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इटावा जिले के जसवंतनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत कैस्त सहित कई गांवों में लाखों रुपये की लागत से बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कर्मचारियों के अभाव में शोपीस बने हुए हैं। इन केंद्रों पर मशीनें और ढांचा पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कनेक्शन, ट्रांसफार्मर, पेयजल व्यवस्था और रखरखाव के अभाव के कारण यह लाखों की सरकारी संपत्ति पूरी तरह बेकार पड़ी हुई है। इस बदहाली के मामले में एडीओ (पंचायत) देवेंद्र पाल ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
M. Janib -Jaswant Nagar
इटावा जिले के जसवंतनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत कैस्त सहित कई गांवों में लाखों रुपये की लागत से बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कर्मचारियों के अभाव में शोपीस बने हुए हैं। इन केंद्रों पर मशीनें और ढांचा पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कनेक्शन, ट्रांसफार्मर, पेयजल व्यवस्था और रखरखाव के अभाव के कारण यह लाखों की सरकारी संपत्ति पूरी तरह बेकार पड़ी हुई है। इस बदहाली के मामले में एडीओ (पंचायत) देवेंद्र पाल ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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- उत्तर प्रदेश के इटावा में अवैध रूप से बढ़ाए गए लोड, ईंधन अधिभार और अघोषित बिजली कटौती आदि को समाप्त करने की मांग को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक पांच सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। व्यापार मंडल ने अपनी इन पांच प्रमुख मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
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- शासन और प्रशासन से गरीबों और दलितों को न्याय के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। इस संवेदनशील स्थिति पर तीखा आक्रोश जताते हुए सीधे सवाल उठाया गया है कि आखिर यह कैसा राम राज्य है जहां समाज के गरीब और दलित वर्ग को न्याय पाने के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सीधे पीएमओ इंडिया (PMO India) को भी इंगित किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में छावनी परिषद कार्यालय में जमीन विवाद को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। यह पूरा मामला बालूगंज के चार राहत क्षेत्र की जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जहां विरोध दर्ज कराने के लिए महिलाओं ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। इस कदम के कारण अचानक कार्यालय परिसर में पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान मौके पर मौजूद महिला कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए महिलाओं को पकड़कर संभाला। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बाल्टियों से पानी डालकर एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया। घटना के वक्त मौके पर सभी कर्मचारी मौजूद रहे और इस पूरे मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।4
- उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर में मॉडल तहसील परिसर में भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 'देश बचाओ मोर्चा' और 'भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र)' के बैनर तले एकजुट हुए किसानों ने प्रदर्शन के बाद तहसीलदार अभिजीत गौरव को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का स्पष्ट कहना है कि इस फ्री ट्रेड समझौते के लागू होने से किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं की गई, तो आने वाले समय में एक बड़ा और उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सनी माधव, प्रतीक यादव, सोबरन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राम अवतार, अवधेश और अजीत कुमार समेत कई किसान मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में हुए एक रूह कंपा देने वाले मर्डर का पुलिस ने महज़ 10 घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली। पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की खौफनाक मौत की पूरी पटकथा रची थी और इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज़ 10 घंटों के अंदर ही इस पूरे रूह कंपा देने वाले मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।1