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*सिद्दीकगंज जोड़ से धरमपुरी तक 01 करोड़ 88 लाख की लागत से बनेगा रोड, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने किया भूमिपूजन*
Rajendra Gangwal
*सिद्दीकगंज जोड़ से धरमपुरी तक 01 करोड़ 88 लाख की लागत से बनेगा रोड, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने किया भूमिपूजन*
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- पीपलरावाँ में मां मेलडी का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। मां मेलडी जन्मोत्सव पर क्षेत्र में अमन-चैन और खुशहाली के लिए भव्य महायज्ञ आयोजित1
- Sehore : आज का दिन दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक है। आज सीहोर जिले के अमलाहा में दलहन मिशन की राष्ट्रीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कृषि मंत्रालय में मेरे दोनों सहयोगी राज्यमंत्री, दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्रीगण, तथा मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुझे कहते हुए अत्यंत गर्व और प्रसन्नता है कि ICARDA द्वारा दलहन अनुसंधान, बीज विकास और किसान प्रशिक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। यहां वैज्ञानिकों, किसानों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक मंच पर सार्थक संवाद हुआ और सभी ने एक टीम के रूप में दलहन उत्पादन बढ़ाने के साझा संकल्प के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान दलहन उत्पादन बढ़ाने के रोडमैप, उन्नत एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों के विकास, तकनीक के बेहतर उपयोग और किसानों तक नवाचार पहुँचाने जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही देशभर से आए सुझावों ने यह स्पष्ट किया कि सही दिशा, वैज्ञानिक दृष्टि और किसान-केंद्रित नीति से भारत दलहन में आत्मनिर्भर बन सकता है। आज हम सभी ने यह संकल्प लिया है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दलहन में आत्मनिर्भरता हेतु जी-जान से जुटेंगे और अपने किसान भाइयों-बहनों की आय बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।1
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- नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं। घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है— सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता। धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं। अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है। परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं। वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रमुख माँगें माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं— सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए। तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए। परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो। नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए। घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों। अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- कांग्रेस जिला समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न शाजापुर । आज जिला मुख्यालय शाजापुर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय दत्त ओर जिले के प्रभारी निर्मल मेहता की उपस्थिति में जिला कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई l बैठक में मुख्य रूप से एसआईआर व ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन व संगठन के अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री रामवीर सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, प्रदेश सचिव श्रीमती रचना जैन, राजकुमार कराडा, जनपद अध्यक्ष शरद शिवहरे, भोजराज परमार, नरेश कप्तान, कमल चौधरी, आशुतोष शर्मा, इरशाद खान, सीताराम पवैया, अजीज मंसूरी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष जयंत सिकरवार, राजेश पारछे, कैलाश मटोलिया, स्मिता सोलंकी समस्त ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष गण, समस्त प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं समन्वय समिति के सदस्य गण उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी हुए शामिल, फीता काटकर किया शुभारंभ, धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को आकस्मिक आपातकाल स्थिति मिलेगा अस्पताल की सेवाओं का लाभ1