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Rajkumar Paswan
More news from Bihar and nearby areas
- Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur1
- इंसान तो इंसान भगवान की जमीन पर भी भू-माफियाओं का कब्जा समस्तीपुर में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग समस्तीपुर:जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरपुर एलौथ गांव में जमीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। मामला सिर्फ निजी जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के अनुसार धार्मिक स्थल (डीहवार स्थान) से जुड़ी भूमि पर भी कथित अतिक्रमण का आरोप सामने आया है।आवेदक प्रेमजीत कुमार झा और यशवंत कुमार झा ने अनुमंडल दंडाधिकारी, समस्तीपुर के समक्ष आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक जमीन, जिसका विवरण खाता 136 और खेसरा 541 में दर्ज है, पर विपक्षी पक्ष द्वारा जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि संबंधित भूमि के आसपास स्थित डीहवार स्थान, जिसे ग्रामीण आस्था का केंद्र मानते हैं, उसके मार्ग पर भी अवरोध उत्पन्न हो रहा है। इसके चलते स्थानीय लोगों में आक्रोश और तनाव की स्थिति बनी हुई है।आवेदकों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और स्थिति हिंसक होने की आशंका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि उक्त भूमि का कुछ हिस्सा पूर्व में सरकारी योजना (नल-जल योजना) के लिए भी दिया गया था। वहीं, आरोपित पक्ष का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आ सका है।स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए आवेदकों ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 बीएनएसएस, 2023 के तहत कार्रवाई की मांग की है, ताकि संभावित शांति भंग को रोका जा सके।स्थानीय प्रशासन के लिए यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- Post by Deepak kumar Jha1
- दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय इन दिनों गंभीर विवाद और प्रशासनिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है — विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति या फिर व्यवस्था की धीमी कार्यशैली? मंगलवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर उस समय अभूतपूर्व स्थिति बन गई, जब दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान के नेतृत्व में कर्मचारियों और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सिंडिकेट के सदस्यों और कुलपति लक्ष्मी निवास पांडे को अंदर जाने से रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी — डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया जाए कर्मचारियों के लंबित वेतन और पेंशन का जल्द भुगतान किया जाए मौके पर मौजूद बेनीपुर विधायक और सिंडिकेट सदस्य विनय कुमार चौधरी, पूर्व एमएलसी दिलीप चौधरी और सदस्य अजीत चौधरी ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि वरीयता के आधार पर नियुक्ति में देरी और कर्मचारियों के भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार सड़क पर ही सिंडिकेट की बैठक करनी पड़ी। इसी बैठक में त्वरित निर्णय लेते हुए डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन गई। इसके साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नगर विधायक संजय सरावगी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। वहीं दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान उर्फ गुरुजी ने इसे संघर्ष की जीत बताते हुए सभी समर्थकों का आभार जताया। इस पूरे विवाद में कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती दिख रही है: समय पर निर्णय नहीं लेने और वेतन-पेंशन जैसी मूल समस्याओं को लंबित रखने का आरोप कुलपति की भूमिका नेतृत्व और प्रशासनिक नियंत्रण फैसलों में देरी और दबाव के बाद त्वरित निर्णय सड़क पर बैठक और जनदबाव के बाद फैसला — यह संस्थागत प्रक्रिया पर प्रश्न खड़ा करता है यह घटना केवल एक नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। अगर समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता, तो शायद सड़क पर बैठक की नौबत नहीं आती।1
- Post by Vaanishree News1
- प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत, परिजनों ने किया, समस्तीपुर हाजीपुर मुख्य मार्ग पर मगरू चौक जाम.1
- Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur1
- Post by Vaanishree News1
- बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव जयंती के अवसर पर तिरहुत एकेडमी, समस्तीपुर में समारोह का आयोजन किया गया।1