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बलिया जिले के दुबहड थाना क्षेत्र के उग्रसेनपुर ओझा कछुआ निवासी कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मिंटू मिश्रा पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), बलात्कार (376) सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि कृपा शंकर मिश्रा अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को परेशान कर रहा है और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। वह कथित तौर पर रोड पर लाठी-डंडों और कट्टे से धमकियां भी दे रहा है। बताया गया है कि कृपा शंकर मिश्रा, दिनानाथ मिश्रा, उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा और उनके परिवार के साथ मिलकर अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को मारकर खुलेआम घूम रहा है। इस पूरे प्रकरण में दुबहड थाना द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी अपलोड किया गया है।
Ganesh Mishra
बलिया जिले के दुबहड थाना क्षेत्र के उग्रसेनपुर ओझा कछुआ निवासी कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मिंटू मिश्रा पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), बलात्कार (376) सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि कृपा शंकर मिश्रा अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को परेशान कर रहा है और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। वह कथित तौर पर रोड पर लाठी-डंडों और कट्टे से धमकियां भी दे रहा है। बताया गया है कि कृपा शंकर मिश्रा, दिनानाथ मिश्रा, उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा और उनके परिवार के साथ मिलकर अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को मारकर खुलेआम घूम रहा है। इस पूरे प्रकरण में दुबहड थाना द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी अपलोड किया गया है।
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- बलिया जिले के दुबहड थाना क्षेत्र के उग्रसेनपुर ओझा कछुआ निवासी कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मिंटू मिश्रा पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), बलात्कार (376) सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि कृपा शंकर मिश्रा अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को परेशान कर रहा है और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। वह कथित तौर पर रोड पर लाठी-डंडों और कट्टे से धमकियां भी दे रहा है। बताया गया है कि कृपा शंकर मिश्रा, दिनानाथ मिश्रा, उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा और उनके परिवार के साथ मिलकर अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को मारकर खुलेआम घूम रहा है। इस पूरे प्रकरण में दुबहड थाना द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी अपलोड किया गया है।4
- जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस अभियान के तहत, अधिकारियों ने आम लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की, जिससे हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।1
- हरिद्वार से आए स्वामी आनंद स्वरूप ने भरत एनकाउंटर मामले से जुड़े घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भरत की स्मृति में एक प्रतिमा स्थापित करने और सड़क का नामकरण करने की मांग उठाई। स्वामी आनंद स्वरूप ने स्वयं एक ईंट रखकर स्मृति स्थल के निर्माण की घोषणा भी की।1
- बलिया जिले में विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस बैठक में विशेष रूप से दुबहड़ क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या के समाधान पर गहन चर्चा हुई, जहाँ उपभोक्ता बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे थे। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को सूचित किया कि दुबहड़ उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी सहरसपाली फीडर पर अत्यधिक भार की समस्या थी। इस समस्या का समाधान करते हुए, इस भार को जनाड़ी फीडर पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, दुबहड़ क्षेत्र में अब बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई है और उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में बेहतर बिजली मिल रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली से संबंधित सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत का समाधान होने के बाद संबंधित उपभोक्ता से फोन पर संपर्क कर फीडबैक लेना सुनिश्चित करें, जिससे कार्य की गुणवत्ता और उपभोक्ता संतुष्टि का सही आकलन हो सके। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा में बदलने, विद्युत आपूर्ति की नियमित निगरानी रखने और जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य अभियंता (वितरण) आजमगढ़ क्षेत्र सहित जनपद के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी उपस्थित थे।1
