शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया गुना जिले के झागर स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी ने विज्ञान मंथन यात्रा इसरो केंद्र बेंगलुरु चेन्नई श्रीहरिकोटा का किया भ्रमण। शैक्षणिक भ्रमण यात्रा से लौटने पर झागर स्कूल में किया गया सम्मान। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित 27 शिक्षकों में से गुना जिले से एकमात्र शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी का चयन हुआ और राज्य शासन द्वारा 10 से 12 तक के 377 विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधि मंडल 21 से 27 अप्रैल तक बेंगलुरु चेन्नई एवं श्री हरी कोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया श्री अवधेश अवस्थी इस विज्ञान मंथन यात्रा में मार्गदर्शन शिक्षक के रूप में सम्मिलित हुए। सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य श्री भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर श्री अवस्थी ने बताया कि विज्ञान मंथन यात्रा2025–26’ इस वर्ष मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अद्वितीय अवसर बनकर सामने आई है। इसी कड़ी में गुना जिले से एकमात्र शिक्षक एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। श्री अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है—ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा—जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इसके तीन प्रमुख दिवसों के प्रतिवेदनों में दिखाई देता है। प्रथम चरण में जब प्रतिभागियों ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का अवलोकन किया, तब उन्हें उपग्रह निर्माण, मिशन योजना, नेविगेशन प्रणाली तथा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। द्वितीय चरण में चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं अन्य वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण, खगोल विज्ञान की गहराइयों से साक्षात्कार का माध्यम बना। यहां ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की गति, तारों की उत्पत्ति और अंतरिक्ष के रहस्यों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण चरण में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण, इस यात्रा का चरम बिंदु सिद्ध हुआ। यहां प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड की कार्यप्रणाली, रॉकेट प्रक्षेपण की सूक्ष्मतम तकनीकी प्रक्रियाएं तथा मिशन कंट्रोल की सटीकता ने प्रतिभागियों को अभिभूत कर दिया। जिन रॉकेटों को अब तक केवल समाचारों और पुस्तकों में देखा था, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। शिक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए “किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का सशक्त माध्यम” है। वहीं चयनित विद्यार्थियों के उत्साह और जिज्ञासा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले, तो वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ का मूल उद्देश्य भी यही है—प्रतिभा की पहचान, उसका पोषण और उसे अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर करना। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। अंततः, गुना जिले से चयनित यह छोटा-सा प्रतिनिधिमंडल एक बड़े संदेश का वाहक है—कि छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की। यह यात्रा उन सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो कल भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया गुना जिले के झागर स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी ने विज्ञान मंथन यात्रा इसरो केंद्र बेंगलुरु चेन्नई श्रीहरिकोटा का किया भ्रमण। शैक्षणिक भ्रमण यात्रा से लौटने पर झागर स्कूल में किया गया सम्मान। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित 27 शिक्षकों में से गुना जिले से एकमात्र शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी का चयन हुआ और राज्य शासन द्वारा 10 से 12 तक के 377 विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधि मंडल 21 से 27 अप्रैल तक बेंगलुरु चेन्नई एवं श्री हरी कोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया श्री अवधेश अवस्थी इस विज्ञान मंथन यात्रा में मार्गदर्शन शिक्षक के रूप में सम्मिलित हुए। सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य श्री भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर श्री अवस्थी ने बताया कि विज्ञान मंथन यात्रा2025–26’ इस वर्ष मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अद्वितीय अवसर बनकर सामने आई है। इसी कड़ी में गुना जिले से एकमात्र शिक्षक एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। श्री अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है—ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा—जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इसके तीन प्रमुख दिवसों के प्रतिवेदनों में दिखाई देता है। प्रथम चरण में जब प्रतिभागियों ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का अवलोकन किया, तब उन्हें उपग्रह निर्माण, मिशन योजना, नेविगेशन प्रणाली तथा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। द्वितीय चरण में चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं अन्य वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण, खगोल विज्ञान की गहराइयों से साक्षात्कार का माध्यम बना। यहां ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की गति, तारों की उत्पत्ति और अंतरिक्ष के रहस्यों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण चरण में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण, इस यात्रा का चरम बिंदु सिद्ध हुआ। यहां प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड की कार्यप्रणाली, रॉकेट प्रक्षेपण की सूक्ष्मतम तकनीकी प्रक्रियाएं तथा मिशन कंट्रोल की सटीकता ने प्रतिभागियों को अभिभूत कर दिया। जिन रॉकेटों को अब तक केवल समाचारों और पुस्तकों में देखा था, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। शिक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए “किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का सशक्त माध्यम” है। वहीं चयनित विद्यार्थियों के उत्साह और जिज्ञासा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले, तो वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ का मूल उद्देश्य भी यही है—प्रतिभा की पहचान, उसका पोषण और उसे अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर करना। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। अंततः, गुना जिले से चयनित यह छोटा-सा प्रतिनिधिमंडल एक बड़े संदेश का वाहक है—कि छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की। यह यात्रा उन सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो कल भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।
