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सरकार 23.59 करोड़ बाकी किसानों की फसल खराबा राशी जल्द जारी करे नहीं तो किसान आंदोलन करेंगे डूंगरपुर जिले में पिछले साल खरीफ फसल 2025 का किसानों का मुआवजा राशि ( फसल खराबा) 23.59 करोड़ रुपए जिले के 77 हजार किसानों का भुगतान करना बाकी है जो सरकार के जयपुर वित्त विभाग में E C S नहीं करने से रुका हुआ है भारतीय किसान संघ जिला डूंगरपुर के पदाधिकारियों ने पिछले माह के आखिरी सप्ताह में जिला कलेक्टर साहब अंकित कुमार एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर साहब दिनेश धाकड़ से चर्चा कर कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार से मांग की गई थी कि डूंगरपुर जिले के किसानों की खरीफ फसल का फसल खराबा की राशी 50% किसानों को अभी सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है वो जल्द जारी करवाई जाए। लेकिन अभी तक सरकार ने जारी नहीं किया है किसान संघ ने खरीफ फसल 2025 में जिले के सभी गावो के किसानों के फसल का 50 से 70% फसल खराबा दर्ज कराकर जिला कलेक्टर साहब के माध्यम से सरकार तक रिपोर्ट पहुंचाई गई है अतः आज किसान संघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर नए जिला कलेक्टर साहब एवं राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री से मांग करता है कि जिले के बाकी किसानों की फसल खराबा राशी जल्द जारी कर किसानों को राहत प्रदान करे। जब पिछले साल सितंबर अक्टूबर माह बारिश की अतिवृष्टि से किसानों के खेतों सोयाबीन व धान की फसल खराब हो कर सड़ रही थी तब सरकार ने किसानों को जल्द राहत पैकेज देने के लिए मुख्यमंत्री जी के आदेश पर विधायकों, प्रभारी मंत्रीयो एवं सचिवों ने किसानों के खेतों में सर्वे कर सरकार को जल्द मुआवजा राशि देने के लिए रिपोर्ट दी गई है उसके बाद भी आज दिन तक किसान मुआवजा राशि के लिए इंतजार कर रहा है जल्द किसानों की इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन किसान संघ के नेतृत्व में जिले के किसानों के द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

2 hrs ago
user_Santosh Vyas
Santosh Vyas
डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

सरकार 23.59 करोड़ बाकी किसानों की फसल खराबा राशी जल्द जारी करे नहीं तो किसान आंदोलन करेंगे डूंगरपुर जिले में पिछले साल खरीफ फसल 2025 का किसानों का मुआवजा राशि ( फसल खराबा) 23.59 करोड़ रुपए जिले के 77 हजार किसानों का भुगतान करना बाकी है जो सरकार के जयपुर वित्त विभाग में E C S नहीं करने से रुका हुआ है भारतीय किसान संघ जिला डूंगरपुर के पदाधिकारियों ने पिछले माह के आखिरी सप्ताह में जिला कलेक्टर साहब अंकित कुमार एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर साहब दिनेश धाकड़ से चर्चा कर कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार से मांग की गई थी कि डूंगरपुर जिले के किसानों की खरीफ फसल का फसल खराबा की राशी 50% किसानों को अभी सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है वो जल्द जारी करवाई जाए। लेकिन अभी तक सरकार ने जारी नहीं किया है किसान संघ ने खरीफ फसल 2025 में जिले के सभी गावो के किसानों के फसल का 50 से 70% फसल खराबा दर्ज कराकर जिला कलेक्टर साहब के माध्यम से सरकार तक रिपोर्ट पहुंचाई गई है अतः आज किसान संघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर नए जिला कलेक्टर साहब एवं राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री से मांग करता है कि जिले के बाकी किसानों की फसल खराबा राशी जल्द जारी कर किसानों को राहत प्रदान करे। जब पिछले साल सितंबर अक्टूबर माह बारिश की अतिवृष्टि से किसानों के खेतों सोयाबीन व धान की फसल खराब हो कर सड़ रही थी तब सरकार ने किसानों को जल्द राहत पैकेज देने के लिए मुख्यमंत्री जी के आदेश पर विधायकों, प्रभारी मंत्रीयो एवं सचिवों ने किसानों के खेतों में सर्वे कर सरकार को जल्द मुआवजा राशि देने के लिए रिपोर्ट दी गई है उसके बाद भी आज दिन तक किसान मुआवजा राशि के लिए इंतजार कर रहा है जल्द किसानों की इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन किसान संघ के नेतृत्व में जिले के किसानों के द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

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  • पत्रकार से की बदसलूकी और जड़े गंभीर आरोप संवाददाता - संतोष व्यास ​डूंगरपुर। जिले का पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तानाशाही को लेकर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला मंगलवार, 21 अप्रैल का है, जब अस्पताल में एम्बुलेंस से आए एक दुर्घटनाग्रस्त मरीज को संभालने के लिए कोई वार्ड बॉय या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था पर जब स्थानीय पत्रकार जितेंद्र सिंह चौहान ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. उमेश परमार से स्पष्टीकरण मांगा, तो अधिकारी ने अपना आपा खो दिया और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें