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बिहार: जेल में बंद बच्चें अपने मां से कहती है रोना नहीं मां रोना नहीं!

7 hrs ago
user_BP NEWS (ALL INDIA)
BP NEWS (ALL INDIA)
मेहरमा, गोड्डा, झारखंड•
7 hrs ago

बिहार: जेल में बंद बच्चें अपने मां से कहती है रोना नहीं मां रोना नहीं!

More news from झारखंड and nearby areas
  • पीरपैंती के रिफतपुर में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का जर्जर व्यवस्था रहने के कारण ग्रामीणों ने किया विरोध
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    पीरपैंती के रिफतपुर में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का जर्जर व्यवस्था रहने के कारण ग्रामीणों ने किया विरोध
    user_रिपोर्टर- संजीव कुमार [ग्लोबल
    रिपोर्टर- संजीव कुमार [ग्लोबल
    Local News Reporter मेहरमा, गोड्डा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • बिहार: जेल में बंद बच्चें अपने मां से कहती है रोना नहीं मां रोना नहीं!
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    बिहार: जेल में बंद बच्चें अपने मां से कहती है रोना नहीं मां रोना नहीं!
    user_BP NEWS (ALL INDIA)
    BP NEWS (ALL INDIA)
    मेहरमा, गोड्डा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का भव्य आगाज़ हो चुका है। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व का शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट से किया। "हर-हर महादेव... बोल बम!" विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का भव्य आगाज़ हो चुका है। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व का शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट से किया। पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और कई बड़ी विकास योजनाओं के ऐलान के साथ मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को कई अहम सौगातें भी दीं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'श्रावणी मेला ऐप' लॉन्च किया और कांवरिया पथ पर बने सेवा शिविर का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भागलपुर और सुल्तानगंज के विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, अजगैबीनाथ से अगुवानी घाट तक रोप-वे, भागलपुर-मुंगेर गंगा पथ (मरीन ड्राइव), अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल, सुल्तानगंज-देवघर फोरलेन सड़क, नई रेललाइन, डॉल्फिन पर्यटन, गंगा पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक टाउनशिप जैसी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ तेजी से काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं से बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सुरक्षित यात्रा करें, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्वच्छता बनाए रखते हुए इस पावन यात्रा को सफल बनाएं। श्रद्धा, भक्ति और विकास के संदेश के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ हो चुका है। अब करोड़ों शिवभक्त सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक पवित्र गंगाजल लेकर पदयात्रा करेंगे। प्रशासन ने भी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि हर कांवरिया की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।
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    विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का भव्य आगाज़ हो चुका है। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व का शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट से किया। 
"हर-हर महादेव... बोल बम!"
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का भव्य आगाज़ हो चुका है। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व का शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट से किया। पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और कई बड़ी विकास योजनाओं के ऐलान के साथ मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को कई अहम सौगातें भी दीं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'श्रावणी मेला ऐप' लॉन्च किया और कांवरिया पथ पर बने सेवा शिविर का भी उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भागलपुर और सुल्तानगंज के विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, अजगैबीनाथ से अगुवानी घाट तक रोप-वे, भागलपुर-मुंगेर गंगा पथ (मरीन ड्राइव), अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल, सुल्तानगंज-देवघर फोरलेन सड़क, नई रेललाइन, डॉल्फिन पर्यटन, गंगा पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक टाउनशिप जैसी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ तेजी से काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं से बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सुरक्षित यात्रा करें, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्वच्छता बनाए रखते हुए इस पावन यात्रा को सफल बनाएं।
श्रद्धा, भक्ति और विकास के संदेश के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ हो चुका है। अब करोड़ों शिवभक्त सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक पवित्र गंगाजल लेकर पदयात्रा करेंगे। प्रशासन ने भी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि हर कांवरिया की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।
    user_Nibraj alam
