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एयरटेल कंपनी की लापरवाही उजागर, लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरी गाय श्योपुर के सलाहपुर क्षेत्र में एयरटेल कंपनी द्वारा लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में एक गाय गिर गई। स्थानीय निवासी अज्जू मंसूरी सहित अन्य लोगों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदाई के बाद गड्ढे को न तो सुरक्षित ढका गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने संबंधित कंपनी से लापरवाही पर कार्रवाई और खुले गड्ढों को तत्काल भरने की मांग की।
Irsad News
एयरटेल कंपनी की लापरवाही उजागर, लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरी गाय श्योपुर के सलाहपुर क्षेत्र में एयरटेल कंपनी द्वारा लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में एक गाय गिर गई। स्थानीय निवासी अज्जू मंसूरी सहित अन्य लोगों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदाई के बाद गड्ढे को न तो सुरक्षित ढका गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने संबंधित कंपनी से लापरवाही पर कार्रवाई और खुले गड्ढों को तत्काल भरने की मांग की।
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- श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है? श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है?1
- श्री देवनारायण भगवान की आरती होते हुए हमारे गांव में ह क्षी देवनारायण भगवान की आरती होते हुए1
- ड्रग वॉरियर अभियान: अब नशा बेचने वालों की उल्टी गिनती शुरू | Sawai Madhopur Police सवाई माधोपुर में नशे के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू हो चुका है। जिला पुलिस सवाई माधोपुर द्वारा 7 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक चलाया जा रहा “ड्रग वॉरियर अभियान” पूरे जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे से पीड़ित परिवारों को सहायता देना, युवाओं को जोड़ना, महिलाओं, Gen Z, Gen Alpha, डॉक्टरों, शिक्षकों और आम नागरिकों को ड्रग वॉरियर बनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। सवाई माधोपुर पुलिस द्वारा जारी गुप्त सूचना नंबर: 📱 व्हाट्सएप: 9352376939 📱 कालिका यूनिट (WhatsApp): 96679 73009 आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अगर आपके क्षेत्र में नशा तस्करी हो रही है या कोई परिवार नशे से पीड़ित है, तो जानकारी पुलिस तक अवश्य पहुँचाएँ। पहले अपना परिवार, फिर मोहल्ला, फिर गाँव — यही है नशामुक्त सवाई माधोपुर की क्रांति। #ड्रगवॉरियरअभियान #नशामुक्तसवाईमाधोपुर1
- घर में घुसा चार फीट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू अलग-अलग जलाशयों में पहले भी दिख चुके हैं मगरमच्छ, आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत लाखेरी - उपखंड क्षेत्र के कस्बे में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में पहुंचकर एक घर में घुस गया। आधी रात घर में मगरमच्छ घुसने की सूचना से परिजन व आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के देईखेड़ा नाका से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल शैतान राम के नेतृत्व में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के अलग-अलग जलाशयों में पहले भी मगरमच्छ दिखाई दे चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय पंचायत प्रशासन की ओर से मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशयों के आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते अब मगरमच्छ आबादी क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं और आधी रात घर में घुसने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों ने जलाशयों के आसपास निगरानी बढ़ाने तथा आबादी क्षेत्र में मगरमच्छों की आवाजाही रोकने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। रेस्क्यू अभियान में पूर्व उपसरपंच राजेश मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम का सहयोग किया।ओर कस्बे के अटक्यो बड़े तालाब व बावड़ी में दिखाई दिए मगरमच्छ के बारे में भी अवगत करवाया रेस्क्यू टीम में होमगार्ड सुमेर सिंह, वालेंटियर प्रभुलाल, ध्यानचंद व कैलाश तथा चालक रामप्रसाद मौजूद रहे। वन विभाग की टीम की तत्परता से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।यदि चाहें तो मैं इसे और ज्यादा तीखी स्थानीय समस्या वाली अखबार की खबर के रूप में भी बना सकता हूं, जिसमें पंचायत प्रशासन की लापरवाही को मुख्य मुद्दा बनाया जाए।3
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