चेंबर से बाहर निकालने की धमकी दे डाली। - ​पत्रकार पर लगाए आपत्तिजनक आरोप सागवाड़ा लाइव न्यूज के संपादक जितेंद्र सिंह चौहान ने जिला कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायत पत्र में बताया कि कवरेज के दौरान जब उन्होंने अस्पताल की बदहाली पर सवाल किया, तो डॉ. परमार ने न केवल उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन पर महिला वार्ड में जाकर वीडियो बनाने जैसे बेहद गंभीर और निराधार आरोप भी मढ़े। पत्रकार का कहना है कि डॉक्टर द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर के पास कोई साक्ष्य हैं तो वे प्रस्तुत करें, अन्यथा झूठे आरोप लगाकर अपनी कमियों को छिपाना निंदनीय है। - ​प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग घटना को लेकर पत्रकार जगत में रोष है। पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री और जिला कलेक्टर को भेजकर डॉ. उमेश परमार के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल प्रभाव से सागवाड़ा से स्थानांतरित करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि अस्पताल प्रशासन का रवैया चौथे स्तंभ के प्रति ऐसा है, तो आम मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन संवेदनहीनता के इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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    पत्रकार से की बदसलूकी और जड़े गंभीर आरोप
संवाददाता - संतोष व्यास
​डूंगरपुर। जिले का पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तानाशाही को लेकर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला मंगलवार, 21 अप्रैल का है, जब अस्पताल में एम्बुलेंस से आए एक दुर्घटनाग्रस्त मरीज को संभालने के लिए कोई वार्ड बॉय या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था पर जब स्थानीय पत्रकार जितेंद्र सिंह चौहान ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. उमेश परमार से स्पष्टीकरण मांगा, तो अधिकारी ने अपना आपा खो दिया और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें चेंबर से बाहर निकालने की धमकी दे डाली।
- ​पत्रकार पर लगाए आपत्तिजनक आरोप
सागवाड़ा लाइव न्यूज के संपादक जितेंद्र सिंह चौहान ने जिला कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायत पत्र में बताया कि कवरेज के दौरान जब उन्होंने अस्पताल की बदहाली पर सवाल किया, तो डॉ. परमार ने न केवल उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन पर महिला वार्ड में जाकर वीडियो बनाने जैसे बेहद गंभीर और निराधार आरोप भी मढ़े। पत्रकार का कहना है कि डॉक्टर द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर के पास कोई साक्ष्य हैं तो वे प्रस्तुत करें, अन्यथा झूठे आरोप लगाकर अपनी कमियों को छिपाना निंदनीय है।
- ​प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
घटना को लेकर पत्रकार जगत में रोष है। पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री और जिला कलेक्टर को भेजकर डॉ. उमेश परमार के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल प्रभाव से सागवाड़ा से स्थानांतरित करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि अस्पताल प्रशासन का रवैया चौथे स्तंभ के प्रति ऐसा है, तो आम मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन संवेदनहीनता के इस मामले में क्या कदम उठाता है।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर। जिले में वर्ष 2022 की पीटीआई भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले आठ शारीरिक शिक्षकों (पीटीआई) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को सभी शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए। जिला शिक्षा अधिकारी नीरज कुमार जोशी ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित पीटीआई शिक्षक भर्ती परीक्षा में अपात्र अभ्यर्थियों के चयन का मामला सामने आया था। जांच के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों की फर्जी डिग्रियां और अन्य अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत आठ तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। ये सभी शिक्षक जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार इन अभ्यर्थियों ने JS University से डिग्री प्राप्त की थी।
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    डूंगरपुर। जिले में वर्ष 2022 की पीटीआई भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले आठ शारीरिक शिक्षकों (पीटीआई) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को सभी शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए।
जिला शिक्षा अधिकारी नीरज कुमार जोशी ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित पीटीआई शिक्षक भर्ती परीक्षा में अपात्र अभ्यर्थियों के चयन का मामला सामने आया था। जांच के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों की फर्जी डिग्रियां और अन्य अनियमितताएं पाई गईं।