    Nibraj alam
    Social Media Manager Kahalgaon, Bhagalpur•
    1 hr ago
  • अब तक की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ / छात्रों पर हुए हमले का हिसाब दो अमित शाह जवाब दो 👆 इंकलाब जिंदाबाद। हिंदुस्तान ज़िंदाबाद 🇮🇳 ✍️👆🤣😀🤣.🔥🔥💯 हमारे पेज को फॉलो करें / सच को आवाज जनता के साथ 🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏
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    अब तक की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ /
छात्रों पर हुए हमले का हिसाब दो
अमित शाह जवाब दो 👆
इंकलाब जिंदाबाद। 
हिंदुस्तान ज़िंदाबाद 🇮🇳
✍️👆🤣😀🤣.🔥🔥💯
हमारे पेज को फॉलो करें /
 सच को आवाज जनता के साथ 
🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏
    user_Abhishek ranjan C E O
    Abhishek ranjan C E O
    Court reporter कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    6 hrs ago
  • संसद में गरजे निशिकांत दुबे, नेहरू पर दिया बड़ा बयान! वायरल
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    संसद में गरजे निशिकांत दुबे, नेहरू पर दिया बड़ा बयान! वायरल
    user_BHOLA KUMAR
    BHOLA KUMAR
    Local News Reporter Kahalgaon, Jamālpur•
    6 hrs ago
  • Skyroot को बधाईयाँ देते हुए, भारत के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी
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    Skyroot को बधाईयाँ देते हुए, भारत के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी
    user_CAppu NEWS
    CAppu NEWS
    Advertising Photographer महागामा, गोड्डा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • यह उड़ीसा के पास अच्छा बारिश हुआ है ऊपर वाले से दुआ करो कि बिहार में भी पानी पड़े और किसानों के खेतों में पानी हो उड़ीसा में दवा के बारिश गिरा हर एक खेत से पानी ऊपर से निकल रहा है सामान खेतों में पानी भर गया नदी नाले सब उफान पर हे
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    यह उड़ीसा के पास अच्छा बारिश हुआ है ऊपर वाले से दुआ करो कि बिहार में भी पानी पड़े और किसानों के खेतों में पानी हो
उड़ीसा में दवा के बारिश गिरा हर एक खेत से पानी ऊपर से निकल रहा है सामान खेतों में पानी भर गया नदी नाले सब उफान पर हे
    user_Md Jahangir
    Md Jahangir
    कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    12 min ago
  • असम में बाढ़ की भयानक स्तिथि बनी हुई हैं क्या सरकार के सभी वादे फैल हो रही हैं? 2021 में गृह मंत्री अमित शाह का यह वादा आज 2026 में असम की डूबती हकीकत पर सबसे बड़ा सवाल है। तारीखें बदल गईं, पर असम का दर्द नहीं बदला। आखिर कब तक खोखले वादों की कीमत जनता अपनी जान देकर चुकाएगी?🤔 असम में बाढ़ से हाहाकार मचा है। चराइदेव और शिवसागर समेत कई जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग संकट में हैं और इस सीजन में 68 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री के अनुसार 20% से 25% प्रभावित इलाके आज भी प्रशासनिक पहुँच से पूरी तरह बाहर हैं। करीब 80,000 लोग सुदूर गाँवों में छतों पर भूखे-प्यासे मदद का इंतज़ार कर रहे हैं। कटे हुए इलाकों में खाना गिराने के लिए इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स फेल साबित हुए। आपदा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी स्तर पर दम तोड़ रहे हैं। सरकार हर साल इसे 'प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौती' बताकर पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन सच यह है कि यह वार्षिक प्रशासनिक विफलता है। फरवरी 2026 की चुनावी रैलियों में इस वादे को अगले 5 साल के लिए फिर आगे बढ़ा दिया गया। असम को अब 'तारीख पर तारीख' वाले चुनावी भाषण नहीं, बल्कि स्थाई समाधान और जवाबदेही चाहिए!
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    असम में बाढ़ की भयानक स्तिथि बनी हुई हैं क्या सरकार के सभी वादे फैल हो रही हैं?
2021 में गृह मंत्री अमित शाह का यह वादा आज 2026 में असम की डूबती हकीकत पर सबसे बड़ा सवाल है। तारीखें बदल गईं, पर असम का दर्द नहीं बदला। 
आखिर कब तक खोखले वादों की कीमत जनता अपनी जान देकर चुकाएगी?🤔
असम में बाढ़ से हाहाकार मचा है। चराइदेव और शिवसागर समेत कई जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग संकट में हैं और इस सीजन में 68 मौतें हो चुकी हैं। 
लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री के अनुसार 20% से 25% प्रभावित इलाके आज भी प्रशासनिक पहुँच से पूरी तरह बाहर हैं। करीब 80,000 लोग सुदूर गाँवों में छतों पर भूखे-प्यासे मदद का इंतज़ार कर रहे हैं।
कटे हुए इलाकों में खाना गिराने के लिए इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स फेल साबित हुए। आपदा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी स्तर पर दम तोड़ रहे हैं। सरकार हर साल इसे 'प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौती' बताकर पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन सच यह है कि यह वार्षिक प्रशासनिक विफलता है।
फरवरी 2026 की चुनावी रैलियों में इस वादे को अगले 5 साल के लिए फिर आगे बढ़ा दिया गया। असम को अब 'तारीख पर तारीख' वाले चुनावी भाषण नहीं, बल्कि स्थाई समाधान और जवाबदेही चाहिए!
    user_BP NEWS (ALL INDIA)
    BP NEWS (ALL INDIA)
    मेहरमा, गोड्डा, झारखंड•
    7 hrs ago
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