Shuru
Apke Nagar Ki App…
नाचे मोर सजनी डीजे मा' नामक एक नया छत्तीसगढ़ी डीजे गाना लॉन्च किया गया है, जिसे 2026 के लिए एक सुपरहिट ट्रैक के रूप में पेश किया जा रहा है। यह एक नया और सुपरहिट डीजे गाना है।
KUNAL MUSIC STUDIO
नाचे मोर सजनी डीजे मा' नामक एक नया छत्तीसगढ़ी डीजे गाना लॉन्च किया गया है, जिसे 2026 के लिए एक सुपरहिट ट्रैक के रूप में पेश किया जा रहा है। यह एक नया और सुपरहिट डीजे गाना है।
- KUNAL MUSIC STUDIOपंडरिया, कबीरधाम, छत्तीसगढ़फुल सोंग लिंक https://youtu.be/_zdeI0ubaUE?si=DI7VvrmrqL-FnjfN2 hrs ago
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत स्थित कबीर कुटी में सद्गुरु कबीर साहेब का तहसील स्तरीय प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सत्यनाम के जयघोष और भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास साहेब, पंथ श्री हूजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब, पंथ श्री हूजूर उदित मुनि नाम साहेब और चार गुरु वंश 42 की असीम कृपा से हुआ। मंगलवार सुबह 6 बजे से ही बोड़ला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से कबीर पंथी समाज के अनुयायी, एसकेडीवी मिशन के प्रतिनिधि, समिति के सदस्य, साधु-संत, गुरुजन, आमीन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे गुरु महिमा पाठ से हुई, जिसके बाद सुबह 9 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ध्वज-निशान के साथ नगर भ्रमण करते हुए कबीर साहेब के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया। शोभायात्रा के पश्चात ध्वज-निशान पूजा, आनंदी चौका और आरती का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन परम पूज्य गुरुगोसाई श्री दिलीप साहेब जी के करकमलों द्वारा कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न भजन मंडलियों ने, जिनमें आसपास के दर्जनों गांवों से आई मंडलियां और टीमें भी शामिल थीं, कबीर वाणी और भजनों की शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह 10 बजे से विशाल भोजन भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य महेश चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे और उन्होंने समाजजनों को प्राकट्य उत्सव की शुभकामनाएं दीं। एसकेडीवीएम के तहसील स्तरीय पदाधिकारियों समेत सैकड़ों की संख्या में सकल कबीर पंथ समाज के अनुयायी भी इस आयोजन में शामिल हुए, जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता से भर दिया।1
- मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने कथित दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बस्ती में पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। ग्रामीण यह भी दावा कर रहे हैं कि आरोपी, पटवारी और आरआई द्वारा किए गए गलत सीमांकन का फायदा उठाकर उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने दूसरी जगह पाइप डालने की कोशिश की, तब भी आरोपियों ने उन्हें गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने के कारण बच्चों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसमें चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे सहित कुल सात लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी गुहार लगाई है ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।1
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान, बजाग ब्लॉक के घोपतपुर स्थित डुमर टोला से करीब आधा सैकड़ा लोग पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इन ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी यह महत्वपूर्ण मांग रखी।4
- बिलासपुर शहर के रिवर व्यू क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवजात शिशु का शव पड़ा मिला। इस खबर के फैलते ही घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह क्षेत्रवासियों की नजर नवजात के शव पर पड़ने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर अपनी जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे वहां किसने छोड़ा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच टीम आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही, नवजात की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। शहर के व्यस्त रिवर व्यू क्षेत्र में नवजात का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। कोतवाली पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।4
- आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।1
- सेंट जेवियर स्कूल दुष्कर्म मामले को लेकर जनता का भारी आक्रोश देखने को मिला है। इसी कड़ी में, सर्वसेन समाज के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया, जहाँ दुष्कर्मी को तत्काल फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों में इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पूरे प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।1
- बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- कवर्धा के पंडरिया में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराधों और कथित पुलिस निष्क्रियता के विरोध में स्थानीय विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन कर पंडरिया थाने का जंगी घेराव किया गया। जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस जनआक्रोश रैली में विभिन्न समाजों के नागरिक, व्यापारी, महिलाएँ, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और पीड़ित परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने स्थानीय विधायक पर निरंकुश शासन प्रशासन चलाने का सीधा आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलनकर्ताओं ने पंडरिया नगर और क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों, आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले में न्याय की मांग, दो अन्य लापता आदिवासी व्यक्तियों, लगातार हो रही चोरियों, पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब बिक्री, जंगलों में चल रहे जुए, स्कूलों के पास शराब भट्ठियों के कारण महिलाओं-छात्राओं से छेड़छाड़, अवैध वसूली, अनियंत्रित वाहन राइडिंग तथा थाने के पास हुए हत्याकांड पर तत्काल कार्रवाई की मांग सहित कई जनसमस्याओं को उठाया। उन्होंने पंडरिया थाना प्रभारी की निष्क्रियता और जनता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग भी की। धरना-प्रदर्शन के बाद निकाली गई विशाल जनआक्रोश रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें भारी संख्या में नागरिकों ने जोरदार नारेबाजी के साथ हिस्सा लिया। रैली के दौरान विधायक के झूठे वादों, भय मुक्त या भय युक्त माहौल, पुलिस प्रशासन की उदासीनता, अवैध वसूली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था में सुधार सहित बारह-तेरह मुख्य बिंदुओं पर आवाज उठाई गई। गांधी चौक स्थित पंडरिया थाने पहुँचने पर आंदोलनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए दो बैरिकेड्स में से एक को नाराज भीड़ ने तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में, आंदोलनकारियों ने आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले की निष्पक्ष जांच, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अवैध शराब, सट्टा-जुआ और नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई, स्कूली बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आम जनता के साथ पुलिस के बेहतर व्यवहार की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जनता इससे भी बड़ा, व्यापक और उग्र जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आंदोलन के अंत में विधायक भावना बोहरा के तस्वीर रहित पुतले का दहन किया गया, जिसमें उन पर वीडियो रीलबाजी तक सीमित कार्य करने और भय मुक्त पंडरिया के खोखले वादे-दावे के जरिए कुशासन चलाने का आरोप लगाया गया। उपस्थित नागरिकों ने एकजुट होकर न्याय, सुरक्षा और अपराध मुक्त पंडरिया की मांग दोहराई और अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया।1