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आबकारी विभाग ने बढ़ाई निगरानी गड़बड़ी पर लाइसेंस होंगे निरस्त शराब सिंडिकेट की मनमानी पर क्यू आर कोड का पहरा
रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
आबकारी विभाग ने बढ़ाई निगरानी गड़बड़ी पर लाइसेंस होंगे निरस्त शराब सिंडिकेट की मनमानी पर क्यू आर कोड का पहरा
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- Post by रीड न्यूज मीडिया एजेंसी1
- जहां एक तरफ भाजपा सरकार नल-जल योजना के माध्यम से ग्राम वासियों को पानी पिलाना चाहती है तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार में अधिकारीगण अपनी मनमानी करते हुए अति गर्मी में बिजली कनेक्शन काट रहे हैं जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं ऐसा ही एक मामला ग्राम भंडारी से सामने आया जहां विद्युत विभाग कर्मचारी ने बिजली कनेक्शन काट दिया जिसके कारण ग्रामवासी पीने के पानी के लिए परेशान होते हुए दिखाई दिए। 29 अप्रैल की सुबह करीबन 9:30 बजे ग्राम वासियों ने यह भी जानकारी दी कि इस समस्या की शिकायत विधायक बृजेंद्र सिंह यादव से भी की गई है आईए और क्या कहा सुनते हैं इस वीडियो के माध्यम से।1
- गुना जिले के झागर स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी ने विज्ञान मंथन यात्रा इसरो केंद्र बेंगलुरु चेन्नई श्रीहरिकोटा का किया भ्रमण। शैक्षणिक भ्रमण यात्रा से लौटने पर झागर स्कूल में किया गया सम्मान। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित 27 शिक्षकों में से गुना जिले से एकमात्र शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी का चयन हुआ और राज्य शासन द्वारा 10 से 12 तक के 377 विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधि मंडल 21 से 27 अप्रैल तक बेंगलुरु चेन्नई एवं श्री हरी कोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया श्री अवधेश अवस्थी इस विज्ञान मंथन यात्रा में मार्गदर्शन शिक्षक के रूप में सम्मिलित हुए। सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य श्री भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर श्री अवस्थी ने बताया कि विज्ञान मंथन यात्रा2025–26’ इस वर्ष मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अद्वितीय अवसर बनकर सामने आई है। इसी कड़ी में गुना जिले से एकमात्र शिक्षक एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। श्री अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है—ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा—जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इसके तीन प्रमुख दिवसों के प्रतिवेदनों में दिखाई देता है। प्रथम चरण में जब प्रतिभागियों ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का अवलोकन किया, तब उन्हें उपग्रह निर्माण, मिशन योजना, नेविगेशन प्रणाली तथा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। द्वितीय चरण में चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं अन्य वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण, खगोल विज्ञान की गहराइयों से साक्षात्कार का माध्यम बना। यहां ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की गति, तारों की उत्पत्ति और अंतरिक्ष के रहस्यों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण चरण में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण, इस यात्रा का चरम बिंदु सिद्ध हुआ। यहां प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड की कार्यप्रणाली, रॉकेट प्रक्षेपण की सूक्ष्मतम तकनीकी प्रक्रियाएं तथा मिशन कंट्रोल की सटीकता ने प्रतिभागियों को अभिभूत कर दिया। जिन रॉकेटों को अब तक केवल समाचारों और पुस्तकों में देखा था, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। शिक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए “किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का सशक्त माध्यम” है। वहीं चयनित विद्यार्थियों के उत्साह और जिज्ञासा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले, तो वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ का मूल उद्देश्य भी यही है—प्रतिभा की पहचान, उसका पोषण और उसे अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर करना। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। अंततः, गुना जिले से चयनित यह छोटा-सा प्रतिनिधिमंडल एक बड़े संदेश का वाहक है—कि छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की। यह यात्रा उन सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो कल भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।1
- मुंगावली। नगर परिषद एवं शिक्षा विभाग शिक्षकों ने स्व-गड़ना के लिए रैली के माध्यम से जागरूकता नारों के साथ लोगों को किया जागरूक। जनगणना 2027 , में स्व-गणना का कार्य 30 अप्रैल 2026 तक किया जाना है, जिसमें बुधवार को प्रातः 8 बजे से जनगणना चार्ज अधिकारी विनय कुमार भट्ट सीएमओ के मार्गदर्शन में मानव श्रृंखला बनाकर रैली के माध्यम से नगर के नागरिकों को जागरूक किया जिसमें नगर मुंगावली के सभी सुपरवाइजर एवं प्रगणक तथा मास्टर ट्रेनर श्री प्रमोद चतुर्वेदी, नोडल अधिकारी अभिषेक राजपूत एवं नगर परिषद मुंगावली के कर्मचारी नवेद काज़ी देवेन्द्र राजपूत, शैलेष अग्रवाल,अमित पवार आदि उपस्थित होकर स्व गणना के लिए नागरिकों को जागरूकता नारों के साथ स्व- गड़ना के लिए प्रेरित किया। नगर परिषद अध्यक्ष नीतू नरेश ग्वाल द्वारा भी नागरिकों से स्व-गड़ना करने की अपील की गई।4
