उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत चुनाव में देरी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को अगले चुनाव होने तक प्रशासक बनाए रखने का आदेश जारी किया है। इस बड़े फैसले के बाद राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है। सरकार का पक्ष है कि जब तक ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है और सरकार को घेरने में जुटा है। अब यह पूरा विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से इस फैसले के कानूनी आधार पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, पंचायत चुनाव में हो रही इस देरी और सरकार के इस नए फैसले का साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी संभावित असर पड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत चुनाव में देरी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को अगले चुनाव होने तक प्रशासक बनाए रखने का आदेश जारी किया है। इस बड़े फैसले के बाद राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है। सरकार का पक्ष है कि जब तक ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है और सरकार को घेरने में जुटा है। अब यह पूरा विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से इस फैसले के कानूनी आधार पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, पंचायत चुनाव में हो रही इस देरी और सरकार के इस नए फैसले का साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी संभावित असर पड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- Rammurti Yadavबिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश🤝20 hrs ago
- एटा शहर के पटियाली गेट स्थित बापू विद्या मंदिर स्कूल में पिछले 15 साल से जमी प्रधानाचार्य तिलक मुस्तफा की दबंगई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधानाचार्य कक्षा 2 की एक छात्रा की टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) लेने पहुंचे अभिभावक के साथ सरेआम अभद्रता करती हुई दिखाई दे रही हैं। इसी वायरल वीडियो में स्कूल की एक अन्य शिक्षिका स्कूल की सीट पर ही सोते हुए नजर आ रही है, जिससे स्कूल की बदहाली साफ उजागर हो रही है। प्रधानाचार्य तिलक मुस्तफा के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। स्थानीय सभासद द्वारा पूर्व में भी कई बार प्रधानाचार्य तिलक मुस्तफा की शिकायत सीधे डीएम और बीएसए से की गई है। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि बापू विद्या मंदिर स्कूल की पूरी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य के पति साजिद अली संभाल रहे हैं। साजिद अली करीब एक वर्ष पूर्व ही प्रधानाचार्य पद से रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन बीएसए कार्यालय से लेकर स्कूल तक की सारी जिम्मेदारी वही संभाल रहे हैं।1
- एटा के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्कूली वाहनों में निर्धारित मानकों और यातायात नियमों का पालन कराने के साथ ही डैश कैम (कैमरा) लगवाने के कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए साफ किया कि बच्चों के जीवन के साथ किसी भी दशा में खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्कूली वाहनों में आपातकालीन निकासी, मेडिकल किट, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस ट्रैकर और फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधकों को अपने यहां समिति गठित करने, वाहन चालकों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने, बच्चों को विद्यालय परिसर के अंदर ही उतारने व चढ़ाने और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल न भेजने के संबंध में अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देशों का अनुपालन न करने वाले स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी गई है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने प्रवर्तन दलों द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में अवगत कराया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य व वाहन संचालक उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद अंतर्गत विकास खंड सौरिख के तुलसीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन योजना की बदहाली का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के नेता आलोक यादव ने इस विद्यालय का दौरा कर जब छात्र-छात्राओं से बातचीत की, तो व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां उजागर हुईं। बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाला दूध और फल नियमित रूप से नहीं दिया जाता है, और कई बच्चों को तो एक भी दिन यह सुविधा नहीं मिली है। इसके अलावा, छात्रों ने बताया कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं आते हैं, जिसके कारण उन्हें सुबह मुख्य गेट पर लाइन लगाकर काफी देर तक शिक्षकों का इंतजार करना पड़ता है और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सपा नेता आलोक यादव ने कहा कि बच्चों को पोषण और शिक्षा के लिए दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ न मिलना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी शिक्षकों व जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है, ताकि बच्चों के अधिकारों का हनन रोका जा सके और योजनाओं का पारदर्शी संचालन सुनिश्चित हो सके।3
- इटावा जिले के जसवंतनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत कैस्त सहित कई गांवों में लाखों रुपये की लागत से बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कर्मचारियों के अभाव में शोपीस बने हुए हैं। इन केंद्रों पर मशीनें और ढांचा पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कनेक्शन, ट्रांसफार्मर, पेयजल व्यवस्था और रखरखाव के अभाव के कारण यह लाखों की सरकारी संपत्ति पूरी तरह बेकार पड़ी हुई है। इस बदहाली के मामले में एडीओ (पंचायत) देवेंद्र पाल ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में अवैध रूप से बढ़ाए गए लोड, ईंधन अधिभार और अघोषित बिजली कटौती आदि को समाप्त करने की मांग को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक पांच सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। व्यापार मंडल ने अपनी इन पांच प्रमुख मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर में मॉडल तहसील परिसर में भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 'देश बचाओ मोर्चा' और 'भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र)' के बैनर तले एकजुट हुए किसानों ने प्रदर्शन के बाद तहसीलदार अभिजीत गौरव को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का स्पष्ट कहना है कि इस फ्री ट्रेड समझौते के लागू होने से किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं की गई, तो आने वाले समय में एक बड़ा और उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सनी माधव, प्रतीक यादव, सोबरन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राम अवतार, अवधेश और अजीत कुमार समेत कई किसान मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में हुए एक रूह कंपा देने वाले मर्डर का पुलिस ने महज़ 10 घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली। पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की खौफनाक मौत की पूरी पटकथा रची थी और इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज़ 10 घंटों के अंदर ही इस पूरे रूह कंपा देने वाले मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।1