उन्होंने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत आठ तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। ये सभी शिक्षक जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार इन अभ्यर्थियों ने JS University से डिग्री प्राप्त की थी।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने कोटा के लोकप्रिय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण जी व्यास साहब से राजस्थान बार काउंसिल के शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न होने पर। विशेष साक्षात्कार लिया क्या कह रहे हैं डीजे एस एन व्यास साहब सुनिये। सुचारू चुनाव संपन्न करने पर उन्होंने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरी कार्यकारिणी और कोटा न्यायालय के समस्त वरिष्ठ कनिष्ट वकीलों और महिला वकीलों का हृदय के अंदर तल से आभार निरूपित किया है। जिन्होंने बहुत शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ इस चुनाव को संपन्न कराया। और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। उन्होंने आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल शहर पुलिस कप्तान तेजस्विनीजी का आभार व्यक्त किया है। कि उन्होंने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने कोटा के लोकप्रिय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण जी व्यास साहब से राजस्थान 
बार काउंसिल के शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न होने पर।
विशेष साक्षात्कार लिया क्या कह रहे हैं डीजे एस
एन व्यास साहब सुनिये।
सुचारू चुनाव संपन्न करने पर उन्होंने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरी कार्यकारिणी और कोटा न्यायालय के समस्त वरिष्ठ कनिष्ट वकीलों और महिला वकीलों का हृदय के अंदर तल से आभार निरूपित किया है। जिन्होंने बहुत शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ इस चुनाव को संपन्न कराया। और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। उन्होंने आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल शहर पुलिस कप्तान तेजस्विनीजी का  आभार व्यक्त किया है। कि उन्होंने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Acupuncture school डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    38 min ago
  • Post by Shankar kharadi pipli c
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    Post by Shankar kharadi pipli c
    user_Shankar kharadi pipli c
    Shankar kharadi pipli c
    ऋषभदेव, उदयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • सीमलवाड़ा क्षेत्र की खबर : धंबोला क्षेत्र के क्षत्रिय वन विभाग अंतर्गत झरनी वन क्षेत्र के गराड़ा वन नाका जंगल में बुधवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घने वन क्षेत्र को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेश कुमार निनोमा ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही विभाग हरकत में आया और तत्काल फायर ब्रिगेड के दो वाहनों को मौके पर बुलाया गया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उसे काबू में करने में काफी समय और मेहनत लगी। वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगातार प्रयास करते हुए आग पर नियंत्रण पाने का अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इस दौरान वन क्षेत्र में खड़े पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा, वहीं वन्य जीवों के जीवन पर भी संकट उत्पन्न हो गया। आग के कारण कई छोटे जीव-जंतु प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि इन दिनों भीषण गर्मी और सूखे के चलते वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सूखी घास, तेज हवाएं और मानवीय लापरवाही आग को तेजी से फैलाने में मुख्य कारण बन रहे हैं। इससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि जंगल क्षेत्रों में आग जलाने, बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े फेंकने जैसी लापरवाही से बचें, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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    सीमलवाड़ा क्षेत्र की खबर :
धंबोला क्षेत्र के क्षत्रिय वन विभाग अंतर्गत झरनी वन क्षेत्र के गराड़ा वन नाका जंगल में बुधवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घने वन क्षेत्र को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेश कुमार निनोमा ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही विभाग हरकत में आया और तत्काल फायर ब्रिगेड के दो वाहनों को मौके पर बुलाया गया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उसे काबू में करने में काफी समय और मेहनत लगी।
वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगातार प्रयास करते हुए आग पर नियंत्रण पाने का अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
