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पलामू जिले के पंडवा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गाड़िखास की दीवारों पर काले धब्बे देखे गए हैं। ये काले धब्बे स्पष्ट रूप से स्कूल के उचित रखरखाव में कमी का संकेत देते हैं।
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पलामू जिले के पंडवा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गाड़िखास की दीवारों पर काले धब्बे देखे गए हैं। ये काले धब्बे स्पष्ट रूप से स्कूल के उचित रखरखाव में कमी का संकेत देते हैं।
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- पलामू ज़िले के विश्रामपुर निवासी एक युवक, कुलवंत ठाकुर, ने गढ़वा में कीटनाशक पदार्थ (जहर) का सेवन कर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके पैतृक घर विश्रामपुर पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।1
- झारखंड के गढ़वा जिले के शाहपुर-गढ़वा रोड स्थित किन्नी गांव में मंगलवार दोपहर 4 बजे तक स्वर्गीय अनिल चौरसिया की 14वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्वर्गीय अनिल चौरसिया की आदमकद प्रतिमा के समक्ष एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया के पिता अनिल चौरसिया को याद करने के लिए भीषण गर्मी के बावजूद हजारों समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौके पर जुटी रही। कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अतिरिक्त, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, विधायक आलोक चौरसिया, विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता, मेयर अरुणा शंकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हजारों समर्थकों ने स्वर्गीय अनिल चौरसिया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधायक आलोक चौरसिया ने भी नम आंखों से अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। रघुवर दास ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय अनिल चौरसिया गरीबों, दलितों और शोषितों की आवाज थे, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा उनके हक के लिए लड़ाई लड़ी। विधायक आलोक चौरसिया ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों पर जुल्म के खिलाफ संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई थी और वह उनके संघर्ष को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। बताया गया कि अनिल चौरसिया ने 14 जून 2012 को गढ़वा के भंडरिया प्रखंड के बोडरी गांव में चिलचिलाती धूप में अपनी अंतिम जनसभा की थी, जिसके बाद वे बीमार पड़े और 16 जून 2012 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन को 14 साल बीत चुके हैं, और हर साल उनके पुत्र विधायक आलोक चौरसिया उन्हें याद करने के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित करते हैं और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया।1
- झारखंड सरकार के "नशा मुक्ति झारखंड अभियान" के तहत रंका पुलिस ने रंका प्रखंड के गोदरमाना स्थित प्लस टू हाई स्कूल परिसर में नशा और साइबर अपराध से बचाव को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रंका क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाना तथा युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के साथ-साथ साइबर अपराध, अंधविश्वास एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) रोहित रंजन सिंह, थाना प्रभारी रवि केशरी, बीआरसी संजय गुप्ता, विद्यालय प्रभारी विकास कुमार दास और मुखिया प्रतिनिधि शंभू गुप्ता ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के विनाशकारी प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य, बल्कि उसके परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है, जिससे लीवर, फेफड़े जैसे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नशे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में घिर जाते हैं और बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ता है, यहां तक कि कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। डीएसपी ने छात्र-छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने मोबाइल फोन पर आने वाले प्रलोभन भरे संदेशों और फर्जी लिंक से सावधान रहने की चेतावनी दी, क्योंकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार साइबर अपराध के जरिए हजारों करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों को अंधविश्वास, जादू-टोना और भूत-प्रेत जैसी भ्रांतियों से दूर रहने की भी सलाह दी। थाना प्रभारी रवि केशरी ने अपने संबोधन में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, बाल विवाह को रोकने, साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर ध्यान देने और नशामुक्त जीवन अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी नशे के दुष्परिणामों के बारे में अवश्य बताएं और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए, थाना प्रभारी ने मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर बल दिया और पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि प्रति वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली बड़ी संख्या में मौतों को सावधानी बरतकर रोका जा सके। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध या सड़क सुरक्षा से संबंधित शिकायत होने पर वे बिना किसी झिझक के पुलिस से संपर्क कर सकते हैं या आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं, क्योंकि रंका पुलिस जनता की सेवा के लिए 24 घंटे तत्पर है।1
- पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड में मुखिया और पंचायत सचिव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नाम लेकर 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए, जिसमें मुखिया और पंचायत सचिव को निशाना बनाया गया।1
- चिनिया थाना क्षेत्र के बेसरी गांव में बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 66 वर्षीय बुटन भुइयां की इलाज के दौरान रांका सामुदायिक केंद्र में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रंका थाना क्षेत्र के बांदु गांव निवासी बुटन भुइयां अपने साथी भरत भुइयां के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान बेता रोड स्थित ताहिर अंसारी के घर के समीप उनकी बाइक की आमने-सामने एक हाइड्रा से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए रंका सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ बुटन भुइयां ने दम तोड़ दिया। वहीं, भरत भुइयां अब भी गंभीर हालत में इलाजरत हैं। मृतक बुटन भुइयां का शव गढ़वा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार दोपहर बांदु गांव के समीप स्थित श्मशान घाट मुक्तिधाम में नम आँखों से उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त हाइड्रा को जब्त कर लिया। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर चतरा में मादक पदार्थों, विशेषकर अफीम और गांजा के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। गुरुवार को राजपुर पुलिस और चतरा एनडीपीएस थाना के संयुक्त तत्वावधान में बीके+2 उच्च विद्यालय कान्हाचट्टी में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के तहत, सहायक पुलिस के जवानों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, अंचल अधिकारी कान्हाचट्टी मनोज कुमार गोप ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर रहा है। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए यह भी कहा कि नशे के चंगुल में फंसे लोगों को जागरूक करना उनका नैतिक दायित्व है। राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों से विशेष अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी अफीम या गांजा की खेती दिखाई दे, तो वे तत्काल इसकी सूचना थाना प्रभारी या अंचल अधिकारी को दें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अजीत मेहता, अरविंद कुमार, गौतम कुमार, सबिता कुमारी, करिश्मा कुमारी सहित कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। अभियान के समापन पर, कान्हाचट्टी स्थित बीके+2 स्कूल के बच्चों ने मादक पदार्थों से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ ली।1
- Post by Pawan kumar yadav1
- रेहला थाना क्षेत्र के गुरहा कला गांव में जमीन विवाद को लेकर मारपीट की एक घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इस मामले में पीड़ित अजय सिंह ने गुरहा गांव के ही कृष्ण मुरारी सिंह और सुनील सिंह के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।1
- झारखंड के गढ़वा जिले के किन्नी गांव में मंगलवार दोपहर डल्टनगंज के विधायक आलोक चौरसिया के पिता स्व. अनिल चौरसिया की 14वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। शाहपुर-गढ़वा रोड स्थित किन्नी गांव में स्व. अनिल चौरसिया की आदमकद प्रतिमा के सामने एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मुख्य अतिथि के अलावा, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, विधायक आलोक चौरसिया, विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता, मेयर अरुणा शंकर, अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों समर्थकों ने स्व. अनिल चौरसिया की प्रतिमा पर पुष्प और माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक आलोक चौरसिया ने नम आँखों से अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। भीषण गर्मी के बावजूद, स्व. अनिल चौरसिया को याद करने के लिए समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौके पर जुटी रही। उल्लेखनीय है कि अनिल चौरसिया ने 14 जून 2012 को गढ़वा के भंडरिया प्रखंड के बोडरी गांव में चिलचिलाती धूप में अपनी अंतिम जनसभा की थी। इसी क्रम में वे बीमार पड़ गए और 16 जून 2012 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन को 14 साल बीत चुके हैं, और हर साल उनके पुत्र विधायक आलोक चौरसिया उनकी याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करते हैं तथा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर रघुवर दास ने स्व. अनिल चौरसिया को गरीबों, दलितों और शोषितों की आवाज़ बताया। उन्होंने कहा कि अनिल चौरसिया ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा गरीबों और दलितों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। विधायक आलोक चौरसिया ने भी कहा कि उनके पिता ने गरीबों पर होने वाले जुल्म के खिलाफ संघर्ष करके अपनी पहचान बनाई थी और वे उनके संघर्ष को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया।1