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आई अप्पन गाम में विभिन्न जगहक बसकट्टी में माननीय मुखिया जीक संग उपस्थित भ हकार पुरलौं। जय मिथिला।❤️🙏🏻

7 hrs ago
user_Deepak kumar Jha
Deepak kumar Jha
Student union हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
7 hrs ago

आई अप्पन गाम में विभिन्न जगहक बसकट्टी में माननीय मुखिया जीक संग उपस्थित भ हकार पुरलौं। जय मिथिला।❤️🙏🏻

More news from बिहार and nearby areas
  • भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान उपाय अपनाकर गर्मी से बचा जा सकता है। सबसे पहले, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर लें। इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें—टोपी, गमछा या छाता इस्तेमाल करें। हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने से शरीर ठंडा रहता है। वहीं, तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल खाने की सलाह दी जाती है। गर्मी में ज्यादा मेहनत या भारी काम करने से बचें और कोशिश करें कि ठंडी जगह पर रहें—जैसे पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें। अगर किसी व्यक्ति को चक्कर, सिरदर्द या उल्टी जैसे लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है। “पानी पिएं, हाइड्रेट रहें और स्वस्थ रहें।”
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    भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान उपाय अपनाकर गर्मी से बचा जा सकता है।
सबसे पहले, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर लें। इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें—टोपी, गमछा या छाता इस्तेमाल करें।
हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने से शरीर ठंडा रहता है। वहीं, तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल खाने की सलाह दी जाती है।
गर्मी में ज्यादा मेहनत या भारी काम करने से बचें और कोशिश करें कि ठंडी जगह पर रहें—जैसे पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें।
अगर किसी व्यक्ति को चक्कर, सिरदर्द या उल्टी जैसे लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गर्मी से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।
“पानी पिएं, हाइड्रेट रहें और स्वस्थ रहें।”
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    6 hrs ago
  • Post by Deepak kumar Jha
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    Post by Deepak kumar Jha
    user_Deepak kumar Jha
    Deepak kumar Jha
    Student union हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by Rajkumar Paswan
    1
    Post by Rajkumar Paswan
    user_Rajkumar Paswan
    Rajkumar Paswan
    Local News Reporter समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • समस्तीपुर में उत्पाद टीम ने पकड़ी शराब की खेप। ड्रम के भीतर छुपाए रखा था। रोसड़ा उत्पाद टीम की कार्रवाई
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    समस्तीपुर में उत्पाद टीम ने पकड़ी शराब की खेप। ड्रम के भीतर छुपाए रखा था।  रोसड़ा उत्पाद टीम की कार्रवाई
    user_Abhinav Kumar
    Abhinav Kumar
    समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    6 hrs ago
  • Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur
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    Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur
    user_Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Samastipur, Bihar•
    10 hrs ago
  • समस्तीपुर से आ रही है जहां बदमाशो ने रात के अंधेरे में कैनरा बैंक के एटीएम को अपना निशाना बनाया है ।बदमाशो ने कटर मशीन से एटीएम को काट कर उसमें रखे 2 लाख 11 हज़ार रुपये लूटकर फरार हो गया।एटीएम में चोरी की वारदात का तब पता चला जब गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे उस एटीएम में बैंक के अधिकारी पैसा डालने आये।वही इस घटना से पूरे छेत्र में पुलिस गश्ती पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है और एटीएम में गॉर्ड के तैनाती पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है।हालांकि पुलिस को इस घटना की जानकारी होते ही एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ साथ सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय और बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुच कर मामले की जांच में जुट गई है और एटीएम और आस पास लगे सीसीटीवी को भी खंगाला जा रहा है मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर रोड की है।जिस जगह पर यह एटीएम था वह समस्तीपुर-मुसरीघरारी मुख्य सड़क है जहां हर मिनट सैकड़ो वाहनों का आवागमन रहता है।आसपास भी भी कई बैंक और आभूषण के बड़े बड़े प्रतिष्ठान भी है इसके बावजूद एटीएम में तो सुरक्षा बंदोस्त नही ही था स्थानीय पुलिस की भी गश्ती नही थी जिसकी वजह से अपराधियों ने आराम से एटीएम मशीन को काटकर रुपए की लूट कर ली और आराम से निकल भी गए फिर भी किसी को भी घटना की भनक तक नही लग सकी।इस घटना ने पुलिसिया व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है।
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    समस्तीपुर से आ रही है जहां बदमाशो ने रात के अंधेरे में कैनरा बैंक के एटीएम को अपना निशाना बनाया है ।बदमाशो ने कटर मशीन से एटीएम को काट कर उसमें रखे 2 लाख 11 हज़ार रुपये लूटकर फरार हो गया।एटीएम में चोरी की वारदात का तब पता चला जब गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे उस एटीएम में बैंक के अधिकारी पैसा डालने आये।वही इस घटना से पूरे छेत्र में पुलिस गश्ती पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है और एटीएम में गॉर्ड के तैनाती पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है।हालांकि पुलिस को इस घटना की जानकारी होते ही एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ साथ सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय और बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुच कर मामले की जांच में जुट गई है और एटीएम और आस पास लगे सीसीटीवी को भी खंगाला जा रहा है मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर रोड की है।जिस जगह पर यह एटीएम था वह समस्तीपुर-मुसरीघरारी मुख्य सड़क है जहां हर मिनट सैकड़ो वाहनों का आवागमन रहता है।आसपास भी भी कई बैंक और आभूषण के बड़े बड़े प्रतिष्ठान भी है इसके बावजूद एटीएम में तो सुरक्षा बंदोस्त नही ही था स्थानीय पुलिस की भी गश्ती नही थी जिसकी वजह से अपराधियों ने आराम से एटीएम मशीन को काटकर रुपए की लूट कर ली और आराम से निकल भी गए फिर भी किसी को भी घटना की भनक तक नही लग सकी।इस घटना ने पुलिसिया व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है।
