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उत्तर प्रदेश के इटावा में हुए एक रूह कंपा देने वाले मर्डर का पुलिस ने महज़ 10 घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली। पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की खौफनाक मौत की पूरी पटकथा रची थी और इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज़ 10 घंटों के अंदर ही इस पूरे रूह कंपा देने वाले मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।
देवेन्द्र सिंह
उत्तर प्रदेश के इटावा में हुए एक रूह कंपा देने वाले मर्डर का पुलिस ने महज़ 10 घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली। पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की खौफनाक मौत की पूरी पटकथा रची थी और इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज़ 10 घंटों के अंदर ही इस पूरे रूह कंपा देने वाले मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।
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- संजय कुमार सिंह ने इटावा के मुख्य विकास अधिकारी के पद पर अपना चार्ज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अपनी सबसे पहली प्राथमिकता भी स्पष्ट कर दी है। संजय कुमार सिंह का कहना है कि सरकार की हर योजना को जनपद के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनकी सबसे पहली वरीयता रहेगी।1
- इटावा के जसवंतनगर में मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज (ससंघ) के आगामी प्रस्तावित 2 अगस्त को होने वाले नगर प्रवेश और चातुर्मास-2026 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जैन समाज के अनुसार, मुनि श्री लगभग 900 किलोमीटर का पदविहार कर रांची से जसवंतनगर पहुंच रहे हैं। उनके भव्य स्वागत के लिए पूरे नगर में स्वागत द्वार, टेंट और अन्य तमाम तरह की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच, चातुर्मास प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को थानाध्यक्ष कमल भाटी से भेंट की। समिति के सदस्यों ने थानाध्यक्ष को समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान समिति ने मुनि श्री के नगर प्रवेश के दौरान सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर थानाध्यक्ष ने उन्हें हरसंभव पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव के चलते एक सभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि 'एस पी साहब हम भूलने वालों में से नहीं है, हम दोस्ती भी अच्छी निभाते हैं और दुश्मनी भी अच्छी निभाते हैं।'1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद असंवेदनशील तस्वीर सामने आई है। सुरपुरा थाना क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई एक महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण पीड़िता रात 1 बजे से सुबह तक, करीब 7 घंटे तक जांच के लिए भटकती रही। अस्पताल में महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते पीड़िता को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा और कॉल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रश्मि गुप्ता को कई बार कॉल करने पर भी वे अस्पताल नहीं पहुंचीं। यह मामला तब गरमाया जब इसकी शिकायत सीधे कलेक्टर से की गई, जिनके हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्टाफ को तैनात किया गया। वहीं, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- औरैया जिले के थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी में कूदकर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना के संबंध में औरैया के पुलिस अधीक्षक द्वारा बाईट जारी कर जानकारी दी गई है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बड़ा संदेश दिया है। इस पहल के तहत एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक ने सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।3
- औरैया में मृतक डॉ. सौरभ वाजपेयी की मौत के मामले में उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. सौरभ के चाचा राजीव बाजपेयी, जय करण वाजपेयी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉ. सौरभ ने अपनी मृत्यु से पहले वीडियो में जिन बातों का उल्लेख किया था, वही वास्तविकता है और उनकी मौत के लिए पूरा अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार है। परिजनों का आरोप है कि डॉ. सौरभ को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें रहने के लिए उचित कमरा नहीं दिया गया और कई बार अनुरोध करने के बावजूद कमरा बदलने की अनुमति नहीं मिली। जब उन्होंने खुद कमरा बदलने का प्रयास किया, तो अस्पताल से जुड़े डॉ. सर्वेश सिंह ने उनके साथ अभद्रता की, उन्हें थप्पड़ मारा और गला दबाने की भी कोशिश की। इस घटना से वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह, डॉ. सर्वेश सिंह और गौरव सिंह लगातार कई दिनों से डॉ. सौरभ का उत्पीड़न कर रहे थे और समय पर वेतन न मिलने के कारण उन पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बना हुआ था। घटना से पहले डॉ. सौरभ के पिता ने अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह से फोन पर बात कर बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि “हमने अपना बेटा आपको सौंपा है, वह हमें सुरक्षित चाहिए।” उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनका बेटा सुरक्षित नहीं मिला। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि यदि वे डॉ. सौरभ की बातों की गंभीरता को पहले समझ पाते, तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर पूरा विश्वास जताया है और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- इटावा के जसवंतनगर स्थित चौ. सुघर सिंह महाविद्यालय को "सीएसजेएमयू-आईबीएम बीओबी हैक्स-2026" एआई इनोवेशन हैकाथॉन के लिए जनपद का नोडल केंद्र बनाया गया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर और आईबीएम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर गुरुवार को महाविद्यालय में एक विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में विद्यार्थियों से इस एआई हैकाथॉन में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की गई। विश्वविद्यालय के विकास परिषद के निदेशक राजेश कुमार द्विवेदी और इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार, अनुसंधान, समस्या समाधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसमें तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों ही संकायों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, इच्छुक प्रतिभागी 22 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद 25 से 31 जुलाई तक जोनल प्रतियोगिताओं का दौर चलेगा, जबकि प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 12 और 13 अगस्त को कानपुर में आयोजित किया जाएगा। महाविद्यालय में हुई इस बैठक के दौरान कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बृजेश चंद्र यादव, प्रबंध निदेशक अनुज (मोंटी) यादव और निदेशक डॉ. संदीप पांडेय समेत कई शिक्षक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।1