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मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।
Manohar agrval Agrawal
मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।
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- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।1
- बैतूल जिले के नेहरू पार्क चौपाटी स्थित एक पराठा गुमटी में आग लगने की घटना सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश के आमला में गरीबों के राशन में कथित तौर पर 10.30 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में एक सेल्समैन को बोरदेही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सेल्समैन को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के दायरे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।1
- सारनी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिलाओं की फर्जी आईडी बनाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनय पिता सेनापति निवासी सिंदूर सुपर एफ कॉलोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी विनय को गिरफ्तार कर बैतूल न्यायालय में पेश किया।1
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत झल्लार थाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालय रम्भा और हायर सेकेंडरी चांदू में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के विषय पर जागरूकता बढ़ाना था, जिसमें विद्यालय के लगभग 100 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना प्रभारी वाजिद खान ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, ओटीपी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश और नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार, डिजिटल गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाने के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें साइबर अपराधों से बचने के प्रति सजग बनाते हैं।3
- बैतूल के पोहर ग्राम में श्मशान घाट तक जाने वाला सीसी रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, जिससे विकास के दावों की पोल खुल गई है। हाल ही में बारस्कर परिवार की शव यात्रा के दौरान सैकड़ों लोगों को बारिश में कीचड़ भरे इस रास्ते से गुजरना पड़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इस स्थिति पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें श्मशान घाटों के सौंदर्यीकरण और पहुंच मार्गों की सुख-सुविधाओं के लिए योजनाएं बनाकर पंचायतों के माध्यम से लाखों रुपए खर्च कर रही हैं, ताकि मृत आत्मा और शव यात्रा में शामिल लोगों की यात्रा सुखद हो सके। हालांकि, भैंसदेही विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पोहर में, जहां पंचायत द्वारा लाखों रुपए खर्च कर श्मशान घाट तक सीसी रोड का निर्माण किया गया था, वह बारिश में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है। लोग इस बात से हैरान-परेशान हैं कि जिस पवित्र स्थल पर एक दिन हर व्यक्ति को जाना है, वहां भी भ्रष्टाचार हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि कम से कम स्वर्ग जाने वाली अंतिम यात्रा की सड़क तो ठीक बननी चाहिए, और ऐसे स्थान पर भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस तरह के संवेदनशील मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं, या फिर हमेशा की तरह ग्रामीणों को इसी भ्रष्टाचार भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ेगा।1
- मध्य प्रदेश के चिचोली स्थित ग्राम बालाडोंगरी (वन ग्राम) में एक आदिवासी किसान के साथ वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर एनएसयूआई प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। भुसारी ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी। पीड़ित आदिवासी किसान अमरदास पिता इमरत इवने ने बताया कि 27 जून को वन विभाग के रेंजर सुधीर पवार, डिप्टी रेंजर शिवचरण बाथम और नाकेदार बलवीर सिंह उन्हें बिना किसी उचित कारण के गांव से वाहन में बैठाकर कुरसना स्थित वन कार्यालय ले गए। वहां उन्हें एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। अमरदास का आरोप है कि इसके बाद इलाज कराने के बहाने उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर दोबारा मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान संबंधित अधिकारी नशे की हालत में थे। मुलाकात के दौरान पीड़ित के भाई शंकर इवने ने दावा किया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने रेंजर की ओर से समझौता करने के लिए ₹5 लाख का प्रस्ताव दिया था, जिसे परिवार ने अस्वीकार कर दिया। वहीं, पीड़ित के पिता इमरत इवने ने बताया कि उन्होंने दोषियों के खिलाफ बैतूल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक किसी आरोपी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी न्याय की गुहार लगाई, पर कोई राहत नहीं मिली है। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद हर्ष भुसारी अपने साथियों के साथ चिचोली थाना पहुंचे, जहां थाना प्रभारी ने उन्हें बताया कि यह मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से बीजादेही थाना भेज दिया गया है और इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद हर्ष भुसारी ने मौके से ही एसडीओपी से दूरभाष पर चर्चा की, जिन्होंने पांच दिन के भीतर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हर्ष भुसारी ने दोहराया कि यदि वन विभाग के दोषी अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ मिलकर एक व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।3