- पाली में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आज सुबह बड़ी राहत मिली, जब तड़के करीब 4 बजे से अचानक मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, ऐसे में सुबह-सुबह हुई इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस बारिश से किसानों को भी फायदा एवं फसलों को भी फायदा बताया जा रहा है1
- *प्रेस विज्ञप्ति* सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम सागर *सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सोशल मीडिया एवं पुलिस की सक्रियता का उत्कृष्ट उदाहरण* सागर, दिनांक 29.04.2026 जिला सागर पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए एक युवती का अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग लगातार तीन दिनों तक मेहनत कर ढूंढकर सुरक्षित वापस दिलाया है। यह बैग उसके करियर एवं भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ था, जिसकी गुमशुदगी से वह अत्यधिक चिंतित एवं व्यथित थी। *घटना का विवरण :* प्राची रजक, निवासी गायत्री नगर मकरोनिया, जो कि टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस में कार्यरत हैं, दिनांक 27.04.2026 को अपने घर से ऑफिस जाते समय मकरोनिया से ऑटो द्वारा राधा तिराहा पहुंची। जल्दबाजी में उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया, जिसका उन्हें तत्काल ध्यान नहीं रहा। कुछ समय बाद बैग की याद आने पर वह अत्यधिक घबराई हुई स्थिति में सागर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची और बताया कि बैग में उनके ऑफिस के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जो उनके पूरे करियर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। *पुलिस की त्वरित कार्यवाही :* मामले की गंभीरता को समझते हुए कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा को सम्पूर्ण घटना से अवगत कराया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा तुरंत बैग एवं दस्तावेजों की खोज हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। *सीसीटीवी एवं तकनीकी विश्लेषण :* पुलिस कंट्रोल रूम सागर की टीम एवं ट्रैफिक थाना से पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक को सीसीटीवी फुटेज खंगालने हेतु लगाया गया। लगातार फुटेज देखने पर प्राची रजक को राधा तिराहा पर ऑटो से उतरते हुए चिन्हित किया गया, जिससे संबंधित ऑटो की पहचान तो हो गई, परंतु वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस द्वारा उक्त ऑटो की फोटो एवं जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं ऑटो चालकों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित (वायरल) किया गया तथा मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया गया। 3 दिन की मेहनत लाई रंग : लगातार तीन दिन की मेहनत, समन्वय एवं प्रयासों के बाद संबंधित ऑटो चालक की पहचान कर उसे कंट्रोल रूम बुलाया गया। उसके पास से प्राची रजक का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जिसमें सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। *भावुक हुई युवती, पुलिस का जताया आभार :* अपना बैग एवं दस्तावेज सुरक्षित वापस मिलने पर प्राची रजक अत्यंत भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि “मैं और मेरा परिवार पिछले तीन दिनों से बहुत परेशान थे, उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। सागर पुलिस कंट्रोल रूम एवं पूरी टीम ने मेरी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण चीज मुझे वापस दिला दी, जिसके लिए मैं सदैव आभारी रहूंगी।” विशेष सराहना : इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में सागर पुलिस कंट्रोल रूम (CCTV) टीम, ट्रैफिक पुलिस एवं समस्त स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही, जिनकी सतत मेहनत, तकनीकी विश्लेषण एवं संवेदनशीलता के चलते यह संभव हो पाया। सागर पुलिस द्वारा आमजन को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सदैव तत्पर है और आधुनिक तकनीक एवं मानवीय संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।2
- खबर जिला सागर से। सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम सागर *सागर पुलिस की तत्परता से युवती को मिला उसका “भविष्य” – 3 दिन में ढूंढ निकाला गुम हुआ महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग* *सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सोशल मीडिया एवं पुलिस की सक्रियता का उत्कृष्ट उदाहरण* सागर, दिनांक 29.04.2026 जिला सागर पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए एक युवती का अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग लगातार तीन दिनों तक मेहनत कर ढूंढकर सुरक्षित वापस दिलाया है। यह बैग उसके करियर एवं भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ था, जिसकी गुमशुदगी से वह अत्यधिक चिंतित एवं व्यथित थी। *घटना का विवरण :* प्राची रजक, निवासी गायत्री नगर मकरोनिया, जो कि टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस में कार्यरत हैं, दिनांक 27.04.2026 को अपने घर से ऑफिस जाते समय मकरोनिया से ऑटो द्वारा राधा तिराहा पहुंची। जल्दबाजी में उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया, जिसका उन्हें तत्काल ध्यान नहीं रहा। कुछ समय बाद बैग की याद आने पर वह अत्यधिक घबराई हुई स्थिति में सागर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची और बताया कि बैग में उनके ऑफिस के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जो उनके पूरे करियर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। *पुलिस की त्वरित कार्यवाही :* मामले की गंभीरता को समझते हुए कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा को सम्पूर्ण घटना से अवगत कराया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा तुरंत बैग एवं दस्तावेजों की खोज हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। *सीसीटीवी एवं तकनीकी विश्लेषण :* पुलिस कंट्रोल रूम सागर की टीम एवं ट्रैफिक थाना से पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक को सीसीटीवी फुटेज खंगालने हेतु लगाया गया। लगातार फुटेज देखने पर प्राची रजक को राधा तिराहा पर ऑटो से उतरते हुए चिन्हित किया गया, जिससे संबंधित ऑटो की पहचान तो हो गई, परंतु वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस द्वारा उक्त ऑटो की फोटो एवं जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं ऑटो चालकों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित (वायरल) किया गया तथा मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया गया। 3 दिन की मेहनत लाई रंग : लगातार तीन दिन की मेहनत, समन्वय एवं प्रयासों के बाद संबंधित ऑटो चालक की पहचान कर उसे कंट्रोल रूम बुलाया गया। उसके पास से प्राची रजक का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जिसमें सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। *भावुक हुई युवती, पुलिस का जताया आभार :* अपना बैग एवं दस्तावेज सुरक्षित वापस मिलने पर प्राची रजक अत्यंत भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि “मैं और मेरा परिवार पिछले तीन दिनों से बहुत परेशान थे, उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। सागर पुलिस कंट्रोल रूम एवं पूरी टीम ने मेरी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण चीज मुझे वापस दिला दी, जिसके लिए मैं सदैव आभारी रहूंगी।” विशेष सराहना : इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में सागर पुलिस कंट्रोल रूम (CCTV) टीम, ट्रैफिक पुलिस एवं समस्त स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही, जिनकी सतत मेहनत, तकनीकी विश्लेषण एवं संवेदनशीलता के चलते यह संभव हो पाया। सागर पुलिस द्वारा आमजन को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सदैव तत्पर है और आधुनिक तकनीक एवं मानवीय संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।1
- * सागर, दिनांक 29.04.2026 जिला सागर में गोवंश चोरी की लगातार हो रही घटनाओं से आमजन में असंतोष एवं आक्रोश की स्थिति निर्मित हो रही थी। थाना गोपालगंज क्षेत्र में गोवंश चोरी के दो अलग-अलग प्रकरण पंजीबद्ध होने के बाद पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकाश कुमार शहवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस द्वारा गंभीरता से लगातार प्रयास किए गए। *घटना का संक्षिप्त विवरण :* थाना गोपालगंज में गोवंश चोरी के दो प्रकरण दर्ज हुए थे— फरियादी ध्रुव यादव द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि एकता कॉलोनी के पास से अज्ञात ऑटो चालक उनकी सफेद रंग की गाय चोरी कर ले गया। फरियादी आशीष दुबे (गौ रक्षा दल कार्यकर्ता) द्वारा वायरल वीडियो के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें एकता कॉलोनी क्षेत्र से एक लाल बछड़े को ऑटो में भरकर चोरी करते हुए संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में जनआक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की गई। *सीसीटीवी एवं कंट्रोल रूम की अहम भूमिका :* घटना के खुलासे हेतु थाना गोपालगंज पुलिस द्वारा दिन-रात अथक मेहनत करते हुए सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इस दौरान सागर पुलिस कंट्रोल रूम (CCTV) टीम आर के एस चौहान एवं रेखा रजक का विशेष योगदान रहा, जिनके द्वारा बार-बार विभिन्न लोकेशनों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। इसी मेहनत के फलस्वरूप एक संदिग्ध पीले-काले रंग के ऑटो की पहचान की गई, जिस पर हरे रंग का स्टिकर लगा हुआ था। उक्त ऑटो की पहचान होने के बाद पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। *गिरफ्तार आरोपी :* पुलिस द्वारा दिनांक 29.04.2026 को निम्नलिखित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया— कासिम कुरैशी पिता साकिर कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी बाघराज वार्ड, थाना मोतीनगर शाहरुख कुरैशी पिता बशीर कुरैशी, उम्र 25 वर्ष, निवासी राहतगढ़ बस स्टैंड के पास चाँद उर्फ दिलावर कुरैशी पिता जब्बार कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी राहतगढ़ बस स्टैंड के पास *कानूनी कार्यवाही :* आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें दिनांक 12.05.2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है। विशेष सराहना : इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना गोपालगंज पुलिस टीम एवं सागर पुलिस कंट्रोल रूम (CCTV) टीम से निरीक्षक घनश्याम शर्मा थाना प्रभारी उ.नि. नीरज जैन उ.नि. आऱ.के.एस चौहान प्र.आऱ.दीपक व्यास,कैलाश सेन,अनिल प्रभाकर महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक, आरक्षक योगेश ठाकुर आर.अंकित तिवारी ,थिरबम,हीरेंद्र, भरत,प्रशांत पंछी अरविंद,अतुल ,मनोज,रणवीर, आनंद सिंधु,देवेद्र पांडे की सराहनीय भूमिका रही है। लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण एवं सटीक समन्वय के चलते ही इस संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर द्वारा पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि गोवंश चोरी जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस पूर्ण गंभीरता से कार्य कर रही है एवं भविष्य में भी इस प्रकार के अपराधों पर कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।1