घर में घुसा चार फीट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू अलग-अलग जलाशयों में पहले भी दिख चुके हैं मगरमच्छ, आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत लाखेरी - उपखंड क्षेत्र के कस्बे में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में पहुंचकर एक घर में घुस गया। आधी रात घर में मगरमच्छ घुसने की सूचना से परिजन व आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के देईखेड़ा नाका से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल शैतान राम के नेतृत्व में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के अलग-अलग जलाशयों में पहले भी मगरमच्छ दिखाई दे चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय पंचायत प्रशासन की ओर से मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशयों के आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते अब मगरमच्छ आबादी क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं और आधी रात घर में घुसने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों ने जलाशयों के आसपास निगरानी बढ़ाने तथा आबादी क्षेत्र में मगरमच्छों की आवाजाही रोकने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। रेस्क्यू अभियान में पूर्व उपसरपंच राजेश मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम का सहयोग किया।ओर कस्बे के अटक्यो बड़े तालाब व बावड़ी में दिखाई दिए मगरमच्छ के बारे में भी अवगत करवाया रेस्क्यू टीम में होमगार्ड सुमेर सिंह, वालेंटियर प्रभुलाल, ध्यानचंद व कैलाश तथा चालक रामप्रसाद मौजूद रहे। वन विभाग की टीम की तत्परता से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।यदि चाहें तो मैं इसे और ज्यादा तीखी स्थानीय समस्या वाली अखबार की खबर के रूप में भी बना सकता हूं, जिसमें पंचायत प्रशासन की लापरवाही को मुख्य मुद्दा बनाया जाए।
घर में घुसा चार फीट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू अलग-अलग जलाशयों में पहले भी दिख चुके हैं मगरमच्छ, आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत लाखेरी - उपखंड क्षेत्र के कस्बे में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में पहुंचकर एक घर में घुस गया। आधी रात घर में मगरमच्छ घुसने की सूचना से परिजन व आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के देईखेड़ा नाका से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल शैतान राम के नेतृत्व में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ
को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के अलग-अलग जलाशयों में पहले भी मगरमच्छ दिखाई दे चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय पंचायत प्रशासन की ओर से मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशयों के आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते अब मगरमच्छ आबादी क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं और आधी रात घर में घुसने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों ने जलाशयों के आसपास निगरानी बढ़ाने तथा आबादी क्षेत्र में मगरमच्छों की आवाजाही रोकने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक
कार्रवाई की मांग की है। रेस्क्यू अभियान में पूर्व उपसरपंच राजेश मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम का सहयोग किया।ओर कस्बे के अटक्यो बड़े तालाब व बावड़ी में दिखाई दिए मगरमच्छ के बारे में भी अवगत करवाया रेस्क्यू टीम में होमगार्ड सुमेर सिंह, वालेंटियर प्रभुलाल, ध्यानचंद व कैलाश तथा चालक रामप्रसाद मौजूद रहे। वन विभाग की टीम की तत्परता से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।यदि चाहें तो मैं इसे और ज्यादा तीखी स्थानीय समस्या वाली अखबार की खबर के रूप में भी बना सकता हूं, जिसमें पंचायत प्रशासन की लापरवाही को मुख्य मुद्दा बनाया जाए।