- बलिया के सिकन्दरपुर, जिसे 'गुलाबों का शहर' के नाम से जाना जाता है, में मंगलवार देर रात मोहर्रम के मातमी पर्व के तहत सातवीं का हुसैनी जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए और कर्बला के शहीदों की याद को ताजा करते हुए 'या हुसैन या अली' के नारों के साथ आगे बढ़े। सिकन्दरपुर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के डोमनपुरा (गंधी मोहल्ला), बढ्ढा (मिल्की मोहल्ला) और मोहल्ला भिखपुरा से अलग-अलग जुलूस निकलते हैं। मंगलवार की देर रात डोमनपुरा से जुलूस निकलने के बाद, बढ्ढा व भिखपुरा मोहल्लों से भी अलग-अलग जुलूस निकाले गए। ये जुलूस परम्परागत मार्गों पर भ्रमण करते हुए मध्य रात में मोहल्ला बढ्ढा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचे। भ्रमण के दौरान जुलूसों में शामिल लोग लगातार 'या अली' और 'या हुसैन' के नारे बुलंद कर रहे थे, साथ ही मर्सिया व नवहा पढ़ते चल रहे थे। जुलूस के गुजरने वाले मार्गों के दोनों ओर बूढ़ों, बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। लाठी लड़ाने की कला देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला, बच्चे व बुजुर्ग मौजूद थे। इस दौरान, बढा और भिखपुरा के जुलूस तो दरगाह मैदान में ही रह गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस वहाँ से आगे बढ़कर मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब के मज़ार प्रांगण में जाकर खड़ा हो गया। तीनों जुलूस अपने-अपने स्थान पर लगभग एक घंटे तक रुके रहे, जिसमें शामिल युवाओं ने अपनी अस्त्रकलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन कर भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया। बाद में, सभी मोहल्लों के जुलूस अपने स्थान से प्रस्थान कर देर रात मोहल्लों में वापस पहुँचकर समाप्त हो गए। उधर, दरगाह के मैदान में कुछ समय तक रुकने के बाद, मिट्टी लेकर निकला जुलूस भी वहाँ से प्रस्थान कर देर रात पुनः अपने पूर्व स्थान पर पहुंचकर समाप्त हुआ। परम्परा के अनुसार, जुलूस वापस आने के बाद मोहल्ला भिखपुरा के चौक पर चौकी रखने की रस्म भी अदा की गई। इस जुलूस में प्रमुख रूप से डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर एकराम अली उर्फ लड्डन भाई, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढा के सदर हसनैन अंसारी सहित फैजी अंसारी, जावेद अंसारी, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मो. आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, टिंकू पठान, अरमान खान, मुन्नू भाई, अजीम भाई, मल्लू भाई और सद्दाम भाई जैसे कई महत्वपूर्ण लोग शामिल थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह अपने हमराहियों के साथ जुलूस के शुरू से लेकर अंत तक मुस्तैद डटे रहे।1
- बांकीपुर में यह प्रस्ताव सामने आया है कि प्रशांत किशोर को वोट देकर किसी कथित गलती को सुधारा जा सकता है। इस संभावना को लेकर प्रबुद्ध जनों के साथ एक सभा में चर्चा किए जाने पर विचार हो रहा है।1
- अपनी गर्भवती बेटी की जान बचाने के लिए एक माँ ने 11 दिन पहले पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने के कारण आज वही बेटी कब्र में है। माँ ने लिखित शिकायत में दहेज प्रताड़ना, जान के खतरे और अपनी गर्भवती बेटी की सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते 11 दिन बाद रेशमा की मौत हो गई। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि प्रशासन तब क्या कर रहा था जब एक माँ अपनी बेटी की जान बचाने के लिए गुहार लगा रही थी। रेशमा के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है और अब वे दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, उनकी गिरफ्तारी करने और मामले की निष्पक्ष जांच शुरू करने की मांग कर रहे हैं। परिवार का सवाल है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो क्या रेशमा आज जीवित होती।1
- बलिया के दुबहर थाना क्षेत्र अंतर्गत ओझा छपरा उग्रसेनपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसके परिणामस्वरूप एक पक्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल पीड़ित को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने दूसरे पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे मुकदमे में सुलह करने के नाम पर उन पर दबाव बना रहे हैं। इसी के चलते, न्याय की तलाश में पीड़ित परिवार ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) के दरबार में पहुंचकर गुहार लगाई है। मामले में दुबहर थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया।1