गाजीपुर के मुहम्मदाबाद नगर के यूसुफपुर गंज मोहल्ले में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में गिरने से 15 महीने के मासूम विवान की मौत हो गई। शुक्रवार रात जब यह हादसा हुआ, तब घर के बड़े बच्चे पढ़ाई कर रहे थे और महिलाएं रसोई के काम में व्यस्त थीं। इसी दौरान खेलते-खेलते विवान बाथरूम में पहुंच गया और वहां रखी पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। कुछ देर बाद जब परिवार के लोगों को विवान घर में दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए जब परिजन बाथरूम में पहुंचे, तो वह बाल्टी के पानी में गिरा मिला। परिजन और पड़ोसी उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विवान दो भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी इस असमय मौत से मां हेमलता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई में एक निजी नौकरी कर रहे पिता पवन जायसवाल तत्काल घर के लिए रवाना हो गए हैं। मासूम की मौत की खबर से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद नगर के यूसुफपुर गंज मोहल्ले में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में गिरने से 15 महीने के मासूम विवान की मौत हो गई। शुक्रवार रात जब यह हादसा हुआ, तब घर के बड़े बच्चे पढ़ाई कर रहे थे और महिलाएं रसोई के काम में व्यस्त थीं। इसी दौरान खेलते-खेलते विवान बाथरूम में पहुंच गया और वहां रखी पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। कुछ देर बाद जब परिवार के लोगों को विवान घर में दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।
खोजबीन करते हुए जब परिजन बाथरूम में पहुंचे, तो वह बाल्टी के पानी में गिरा मिला। परिजन और पड़ोसी उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विवान दो भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी इस असमय मौत से मां हेमलता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई में एक निजी नौकरी कर रहे पिता पवन जायसवाल तत्काल घर के लिए रवाना हो गए हैं। मासूम की मौत की खबर से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का एक और बड़ा आरक्षण घोटाला सामने आया है, जहां कृषि विभाग में निकाली गई 2,759 पदों की बंपर भर्ती में ओबीसी, दलित (एससी) और एसटी समाज के भाई-बहनों का हक मार लिया गया है। नियम और संवैधानिक आरक्षण के मुताबिक, इन वर्गों को कुल 1,380 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ और सिर्फ 792 पद ही दिए गए हैं। इस तरह सीधे-सीधे इन वंचित वर्गों की 588 नौकरियां डकार ली गई हैं और 588 परिवारों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है; जब-जब नौकरियों की बात आती है, तब-तब वंचित समाज का हक मार लिया जाता है। इससे पहले भी 69,000 शिक्षक भर्ती में भी आरक्षण को लेकर युवाओं को सड़कों पर लाठियां खानी पड़ी थीं।1
- बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक अजीब वाकया देखने को मिला। जब निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक सभागार की बिजली गुल हो गई। संजय निषाद ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि "जो जमीन सरकारी, वह जमीन हमारी है" और इसी बीच बिजली चली गई। अंधेरा होने के बावजूद कार्यक्रम रुका नहीं और मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी की व्यवस्था की। टॉर्च की रोशनी के बीच संजय निषाद मंच पर खड़े रहे और कार्यक्रम बदस्तूर जारी रहा, जो वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- Uttar Pradesh Mau doharighat Thana Uttar Pradesh gram Chauhan1
- उत्तर प्रदेश के बलिया में एक कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब सूबे के मंत्री संजय निषाद सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे और तभी अचानक बिजली चली गई। बिजली गुल होते ही मंच और पूरे कार्यक्रम स्थल पर अंधेरा छा गया, जिसके बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कार्यक्रम को जारी रखने का प्रयास किया। इस विपरीत परिस्थिति में भी मंत्री संजय निषाद बिना रुके मुस्कुराते हुए मोबाइल की रोशनी में ही अपना संबोधन देते दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। विपक्ष इस वीडियो को साझा कर सरकार की बिजली व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों का तर्क है कि बिजली जाना महज एक तकनीकी समस्या हो सकती है और इस एक घटना से पूरी व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह घटना सिर्फ एक संयोग थी या फिर सरकार के दावों की पोल खोलती एक हकीकत।1
- गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान चोरी के आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ताड़ीघाट रेलवे फ्लाईओवर के पास से 23 वर्षीय आरोपी सूरज बनवासी को दबोचा। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। हथियार के अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के जेवर भी बरामद किए हैं। बरामद जेवरात में तीन जोड़ी चांदी की पायल, सोने के दो लॉकेट, दो गुरिया, दो जोड़ी कान के टप्स और दो जोड़ी कान की झाली शामिल हैं। अवैध हथियार मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1