- आदिवासी कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया जाता है *मानगढ़ धाम* (बांसवाड़ा)जो कि राजस्थान के जलियांवाला हत्याकांड के नाम से प्रसिद्ध *( 17 नवंबर 1913 )* सवाई माधोपुर आदिवासी कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया जाता है *मानगढ़ धाम* (बांसवाड़ा)जो कि राजस्थान के जलियांवाला हत्याकांड के नाम से प्रसिद्ध *( 17 नवंबर 1913 )* जिसमें 1500 आदिवासियों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी उक्त मानगढ़ धाम को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा राष्ट्रीय स्मारक घोषित नही किए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस के बैनर तले दिनांक *07/08/2026* को सभी जिला अध्यक्ष अपने अपने जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का पुतला दहन किया गया।1
- श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है? श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है?1
- अंता में भागवत कथा के दौरान भक्ति भाव में डूबी महिलाये बारां जिले के अंता में अजीतपुरा बाला जी की बगीची में 7 दिवसीय श्री मद भागवत कथा का आयोजन शुरू किया गया जिसमें पहले ही दिन बड़ी संख्या में महिलाओं सहित पुरुषों द्वारा भक्ति लाभ प्राप्त किया गया । भागवत कथा के दौरान पंडित मुकुटबिहारी शास्त्री ने कहा कि भूमि नहीं अपनी भूमिका बदलने का प्रयास करे जब मनुष्य अपने स्वभाव व्यवहार ओर विचारों को सकारात्मक बना लेता हे तो जीवन में अधिकांश अभाव अपने आप समाप्त होने लगते हे ।भागवत कथा मानव को जीवन जीना सिखाती है।पंडित शास्त्री ने कहा कि आज का मनुष्य सुख की तलाश में मकान बदलता हे दुकान बदलता है लेकिन अपने विचार ओर स्वभाव को नहीं बदलता जबकि वास्तविक परिवर्तन बाहर नहीं भीतर होना चाहिए़ मनुष्य के सुख दुख का वास्तविक कारण उसकी परिस्थितियां नहीं बल्कि उसकी सोच ओर स्वभाव पर निर्भर करती हे ।कथा से पूर्व पोस्ट ऑफिस बाला जी की बगीची से बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई जो कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई अजीतपुरा बाला जी की बगीची पहुंची । कथा आयोजक डॉक्टर भगवान प्रसाद दाधीच ने बताया कि कथा रोजाना दोपहर एक बजे से 4 बजे तक होगी साथ ही 14 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन किया जाएगा ।3
- प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित उत्तरप्रदेश सरकार की तमाम तिकड़मों के बावजूद आज प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित हुआ: सरकार ने पहले कार्यक्रम की परमिशन दे दी, फिर ऐन टाइम पर मना कर दिया, लेकिन जेन जी की नाराज़गी से डरकर सरकार ने वापस परमिशन दे दी: इस सारी कवायद में सरकार ने अपने आपको हास्यास्पद तो बना ही लिया, इस बात को भी उजागर कर दिया कि ये सरकार अंदर से कितना डरी हुई है: कोटा और देहरादून के बाद प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को मिली जबरदस्त कामयाबी से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है, सांप्रदायिक ऐजेंडा नहीं...1