    user_Shaquib Press
    Shaquib Press
    समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार के इन 11 जिलों में सरकार ने जमीन की खरीद_बिक्री समेतकई कार्यो पर क्यों और कब तक लगाई रोक? जानने के लिये पूरा वीडियो अंत तक अवश्य दखें!
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    बिहार के इन 11 जिलों में सरकार ने जमीन की खरीद_बिक्री समेतकई कार्यो पर क्यों और कब तक लगाई रोक? जानने के लिये पूरा वीडियो अंत तक अवश्य दखें!
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter Darbhanga, Bihar•
    15 hrs ago
  • दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय इन दिनों गंभीर विवाद और प्रशासनिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है — विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति या फिर व्यवस्था की धीमी कार्यशैली? मंगलवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर उस समय अभूतपूर्व स्थिति बन गई, जब दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान के नेतृत्व में कर्मचारियों और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सिंडिकेट के सदस्यों और कुलपति लक्ष्मी निवास पांडे को अंदर जाने से रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी — डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया जाए कर्मचारियों के लंबित वेतन और पेंशन का जल्द भुगतान किया जाए मौके पर मौजूद बेनीपुर विधायक और सिंडिकेट सदस्य विनय कुमार चौधरी, पूर्व एमएलसी दिलीप चौधरी और सदस्य अजीत चौधरी ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि वरीयता के आधार पर नियुक्ति में देरी और कर्मचारियों के भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार सड़क पर ही सिंडिकेट की बैठक करनी पड़ी। इसी बैठक में त्वरित निर्णय लेते हुए डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन गई। इसके साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नगर विधायक संजय सरावगी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। वहीं दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान उर्फ गुरुजी ने इसे संघर्ष की जीत बताते हुए सभी समर्थकों का आभार जताया। इस पूरे विवाद में कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती दिख रही है: समय पर निर्णय नहीं लेने और वेतन-पेंशन जैसी मूल समस्याओं को लंबित रखने का आरोप कुलपति की भूमिका नेतृत्व और प्रशासनिक नियंत्रण फैसलों में देरी और दबाव के बाद त्वरित निर्णय सड़क पर बैठक और जनदबाव के बाद फैसला — यह संस्थागत प्रक्रिया पर प्रश्न खड़ा करता है यह घटना केवल एक नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। अगर समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता, तो शायद सड़क पर बैठक की नौबत नहीं आती।
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    दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय इन दिनों गंभीर विवाद और प्रशासनिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है — विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति या फिर व्यवस्था की धीमी कार्यशैली?
मंगलवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर उस समय अभूतपूर्व स्थिति बन गई, जब दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान के नेतृत्व में कर्मचारियों और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सिंडिकेट के सदस्यों और कुलपति लक्ष्मी निवास पांडे को अंदर जाने से रोक दिया गया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी —
डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया जाए
कर्मचारियों के लंबित वेतन और पेंशन का जल्द भुगतान किया जाए
मौके पर मौजूद बेनीपुर विधायक और सिंडिकेट सदस्य विनय कुमार चौधरी, पूर्व एमएलसी दिलीप चौधरी और सदस्य अजीत चौधरी ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि वरीयता के आधार पर नियुक्ति में देरी और कर्मचारियों के भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार सड़क पर ही सिंडिकेट की बैठक करनी पड़ी। इसी बैठक में त्वरित निर्णय लेते हुए डॉ. संतोष पासवान को साहित्य विभाग का विभागाध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन गई।
इसके साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नगर विधायक संजय सरावगी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।
वहीं दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान उर्फ गुरुजी ने इसे संघर्ष की जीत बताते हुए सभी समर्थकों का आभार जताया।
इस पूरे विवाद में कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती दिख रही है:
समय पर निर्णय नहीं लेने और वेतन-पेंशन जैसी मूल समस्याओं को लंबित रखने का आरोप
कुलपति की भूमिका 
नेतृत्व और प्रशासनिक नियंत्रण 
फैसलों में देरी और दबाव के बाद त्वरित निर्णय
सड़क पर बैठक और जनदबाव के बाद फैसला — यह संस्थागत प्रक्रिया पर प्रश्न खड़ा करता है
यह घटना केवल एक नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है।
अगर समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता, तो शायद सड़क पर बैठक की नौबत नहीं आती।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    21 hrs ago
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