इटावा के जसवंतनगर में मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज (ससंघ) के आगामी प्रस्तावित 2 अगस्त को होने वाले नगर प्रवेश और चातुर्मास-2026 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जैन समाज के अनुसार, मुनि श्री लगभग 900 किलोमीटर का पदविहार कर रांची से जसवंतनगर पहुंच रहे हैं। उनके भव्य स्वागत के लिए पूरे नगर में स्वागत द्वार, टेंट और अन्य तमाम तरह की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच, चातुर्मास प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को थानाध्यक्ष कमल भाटी से भेंट की। समिति के सदस्यों ने थानाध्यक्ष को समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान समिति ने मुनि श्री के नगर प्रवेश के दौरान सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर थानाध्यक्ष ने उन्हें हरसंभव पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया है।
इटावा के जसवंतनगर में मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज (ससंघ) के आगामी प्रस्तावित 2 अगस्त को होने वाले नगर प्रवेश और चातुर्मास-2026 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जैन समाज के अनुसार, मुनि श्री लगभग 900 किलोमीटर का पदविहार कर रांची से जसवंतनगर पहुंच रहे हैं। उनके भव्य स्वागत के लिए पूरे नगर में स्वागत द्वार, टेंट और अन्य तमाम तरह की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच, चातुर्मास प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को थानाध्यक्ष कमल भाटी से भेंट की। समिति के सदस्यों ने थानाध्यक्ष को समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान समिति ने मुनि श्री के नगर प्रवेश के दौरान सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर थानाध्यक्ष ने उन्हें हरसंभव पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया है।
- इटावा के जसवंतनगर में मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज (ससंघ) के आगामी प्रस्तावित 2 अगस्त को होने वाले नगर प्रवेश और चातुर्मास-2026 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जैन समाज के अनुसार, मुनि श्री लगभग 900 किलोमीटर का पदविहार कर रांची से जसवंतनगर पहुंच रहे हैं। उनके भव्य स्वागत के लिए पूरे नगर में स्वागत द्वार, टेंट और अन्य तमाम तरह की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच, चातुर्मास प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को थानाध्यक्ष कमल भाटी से भेंट की। समिति के सदस्यों ने थानाध्यक्ष को समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान समिति ने मुनि श्री के नगर प्रवेश के दौरान सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर थानाध्यक्ष ने उन्हें हरसंभव पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया है।1
- इटावा जनपद में भक्तों ने भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली। "हरे कृष्णा हरे कृष्णा" संकीर्तन की गूंज से पूरा इटावा शहर भक्ति में विभोर रहा। इस भगवान जगन्नाथ यात्रा के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सिंह और सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव के चलते एक सभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि 'एस पी साहब हम भूलने वालों में से नहीं है, हम दोस्ती भी अच्छी निभाते हैं और दुश्मनी भी अच्छी निभाते हैं।'1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद असंवेदनशील तस्वीर सामने आई है। सुरपुरा थाना क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई एक महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण पीड़िता रात 1 बजे से सुबह तक, करीब 7 घंटे तक जांच के लिए भटकती रही। अस्पताल में महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते पीड़िता को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा और कॉल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रश्मि गुप्ता को कई बार कॉल करने पर भी वे अस्पताल नहीं पहुंचीं। यह मामला तब गरमाया जब इसकी शिकायत सीधे कलेक्टर से की गई, जिनके हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्टाफ को तैनात किया गया। वहीं, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र के अंतर्गत नगला अनी गांव में बिजली की केबल डालने को लेकर हुए विवाद और उसके बाद विकास कुमार नामक युवक की मौत के मामले में अब आरोपी पक्ष पहली बार खुलकर सामने आया है। मुख्य आरोपी के परिजनों और खुद को चश्मदीद बताने वाले लोगों ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखते हुए दावा किया है कि इस पूरे मामले में निर्दोष लोगों को फंसाया गया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव और वोट बैंक की राजनीति के चलते उनके परिवार के कई नाबालिग बच्चों तक को हत्या और एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में नामजद कर दिया गया है। मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह की पत्नी सरिता ने घटना का ब्योरा देते हुए दावा किया कि विवाद वाले दिन उनका 11 वर्षीय बेटा पिंटू बिजली की केबल डालने गया था, तभी छोटेलाल जाटव और उनके परिजनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बेटे को बचाने पहुंचे जितेंद्र सिंह पर भी हमला किया गया। सरिता का आरोप है कि दूसरी तरफ से कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया, जिससे उनके परिवार के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका इलाज कराया गया। सरिता ने यह भी बड़ा दावा किया कि जिस विकास कुमार की बाद में मौत हुई, वह घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, विकास पेशे से राजमिस्त्री का काम करता था और कुछ समय पहले काम के दौरान ऊंचाई से गिरकर घायल हो गया था, जिसका इलाज भी चला था। उन्होंने कहा कि 3 जुलाई की घटना के वीडियो में भी विकास कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। घटना के प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले गांव के ही सत्यपाल सिंह ने भी सरिता के दावों का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि जितेंद्र का बेटा पिंटू केवल केबल डालने गया था, जहां कहासुनी के बाद दूसरी ओर से लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी गई। सत्यपाल ने भी विकास कुमार के पहले से घायल होने की बात दोहराई और मुकदमे में नाबालिगों को नामजद किए जाने की निष्पक्ष जांच की मांग की। गौरतलब है कि नगला अनी गांव में केबल डालने के विवाद के बाद एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया है। आरोपी पक्ष का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन जांच केवल आरोपों के नहीं बल्कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष को सजा न मिले।1
- इटावा के जसवंतनगर स्थित चौ. सुघर सिंह महाविद्यालय को "सीएसजेएमयू-आईबीएम बीओबी हैक्स-2026" एआई इनोवेशन हैकाथॉन के लिए जनपद का नोडल केंद्र बनाया गया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर और आईबीएम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर गुरुवार को महाविद्यालय में एक विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में विद्यार्थियों से इस एआई हैकाथॉन में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की गई। विश्वविद्यालय के विकास परिषद के निदेशक राजेश कुमार द्विवेदी और इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार, अनुसंधान, समस्या समाधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसमें तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों ही संकायों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, इच्छुक प्रतिभागी 22 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद 25 से 31 जुलाई तक जोनल प्रतियोगिताओं का दौर चलेगा, जबकि प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 12 और 13 अगस्त को कानपुर में आयोजित किया जाएगा। महाविद्यालय में हुई इस बैठक के दौरान कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बृजेश चंद्र यादव, प्रबंध निदेशक अनुज (मोंटी) यादव और निदेशक डॉ. संदीप पांडेय समेत कई शिक्षक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।1
- आगरा के खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां रात के समय डॉक्टर नदारद होने के कारण एक घायल मरीज तड़पता रहा। थाना क्षेत्र में मारपीट में घायल हुए एक व्यक्ति को देर रात उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन आरोप है कि उस समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। गंभीर रूप से घायल पीड़ित के मुंह और नाक से लगातार खून बहता रहा और उसके परिजन डॉक्टर की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण घायल की हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज में इस तरह की देरी से किसी भी मरीज की जान जा सकती थी। इस घोर लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी में रात में डॉक्टरों के गायब रहने की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी ऐसी शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं। लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि खंदौली सीएचसी में रात्रिकालीन ड्यूटी पर डॉक्टरों की अनिवार्य मौजूदगी सुनिश्चित की जाए और इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में फिर किसी मरीज की जान खतरे में न पड़े।1