- 📢 ड्रग वॉरियर अभियान – जिला पुलिस सवाई माधोपुर नशा एक सामाजिक समस्या नहीं, पारिवारिक समस्या है – एक परिवार समाप्त होता है। और अगर आप आज भी इसे सहन करेंगे, तो कल आपका कोई अपना इसकी चपेट में अवश्य आएगा। ❤️ इस बार लड़ना है – नफरत से नहीं – सिर्फ प्रेम से – प्रेम स्वयं के जीवन से, परिवार जन के जीवन से, मिलने वालों के जीवन से। 💪 यह है क्रांति – प्रेम और अपनेपन से सवाई माधोपुर को नशामुक्त बनाने की क्रांति! 🌅 यह अभियान आपके और परिवार की मुक्ति का मार्ग है। 🎯 नशे से पीड़ित परिवार आगे आएँ – ड्रग वॉरियर बनें। 🎯 अपने परिवार, मोहल्ले, गाँव को नशामुक्त बनाएँ। 💪 अब बिल्कुल बर्दाश्त न करें। ड्रग वॉरियर कौन? 👩 महिला – माँ, पत्नी, बहन, बेटी जो नशे के दुष्परिणामों से पीड़ित है। 👨 पुरुष – जो नशे का शिकार हुआ और अब बाहर निकलना चाहता है तथा दूसरों की मदद करना चाहता है। 🧑🎓 युवा / Gen Z / Gen Alpha – जिनके परिवार / पड़ोस में पिता, भाई या कोई सदस्य नशे से पीड़ित है और वे उन्हें मुक्त कराना चाहते हैं। 👪 परिवार – जो नशे की वजह से बिखर रहा है और अब एकजुट होकर इस दानव का सामना करना चाहता है। 👨⚕️ डॉक्टर्स – जो नशा मुक्ति में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। 🏫 शिक्षक एवं प्रधानाचार्य – जो अपने स्कूल/कॉलेज परिसर को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। 🤝 हर वह व्यक्ति जो चाहता है कि बदलाव हो। क्या करें? ✅ नशा तस्करी में शामिल लोगों और ठिकानों की गुप्त सूचना दें। ✅ नशे से पीड़ित परिवारों की जानकारी दें – ताकि उन्हें सहायता मिल सके। ✅ सबसे महत्वपूर्ण – अपने परिवार को नशामुक्त बनाएँ। "पहले अपना परिवार, फिर मोहल्ला, फिर गाँव – यही है क्रांति का मंत्र!" 🏫 शिक्षकों/प्रधानाचार्यों से अपील: ➡️ अपने स्कूल/कॉलेज परिसर को नशामुक्त बनाएँ। ➡️ नशे से ग्रसित लोगों को प्रेम करें, उनका डर समझें, अपनापन दें। ➡️ यदि कोई विद्यार्थी/परिवार नशे से पीड़ित है – हम तक पहुँचाएँ। कैसे जुड़ें? सीधे मिलें – 5, 10, 15, 20 या 25 की टोली बनाएँ और मिलें: · एसपी / अपर एसपी / डीएसपी / अपने थाने के एसएचओ/ आपकी बीट के बीट कांस्टेबल 🔒 गुप्त सूचना कैसे दें? 📱 व्हाट्सएप: 9352376939 📸 इंस्टाग्राम DM: @sawaimadhopurpolice 👍 फेसबुक DM: sawaimadhopur.smr 📱 कालिका यूनिट (WhatsApp): +91 96679 73009 आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी! 🏆 सम्मान किसे मिलेगा? जब आपकी बीट नशामुक्त होगी, तो सम्मानित होंगे: 🏅 ड्रग वॉरियर्स का पूरा परिवार 🏅 संबंधित बीट कांस्टेबल 🏅 संबंधित एसएचओ (थानाधिकारी) सभी को एसपी सवाई माधोपुर द्वारा प्रमाण-पत्र एवं विशेष सम्मान। 🏆 पहली नशामुक्त बीट – एसपी द्वारा विशेष सम्मान 🏆 सर्वाधिक नशामुक्त बीट – थानाधिकारी को विशेष सम्मान 🏆 अवधि: 7 अगस्त – 7 सितंबर 2026 (प्रथम चरण) ✅ नशामुक्त बीट के मायने? हाँ! जब ड्रग वॉरियर्स सूचना देंगी कि क्षेत्र में कोई नशा नहीं बिक रहा, तो बीट कांस्टेबल और एसपी की विशेष टीम सत्यापन करेगी। फिर "नशामुक्त बीट" का प्रमाण-पत्र जारी होगा और सभी को सम्मानित किया जाएगा । #ड्रगवॉरियर #नशामुक्तसवाईमाधोपुर #परिवार1
- एयरटेल कंपनी की लापरवाही उजागर, लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरी गाय श्योपुर के सलाहपुर क्षेत्र में एयरटेल कंपनी द्वारा लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में एक गाय गिर गई। स्थानीय निवासी अज्जू मंसूरी सहित अन्य लोगों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदाई के बाद गड्ढे को न तो सुरक्षित ढका गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने संबंधित कंपनी से लापरवाही पर कार्रवाई और खुले गड्ढों को तत्काल भरने की मांग की।1
- श्योपुर के विजयपुर में निजी स्कूल पर लगे मासूम के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप1