल दुकान की शोभा बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों को विश्राम करने में भी सहायता करेगा। यह भी रेखांकित किया गया कि अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी या अन्य मजबूत सामग्री से बना पलंग लंबे समय तक टिकाऊ और उपयोगी रहेगा। बल्लू टी स्टॉल हमेशा सेवा, सहयोग और अपनत्व की भावना से लोगों की मदद करता रहा है, और इस पहल को दुकान पर आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर सुविधा और आराम प्रदान करने वाली सोच के रूप में सराहा गया है। इस पूरी भावना को 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मुसाफिरों की सुविधा ही सबसे बड़ा सम्मान' के दर्शन से प्रेरित बताया गया है।
श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस पर दिनभर आने-जाने वाले यात्रियों, मित्रों और मेहमानों के लिए बेहतर बैठने और आराम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक बताया गया है। इस संदर्भ में, एक मजबूत और आरामदायक पलंग बनवाने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि यह न केवल दुकान की शोभा बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों को विश्राम करने में भी सहायता करेगा। यह भी रेखांकित किया गया कि अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी या अन्य मजबूत सामग्री से बना पलंग लंबे समय तक टिकाऊ और उपयोगी रहेगा। बल्लू टी स्टॉल हमेशा सेवा, सहयोग और अपनत्व की भावना से लोगों की मदद करता रहा है, और इस पहल को दुकान पर आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर सुविधा और आराम प्रदान करने वाली सोच के रूप में सराहा गया है। इस पूरी भावना को 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मुसाफिरों की सुविधा ही सबसे बड़ा सम्मान' के दर्शन से प्रेरित बताया गया है।
- श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस पर दिनभर आने-जाने वाले यात्रियों, मित्रों और मेहमानों की सुविधा और आराम के लिए एक मजबूत और आरामदायक पलंग की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यह पलंग न केवल दुकान की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर आगंतुकों को विश्राम करने में भी सहायक होगा। इसके लिए अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी या मजबूत सामग्री से बना पलंग लंबे समय तक टिकाऊ और उपयोगी रहेगा। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर हमेशा सेवा, सहयोग और अपनत्व की भावना के साथ लोगों की मदद करने में विश्वास रखता है। दुकान पर आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर सुविधा और आराम मिले, यह सोच बेहद सराहनीय है। इसी भावना के साथ, यह कहा गया है कि "सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मुसाफिरों की सुविधा ही सबसे बड़ा सम्मान।"1
- आज, 24/06/2026 को, करौली कलेक्ट्रेट के सभागार में पांचना बांध से जुड़े मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस बैठक में दोनों संबंधित पक्ष उपस्थित हैं। इसी दिन, खडीप में एक महा रैली में भी उपस्थिति दर्ज की गई थी।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा थाना परिसर में मोहर्रम पर्व से पूर्व सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठक का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में सीएलजी सदस्यों सहित आमजन मौजूद रहे।2
- मोरैना के कैलारस स्थित शासकीय कॉलेज में आयोजित भोज यूनिवर्सिटी की एम.ए. और एम.एससी. फाइनल परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की पुष्टि करने वाले वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिनमें परीक्षार्थी एक-दूसरे की कॉपी देखकर लिखते हुए स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन परीक्षाओं में न केवल मध्य प्रदेश से, बल्कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी छात्र शामिल होने के लिए कैलारस पहुँच रहे हैं। नकल के इस मामले के सामने आने के बाद, परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष और कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के खंडीप में पिछले 20 दिनों से चल रही किसान महापंचायत बुधवार को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। यह महापंचायत पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। आंदोलन के अंतिम दिन हजारों किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप दे दिया। किसानों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने घोषणा की कि अगले छह दिनों के भीतर, यानि 1 जुलाई तक, पांचना बांध का पानी नहरों के माध्यम से कमांड क्षेत्र तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यह पानी न केवल खरीफ बल्कि रबी फसल के लिए भी उपलब्ध होगा। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो वह स्वयं पांचना बांध पर जाकर किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। उन्होंने खंडीप की जनता और पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उनके अनुशासन, एकता, धैर्य और संघर्ष की सराहना की, जिसने सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। महापंचायत में दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा कि पांचना बांध के पानी का विवाद लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन उन्होंने इतना व्यापक और जनभागीदारी वाला आंदोलन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे जनभावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से किसानों की मांग मानने की अपील की। गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा ने किसानों से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व पर भरोसा रखने की बात कही और आश्वस्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि किसानों के साथ खड़े हैं और नहरों में पानी लाकर रहेंगे। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने किसानों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया, क्योंकि अब समाधान का रास्ता खुल चुका है और जल्द ही नहरों में पानी पहुंचने तथा वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का विश्वास जताया। सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने इस आंदोलन को किसानों का बताते हुए कहा कि पांचना बांध एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका पानी किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। बामनवास विधायक इन्द्रा मीणा, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्र पाल मीणा और वरिष्ठ किसान नेता भागचंद सैनी ने भी महापंचायत को संबोधित किया। महापंचायत समिति ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि, किसानों की निगाहें अब 1 जुलाई पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा तक नहरों में पानी पहुंचता है, तो यह आंदोलन क्षेत्र के इतिहास में किसानों की एक बड़ी जीत के रूप में दर्ज होगा। वहीं, यदि आश्वासन पूरा नहीं होता है, तो किसानों ने पुनः संघर्ष की चेतावनी भी दी है।1
- 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। साइबर अपराध को अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के तहत, मुरैना जिले के कैलारस स्थित पुलिस थाना प्रभारी सत्येंद्र कुशवाहा ने जनता को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस पर दिनभर आने-जाने वाले यात्रियों, मित्रों और मेहमानों के लिए बेहतर बैठने और आराम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक बताया गया है। इस संदर्भ में, एक मजबूत और आरामदायक पलंग बनवाने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि यह न केवल दुकान की शोभा बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों को विश्राम करने में भी सहायता करेगा। यह भी रेखांकित किया गया कि अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी या अन्य मजबूत सामग्री से बना पलंग लंबे समय तक टिकाऊ और उपयोगी रहेगा। बल्लू टी स्टॉल हमेशा सेवा, सहयोग और अपनत्व की भावना से लोगों की मदद करता रहा है, और इस पहल को दुकान पर आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर सुविधा और आराम प्रदान करने वाली सोच के रूप में सराहा गया है। इस पूरी भावना को 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मुसाफिरों की सुविधा ही सबसे बड़ा सम्मान' के दर्शन से प्रेरित बताया गया है।1
- मध्य प्रदेश के मगरदा ग्राम पंचायत में एक मादा चीता ने खुले आसमान के नीचे एक बकरी का शिकार किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें पास खड़े ग्रामीण यह दृश्य अपने मोबाइल में कैद करते दिख रहे हैं। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मगरदा ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है।1