मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में 27-28 जून 2026 को एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की बेरहमी से हत्या कर दी, और फिर खुद ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। बताया गया है कि घटना का सूत्रधार 35 वर्षीय बलराम कुशवाह था, जो दो महीने पहले ही नौकरी से लौटा था। उसे अपनी 32 वर्षीय पत्नी के चरित्र पर शक था। यह शक तब और गहरा गया जब लगभग एक महीने पहले गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान उसकी पत्नी ने "शंकर जी की बूटी" गाने पर डांस किया। कुछ लड़कों ने इस डांस का वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया था, जिसके बाद से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इसी शक और गुस्से की आग में जलते हुए बलराम ने देर रात घर के आंगन में सोते समय अपनी पत्नी और दोनों मासूम बेटों पर कुल्हाड़ी से बेरहमी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर एक चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरा परिवार ही समाप्त हो गया। यह घटना पूरे इलाके में दिल दहला देने वाली बताई जा रही है।
मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में 27-28 जून 2026 को एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की बेरहमी से हत्या कर दी, और फिर खुद ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। बताया गया है कि घटना का सूत्रधार 35 वर्षीय बलराम कुशवाह था, जो दो महीने पहले ही नौकरी से लौटा था। उसे अपनी 32 वर्षीय पत्नी के चरित्र पर शक था। यह शक तब और गहरा गया जब लगभग एक महीने पहले गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान उसकी पत्नी ने "शंकर जी की बूटी" गाने पर डांस किया। कुछ लड़कों ने इस डांस का वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया था, जिसके बाद से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इसी शक और गुस्से की आग में जलते हुए बलराम ने देर रात घर के आंगन में सोते समय अपनी पत्नी और दोनों मासूम बेटों पर कुल्हाड़ी से बेरहमी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर एक चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरा परिवार ही समाप्त हो गया। यह घटना पूरे इलाके में दिल दहला देने वाली बताई जा रही है।
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- मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में 27-28 जून 2026 को एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की बेरहमी से हत्या कर दी, और फिर खुद ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। बताया गया है कि घटना का सूत्रधार 35 वर्षीय बलराम कुशवाह था, जो दो महीने पहले ही नौकरी से लौटा था। उसे अपनी 32 वर्षीय पत्नी के चरित्र पर शक था। यह शक तब और गहरा गया जब लगभग एक महीने पहले गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान उसकी पत्नी ने "शंकर जी की बूटी" गाने पर डांस किया। कुछ लड़कों ने इस डांस का वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया था, जिसके बाद से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इसी शक और गुस्से की आग में जलते हुए बलराम ने देर रात घर के आंगन में सोते समय अपनी पत्नी और दोनों मासूम बेटों पर कुल्हाड़ी से बेरहमी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर एक चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरा परिवार ही समाप्त हो गया। यह घटना पूरे इलाके में दिल दहला देने वाली बताई जा रही है।1
- राजगढ़ में रविवार को आदिवासी मीणा समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह और कार्यालय भवन का लोकार्पण केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिवासी सेवा संस्थान के कार्यालय भवन और सभागार का भी लोकार्पण किया गया। संस्था के कोषाध्यक्ष लल्लू राम खुर्द ने बताया कि यह प्रतिभा सम्मान समारोह वर्ष 2024, 2025 और 2026 के लिए एक साथ आयोजित किया गया। महासचिव जयनारायण खरखडा ने जानकारी दी कि इस दौरान समाज की कुल 320 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा, राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा, जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, डेयरी अध्यक्ष नितिन सांगवान और भाजपा विधायक प्रत्याशी बन्ना राम मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके द्वारा पूरे संसदीय क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं और वे विकास कार्य कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा 36 कौन का विकास बिना भेदभाव के किया जा रहा है। इस अवसर पर बन्ना राम मीणा ने सांसद एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं और उनके द्वारा अब तक कराया गया विकास बहुत ही ज्यादा है।3
- दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की चौबड़ीवाला ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक माह से पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। हैंडपंप खराब होने के कारण ग्रामीणों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को हैंडपंप खराब होने की सूचना दी है। ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।3
- यूपी पुलिस - 112 के पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) को एक अनोखे अनुभव का सामना करना पड़ा, जब एक हिरण सड़क पर आ गया और आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दे रहा था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार उस हिरण को प्यार से समझाते रहे, कहते रहे—"हट जाओ, बाबू..." ताकि गाड़ी आगे बढ़ सके। यह घटना पुलिस के जीवन का हिस्सा है, जहाँ कर्तव्य के साथ-साथ ऐसे अनूठे और दिलचस्प पल भी देखने को मिलते हैं। इस पोस्ट में ऐसे 'जिद्दी मेहमानों' का जिक्र किया गया है, जो कभी-कभी ड्यूटी के दौरान मिल जाते हैं, और उम्मीद जताई गई है कि अगर लोगों को यह वीडियो पसंद आया हो तो वे अपनी प्रतिक्रिया दें।1
- दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 29 जून को जिला कलक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों के निस्तारण और भू-उपयोग परिवर्तन सहित विभिन्न प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए हर मामले का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चल रहे शहरी सेवा शिविरों में लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों और भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर डॉ. झा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी फ्री होल्ड आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदनों में दस्तावेज़ों की कमी है, उन्हें तत्काल पूरा कराने और अपात्र आवेदनों का नियमानुसार निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए। कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को शहरी सेवा शिविरों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने का आदेश दिया, ताकि केवल नए ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके और ज़्यादा से ज़्यादा नागरिकों को लाभ मिल पाए। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ज़ोर दिया, ताकि आमजन अधिक संख्या में इनका लाभ उठा सकें। बैठक में जिला कलक्टर ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन भवनों के लिए नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिनके लिए फायर एनओसी ज़रूरी है और अभी तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अलावा, उन्होंने प्रगति संबंधी डेटा समय पर अपलोड करने, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जातियों का सर्वेक्षण कर पात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने तथा शिविरों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट सुधार, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, भवन मानचित्र स्वीकृति और धारा 69-ए के तहत पट्टे जारी करने जैसे अन्य विभिन्न मामलों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दौसा) अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा और नगर विकास न्यास के सचिव गंगाधर मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।1
- टोडाभीम में एक किसान बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही अपने खेतों को बैलों की मदद से हल चलाकर तैयार कर रहा है।1
- दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।3