बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।
बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे,
जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।2
- आमला बैतूल में रेल यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, आमला जीआरपी के टीआई प्रभारी प्रमोद पाटिल ने विशेष रूप से आमला और बैतूल स्टेशनों पर यात्रियों को साइबर ठगी से बचने के प्रभावी तरीके और 'मंत्र' प्रदान किए। यह अभियान यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है।2
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।1
- बैतूल जिले के नेहरू पार्क चौपाटी स्थित एक पराठा गुमटी में आग लगने की घटना सामने आई है।1
- पांढुर्णा के आस्था के प्रमुख केंद्र हनुमान लोक जाम सावली में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे। प्रातःकालीन आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तों की श्रद्धा और जयकारों से गूँज उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने चमत्कारी श्री हनुमान मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की, और आरती में शामिल होकर एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। उल्लेखनीय है कि हनुमान लोक जाम सावली में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की अधिक भीड़ देखने को मिलती है।1
- पांढुर्णा शहर के तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर एक अज्ञात युवक 24 घंटे से अधिक समय से चढ़ा हुआ है। सोमवार शाम करीब 5 बजे टावर के ऊपरी हिस्से पर चढ़ा यह युवक, भीषण गर्मी और बीती रात की तेज बारिश व हवाओं के बावजूद नीचे आने को तैयार नहीं है। लगातार इतने समय तक कुछ भी न खाने और न पानी पीने के कारण उसकी बिगड़ती स्थिति को लेकर पुलिस और प्रशासन की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। प्रशासनिक टीम, जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े, थाना प्रभारी अमित दाणी, तहसीलदार और पुलिस-प्रशासन का पूरा अमला शामिल है, सोमवार शाम से ही लगातार मौके पर मुस्तैद है और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया है। अधिकारियों ने युवक से संवाद स्थापित करने के लिए हिंदी, मराठी और गोंडी जैसी तीन अलग-अलग भाषाओं का सहारा लिया; थाना प्रभारी ने खुद समझाइश दी, और एक स्थानीय आदिवासी व्यक्ति के माध्यम से गोंडी भाषा में भी अपील करवाई गई, लेकिन युवक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सुरक्षा के मद्देनजर टावर के नीचे एक बड़ा जाला (नेट) भी लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि युवक ने उसे बचाने पहुंचे एक कर्मचारी पर रॉड से हमला करने की कोशिश भी की। ड्रोन कैमरे से संपर्क साधने का प्रयास भी टावर की अत्यधिक ऊंचाई के कारण सफल नहीं हो सका। फिलहाल युवक की पहचान उजागर नहीं हो पाई है और न ही उसके टावर पर चढ़ने के कारणों का पता चल सका है। वह किसी से बात नहीं कर रहा है और उसकी कोई मांग भी सामने नहीं आई है। पुलिस की पहली प्राथमिकता उसे सकुशल नीचे उतारना है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इस व्यक्ति को पहचानता है, तो तुरंत पांढुर्णा पुलिस थाना से संपर्क करें। मौके पर रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की टीम भी बुलाई गई है और उसे नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। खबर लिखे जाने तक युवक का कोई परिचय सामने नहीं आया था और वह बीएसएनएल टावर से नीचे नहीं उतरा था।3
- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1