मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत झल्लार थाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालय रम्भा और हायर सेकेंडरी चांदू में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के विषय पर जागरूकता बढ़ाना था, जिसमें विद्यालय के लगभग 100 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना प्रभारी वाजिद खान ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, ओटीपी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश और नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार, डिजिटल गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाने के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें साइबर अपराधों से बचने के प्रति सजग बनाते हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत झल्लार थाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालय रम्भा और हायर सेकेंडरी चांदू में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के विषय पर जागरूकता बढ़ाना था, जिसमें विद्यालय के लगभग 100 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना प्रभारी वाजिद खान ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन
बैंकिंग, यूपीआई, ओटीपी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश और नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर
शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार, डिजिटल गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाने के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें साइबर अपराधों से बचने के प्रति सजग बनाते हैं।
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱1
- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1
- बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।2
- मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाने, पिछले वर्ष की सोयाबीन की बीमा राशि के भुगतान और उर्वरक वितरण की विकास प्रणाली को बंद करने की मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनेक गांवों में मध्य प्रदेश सरकार का पुतला जलाया गया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को आम किसान यूनियन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें गांव-गांव विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। यूनियन का कहना है कि आगामी दिनों में जिले के हर गांव में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद शीघ्र ही जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय को घेरने के लिए "घेर डालो डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा। आज के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम भोनखेड़ी, सोनखेड़ी, नांदरा, गोयत और अन्य कई गांवों में सरकार के पुतले फूंके गए।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। 21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ज्ञानदेव के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस उपरांत, पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। परिजन यहीं नहीं रुके; उन्होंने क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें सौंपीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अब तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।1
- जिला अस्पताल प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन पीने के पानी के लिए लगाए गए आरओ (RO) प्लांट के पानी का उपयोग बर्तन धोने और कपड़े साफ करने के लिए कर रहे हैं। यह स्थिति जिला अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो महत्वपूर्ण संसाधनों के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने में विफल रहा है।1
- मूंग खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने मोहन सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस उग्र विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोहन सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1