इस दौरान वन क्षेत्र में खड़े पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा, वहीं वन्य जीवों के जीवन पर भी संकट उत्पन्न हो गया। आग के कारण कई छोटे जीव-जंतु प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि इन दिनों भीषण गर्मी और सूखे के चलते वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सूखी घास, तेज हवाएं और मानवीय लापरवाही आग को तेजी से फैलाने में मुख्य कारण बन रहे हैं। इससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि जंगल क्षेत्रों में आग जलाने, बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े फेंकने जैसी लापरवाही से बचें, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • 27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री , महामहिम राज्यपाल , एवं मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौपा जाएगा
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    27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री , महामहिम राज्यपाल , एवं मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौपा जाएगा
    user_Pankaj Kumar Lohar Simalwara
    Pankaj Kumar Lohar Simalwara
    Teacher सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Bherulal Damor
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    Post by Bherulal Damor
    user_Bherulal Damor
    Bherulal Damor
    सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • टूटी पाइपलाइन और खुले गड्ढों से जनता में भारी आक्रोश ​संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। शहर में पिछले कई दिनों से चल रहा सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। विभाग और ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते लालपुरा जामा मस्जिद के समीप पिछले कई दिनों से क्षेत्र की मुख्य पाइपलाइन टूट गई है, जिससे पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। इस कुप्रबंधन का खामियाजा न केवल राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि मूक पशुओं की जान पर भी बन आई है। - ​हादसे को दावत देता अधूरा कार्य ताजा मामला जामा मस्जिद के पास का है, जहाँ जलभराव और कीचड़ के कारण एक भारी-भरकम बैल गहरे गड्ढे में फंस गया। घंटों तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पशु तड़पता रहा, जिसे बाद में स्थानीय निवासियों ने अपनी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवरेज कार्य की सुस्त गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यहाँ हर पल किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। - ​जनता में भारी आक्रोश क्षेत्रवासियों ने सीवरेज विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्य पूर्ण नहीं किया गया और लीकेज की समस्या नहीं सुधारी गई, तो यहाँ कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। सड़कों पर खुले पड़े गड्ढे और कीचड़ ने राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन की यह उदासीनता किसी दिन बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनहित के मुद्दे पर कब जागता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है।
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    टूटी पाइपलाइन और खुले गड्ढों से जनता में भारी आक्रोश
​संवाददाता - संतोष व्यास
डूंगरपुर। शहर में पिछले कई दिनों से चल रहा सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। विभाग और ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते लालपुरा जामा मस्जिद के समीप पिछले कई दिनों से क्षेत्र की मुख्य पाइपलाइन टूट गई है, जिससे पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। इस कुप्रबंधन का खामियाजा न केवल राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि मूक पशुओं की जान पर भी बन आई है।
- ​हादसे को दावत देता अधूरा कार्य
ताजा मामला जामा मस्जिद के पास का है, जहाँ जलभराव और कीचड़ के कारण एक भारी-भरकम बैल गहरे गड्ढे में फंस गया। घंटों तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पशु तड़पता रहा, जिसे बाद में स्थानीय निवासियों ने अपनी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवरेज कार्य की सुस्त गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यहाँ हर पल किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।
- ​जनता में भारी आक्रोश
क्षेत्रवासियों ने सीवरेज विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्य पूर्ण नहीं किया गया और लीकेज की समस्या नहीं सुधारी गई, तो यहाँ कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। सड़कों पर खुले पड़े गड्ढे और कीचड़ ने राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन की यह उदासीनता किसी दिन बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनहित के मुद्दे पर कब जागता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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