- गुना जिले के झागर स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी ने विज्ञान मंथन यात्रा इसरो केंद्र बेंगलुरु चेन्नई श्रीहरिकोटा का किया भ्रमण। शैक्षणिक भ्रमण यात्रा से लौटने पर झागर स्कूल में किया गया सम्मान। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित 27 शिक्षकों में से गुना जिले से एकमात्र शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी का चयन हुआ और राज्य शासन द्वारा 10 से 12 तक के 377 विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधि मंडल 21 से 27 अप्रैल तक बेंगलुरु चेन्नई एवं श्री हरी कोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया श्री अवधेश अवस्थी इस विज्ञान मंथन यात्रा में मार्गदर्शन शिक्षक के रूप में सम्मिलित हुए। सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य श्री भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर श्री अवस्थी ने बताया कि विज्ञान मंथन यात्रा2025–26’ इस वर्ष मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अद्वितीय अवसर बनकर सामने आई है। इसी कड़ी में गुना जिले से एकमात्र शिक्षक एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। श्री अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है—ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा—जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इसके तीन प्रमुख दिवसों के प्रतिवेदनों में दिखाई देता है। प्रथम चरण में जब प्रतिभागियों ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का अवलोकन किया, तब उन्हें उपग्रह निर्माण, मिशन योजना, नेविगेशन प्रणाली तथा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। द्वितीय चरण में चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं अन्य वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण, खगोल विज्ञान की गहराइयों से साक्षात्कार का माध्यम बना। यहां ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की गति, तारों की उत्पत्ति और अंतरिक्ष के रहस्यों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण चरण में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण, इस यात्रा का चरम बिंदु सिद्ध हुआ। यहां प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड की कार्यप्रणाली, रॉकेट प्रक्षेपण की सूक्ष्मतम तकनीकी प्रक्रियाएं तथा मिशन कंट्रोल की सटीकता ने प्रतिभागियों को अभिभूत कर दिया। जिन रॉकेटों को अब तक केवल समाचारों और पुस्तकों में देखा था, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। शिक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए “किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का सशक्त माध्यम” है। वहीं चयनित विद्यार्थियों के उत्साह और जिज्ञासा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले, तो वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ का मूल उद्देश्य भी यही है—प्रतिभा की पहचान, उसका पोषण और उसे अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर करना। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। अंततः, गुना जिले से चयनित यह छोटा-सा प्रतिनिधिमंडल एक बड़े संदेश का वाहक है—कि छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की। यह यात्रा उन सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो कल भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।1
- Post by Chauthmal Verma1
- Post by रीड न्यूज मीडिया एजेंसी1
- Nabhi jatka Pranayam1
- केलवाड़ा में पहुंची कृषि विभाग की संभाग स्तरीय टीम, टीम के आते ही कस्बे की खाद बीज की दुकानों में लगी अचानक शटर, टीम के आते ही कस्बे के खाद बीज दुकानदारों में मचा हड़कंप, कस्बे स्थित हेमंत फर्टीलाइजर पर पहुँच टीम ने किया निरिक्षण, मौक़े से रजिस्टर एवं स्टॉक जाँच कर दूरभाष से ग्राहकों से ली जानकारी, मौक़े पर आनंदीलाल मीणा सयुक्त निदेशक कृषि विभाग बारां,सतेंद्र पाठक उप निदेशक कृषि विभाग कोटा , उमाशंकर शर्मा सहायक निदेशक कृषि विभाग कोटा,आनंदीलाल मीणा सयुक्त निदेशक कृषि विभाग बारां, धनराज मीणा सहायक निदेशक कृषि विभाग बारां,धनराज मीणा कृषि अधिकारी बारां रहे मौजद1
- जानकारी बुधवार दोपहर 12 बजे मिली शाहबाद क्षेत्र में एचपीवी वैक्सीन प्रोग्राम सप्ताह के विशेष दिवस पर 171 बालिकाओं को टीका लगाया गया और सभी को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में अभिभावकों का भरपूर सहयोग मिला। बेहतर प्रदर्शन के चलते शाहाबाद ब्लॉक जिले में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान सेक्टर प्रभारियों व स्वास्थ्य स्टाफ ने सराहनीय मेहनत की। BCMO डॉ. श्रवण कुमार शर्मा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- उत्तराखंड के भीमताल के खुटानी मेन रोड पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक तेंदुआ अचानक बाइक सवार पर झपटा और बाइक में ही फंस गया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो अब तेजी से वायरल हो रही है। #Bhimtal #Leopard #Uttarakhand #Viral #Breaking #StaySafe1
- भंवरगढ़ थाने में सीएलजी बैठक, कानून व्यवस्था व साइबर अपराध पर चर्चा जानकारी बुधवार सुबह 11 बजे मिली थाना भंवरगढ़ में थानाधिकारी गोपीलाल आर्य की अध्यक्षता में सीएलजी बैठक आयोजित हुई। इसमें पुलिस मित्र व सुरक्षा सखी भी शामिल रहे। बैठक में कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, ऑपरेशन गरिमा और सजग पड़ोसी अभियान पर विस्तार से जानकारी दी गई। थानाधिकारी ने ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील की। सदस्यों ने हाट बाजार व्यवस्था सुधारने और रात्रि गश्त बढ़ाने के सुझाव दिए। थानाधिकारी ने सभी सुझावों पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक में लियाकत हुसैन, जगदीश शर्मा, पंकज गोयल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।1