उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद फतेहपुर के मदारीकला में प्रस्तावित आगमन से पूर्व पुलिस ने समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष सुशील यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया है। हथगांव थाना क्षेत्र की छिवलहा पुलिस चौकी ने शुक्रवार की रात छिवलहा निवासी सुशील यादव को उनके आवास पर नजरबंद किया और शनिवार सुबह से पुलिस चौकी में अरेस्ट करके रखा। सुशील यादव का कहना है कि वह मुख्यमंत्री के आगमन पर उनसे मिलकर छात्र हित से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनकी मांगों में पूरे प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करना, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करना और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण को रोकना शामिल है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण से लगभग 3,000 छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। यदि सरकार को इसके संचालन पर कोई आपत्ति है, तो इसे अपने अधीन लेकर संचालित किया जाए, लेकिन गिराया न जाए। समाजवादी छात्रसभा ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद फतेहपुर के मदारीकला में प्रस्तावित आगमन से पूर्व पुलिस ने समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष सुशील यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया है। हथगांव थाना क्षेत्र की छिवलहा पुलिस चौकी ने शुक्रवार की रात छिवलहा निवासी सुशील यादव को उनके आवास पर नजरबंद किया और शनिवार सुबह से पुलिस चौकी में अरेस्ट करके रखा। सुशील यादव का कहना है कि वह मुख्यमंत्री
के आगमन पर उनसे मिलकर छात्र हित से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनकी मांगों में पूरे प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करना, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करना और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण को रोकना शामिल है। उन्होंने
कहा कि विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण से लगभग 3,000 छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। यदि सरकार को इसके संचालन पर कोई आपत्ति है, तो इसे अपने अधीन लेकर संचालित किया जाए, लेकिन गिराया न जाए। समाजवादी छात्रसभा ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद फतेहपुर के मदारीकला में प्रस्तावित आगमन से पूर्व पुलिस ने समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष सुशील यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया है। हथगांव थाना क्षेत्र की छिवलहा पुलिस चौकी ने शुक्रवार की रात छिवलहा निवासी सुशील यादव को उनके आवास पर नजरबंद किया और शनिवार सुबह से पुलिस चौकी में अरेस्ट करके रखा। सुशील यादव का कहना है कि वह मुख्यमंत्री के आगमन पर उनसे मिलकर छात्र हित से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनकी मांगों में पूरे प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करना, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करना और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण को रोकना शामिल है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण से लगभग 3,000 छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। यदि सरकार को इसके संचालन पर कोई आपत्ति है, तो इसे अपने अधीन लेकर संचालित किया जाए, लेकिन गिराया न जाए। समाजवादी छात्रसभा ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।3
- दिल्ली में हुई लाठीचार्ज की घटना के विरोध में प्रयागराज में जनता सड़क पर उतर आई है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गिरजाघर के पास लोग एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में हुई लाठीचार्ज की कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश जताते हुए छात्र और आम लोग गिरजाघर के पास सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन और पेपर लीक के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी में दिल्ली के कथित पेपर लीक और छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आजाद समाज पार्टी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन की तैयारी की गई थी, लेकिन प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने मंझनपुर क्षेत्र से पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। आजाद समाज पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कदम को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए अपना कड़ा विरोध जताया है। वहीं, घटनाक्रम के बाद भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष ने अपने सभी साथियों और समर्थकों से एकजुट होकर पुलिस लाइन पहुंचने की अपील की है। मामले पर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये आवश्यक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस सतर्क है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- रायबरेली में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की समयबद्ध और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विकसित 'साथी पोर्टल' को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पाण्डेय ने बताया कि कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) तथा शासन के निर्देशानुसार अब बीज व्यवसाय से संबंधित समस्त गतिविधियां केवल साथी पोर्टल के माध्यम से ही संचालित की जाएंगी। इसके तहत बीज उत्पादन से लेकर फसल पंजीकरण, क्षेत्र निरीक्षण, बीज स्रोत सत्यापन, नमूना परीक्षण, टैग एवं प्रमाण-पत्र जारी करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपादित होगी। बीज प्रसंस्करण संयंत्रों पर बीज की आवक, प्रसंस्करण, पैकिंग, लॉट निर्माण, नमूना ग्रहण तथा स्टॉक संबंधी सभी प्रविष्टियां साथी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा और आवश्यकतानुसार भौतिक अभिलेख भी सुरक्षित रखे जाएंगे। बीजों का स्टॉक स्थानांतरण, विक्रय एवं वापसी केवल इसी पोर्टल के माध्यम से मान्य होगी तथा अपंजीकृत डीलर या वितरक के माध्यम से बीज व्यवसाय करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जनपद के सभी बीज विक्रेताओं, डिस्ट्रीब्यूटरों, सहकारी समितियों तथा सरकारी बीज विक्रय केंद्रों का पोर्टल पर ऑन-बोर्ड होना अनिवार्य है। यदि पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक और भौतिक स्टॉक में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध बीज अधिनियम-1966, बीज नियम-1968, बीज नियंत्रण आदेश-1983 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी बीज उत्पादकों, डीलरों, वितरकों एवं संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे 28 जुलाई 2026 तक शीघ्र साथी पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूर्ण कर शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज केवल साथी पोर्टल से जुड़े अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें, जिससे किसान स्तर तक प्रत्येक बीज लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और पारदर्शी व विश्वसनीय सेवा मिल सके।1
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार में स्थित प्राचीन महादेवन गुप्तेश्वर धाम का जिक्र करते हुए जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता ने अपना संदेश साझा किया है। शैलेन्द्र गुप्ता, ऊँचाहार के पूर्व चेयरमैन श्री प्रमोद गुप्ता के पुत्र हैं।1
- दिल्ली में हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके विरोध में प्रयागराज में गिरजाघर के पास धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली लाठीचार्ज की कार्रवाई के खिलाफ छात्रों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और वे प्रयागराज के गिरजाघर क्षेत्र में एकत्र होकर अपना विरोध जता रहे हैं।1
- कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत गिरसा गांव के पास शुक्रवार भोर DFC रेलवे ट्रैक पर 28 वर्षीय शिव कुमार का शव दो हिस्सों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शिव कुमार पुणे में नौकरी करता था और गुरुवार को ट्रेन से अपने घर के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में परिजनों से उसकी फोन पर बात भी हुई थी और शुक्रवार सुबह उसके घर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की खबर सामने आ गई। परिजन इस घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। दूसरी ओर, कोखराज पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मानकर सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।1