logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

समस्तीपुर जिले से एक लेडी कांस्टेबल की कथित दादागिरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।

1 hr ago
user_ईलमासनगर टुडे
ईलमासनगर टुडे
Voice of people Khanpur, Samastipur•
1 hr ago

समस्तीपुर जिले से एक लेडी कांस्टेबल की कथित दादागिरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।

More news from Samastipur and nearby areas
  • बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र स्थित बरियारपुर गांव में हुए सोनू-मोनू गिरफ्तारी मामले से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर एसपी मनीष कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, जिसमें उन्होंने पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्रस्तुत किया। एसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो भ्रामक है और लोगों के बीच गलतफहमी फैला रहा है। उनके अनुसार, सोनू और मोनू दोनों पर पहले से ही कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे पुलिस रिकॉर्ड में वांछित अपराधी हैं। एसपी मनीष कुमार ने वायरल वीडियो की सच्चाई उजागर करते हुए बताया कि अपराधियों और पुलिस के बीच हुई हाथापाई और झड़प के दौरान आरोपियों के पास मौजूद अवैध हथियार (पिस्टल) छिटक कर पुलिस के हाथ में आ गया था। वीडियो में जो पुलिसकर्मी आरोपी की कमर में पिस्टल रखते हुए दिखाई दे रहे हैं, वे दरअसल आरोपियों से ही मौके पर बरामद किए गए उसी हथियार को सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोबारा उनकी कमर में वापस रख रहे थे।
    1
    बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र स्थित बरियारपुर गांव में हुए सोनू-मोनू गिरफ्तारी मामले से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर एसपी मनीष कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, जिसमें उन्होंने पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्रस्तुत किया। एसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो भ्रामक है और लोगों के बीच गलतफहमी फैला रहा है। उनके अनुसार, सोनू और मोनू दोनों पर पहले से ही कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे पुलिस रिकॉर्ड में वांछित अपराधी हैं।

एसपी मनीष कुमार ने वायरल वीडियो की सच्चाई उजागर करते हुए बताया कि अपराधियों और पुलिस के बीच हुई हाथापाई और झड़प के दौरान आरोपियों के पास मौजूद अवैध हथियार (पिस्टल) छिटक कर पुलिस के हाथ में आ गया था। वीडियो में जो पुलिसकर्मी आरोपी की कमर में पिस्टल रखते हुए दिखाई दे रहे हैं, वे दरअसल आरोपियों से ही मौके पर बरामद किए गए उसी हथियार को सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोबारा उनकी कमर में वापस रख रहे थे।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Khanpur, Samastipur•
    1 hr ago
  • Post by M Veer
    1
    Post by M Veer
    user_M Veer
    M Veer
    Doctor Samastipur, Bihar•
    3 hrs ago
  • बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।
    1
    बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।
    user_Ajay kumar
    Ajay kumar
    Electrician समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • समस्तीपुर सदर अस्पताल में रविवार, 6 जुलाई '26 की रात करीब 8 बजे इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पी.डी. शर्मा के गायब रहने से स्नैक बाईट और अन्य गंभीर मरीज परेशान थे। मरीजों के परिजनों ने जब पत्रकार श्रवण कुमार से इसकी शिकायत की, तो पत्रकार ने खाली ऑफिस का वीडियो बनाया। इसी बीच, डॉक्टर के संपर्क के किसी व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद डॉ. शर्मा जल्दबाजी में इमरजेंसी के सामने पहुँचे। पत्रकार ने उनसे ड्यूटी से गायब रहने को लेकर सवाल किए। डॉक्टर इमरजेंसी कक्ष में गए और जब पत्रकार उनके पीछे पहुँचा, तो डॉ. शर्मा ने पत्रकार को अपमानित करते हुए पहले हाथ पकड़कर और फिर गर्दन में हाथ डालकर कक्ष से बाहर धकेल दिया। विदित हो कि सदर अस्पताल में 60 से अधिक नामी-गिरामी चिकित्सक तैनात हैं, पर उनमें से अधिकतर मैनेज कर इमरजेंसी और ओपीडी से गायब रहते हैं। भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य और चर्चित आंदोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस घटना को निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला बताया। उन्होंने सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से घटना की जांच कर दोषी चिकित्सक को निलंबित करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि डॉ. पी.डी. शर्मा पहले भी विवादास्पद रहे हैं। उन पर दलाल रखकर सदर अस्पताल से रोगियों को निजी अस्पतालों में भेजने का आरोप लगता रहा है। उन पर यह भी आरोप है कि वे समस्तीपुर शहर के दर्जनों निजी अस्पतालों को अपना डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर देकर उनका संचालन कराते रहे हैं और वहाँ ऑपरेशन कर मोटी कमाई करते हैं। माले नेता के अनुसार, डॉ. शर्मा ने पहले भी उनके कृत्यों का विरोध करने वाले रोगियों, उनके परिजनों, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को अपमानित किया है। सिंह ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों के साक्ष्य और गवाह मौजूद हैं, और यदि आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाएँगे।
    1
    समस्तीपुर सदर अस्पताल में रविवार, 6 जुलाई '26 की रात करीब 8 बजे इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पी.डी. शर्मा के गायब रहने से स्नैक बाईट और अन्य गंभीर मरीज परेशान थे। मरीजों के परिजनों ने जब पत्रकार श्रवण कुमार से इसकी शिकायत की, तो पत्रकार ने खाली ऑफिस का वीडियो बनाया।

इसी बीच, डॉक्टर के संपर्क के किसी व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद डॉ. शर्मा जल्दबाजी में इमरजेंसी के सामने पहुँचे। पत्रकार ने उनसे ड्यूटी से गायब रहने को लेकर सवाल किए। डॉक्टर इमरजेंसी कक्ष में गए और जब पत्रकार उनके पीछे पहुँचा, तो डॉ. शर्मा ने पत्रकार को अपमानित करते हुए पहले हाथ पकड़कर और फिर गर्दन में हाथ डालकर कक्ष से बाहर धकेल दिया।

विदित हो कि सदर अस्पताल में 60 से अधिक नामी-गिरामी चिकित्सक तैनात हैं, पर उनमें से अधिकतर मैनेज कर इमरजेंसी और ओपीडी से गायब रहते हैं। भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य और चर्चित आंदोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस घटना को निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला बताया। उन्होंने सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से घटना की जांच कर दोषी चिकित्सक को निलंबित करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि डॉ. पी.डी. शर्मा पहले भी विवादास्पद रहे हैं। उन पर दलाल रखकर सदर अस्पताल से रोगियों को निजी अस्पतालों में भेजने का आरोप लगता रहा है। उन पर यह भी आरोप है कि वे समस्तीपुर शहर के दर्जनों निजी अस्पतालों को अपना डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर देकर उनका संचालन कराते रहे हैं और वहाँ ऑपरेशन कर मोटी कमाई करते हैं। माले नेता के अनुसार, डॉ. शर्मा ने पहले भी उनके कृत्यों का विरोध करने वाले रोगियों, उनके परिजनों, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को अपमानित किया है। सिंह ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों के साक्ष्य और गवाह मौजूद हैं, और यदि आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाएँगे।
    user_Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Farmer Samastipur, Bihar•
    14 hrs ago
  • राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का 30वां स्थापना दिवस रविवार को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जहाँ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने राजद की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुँचाने तथा संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने आपसी मतभेद भुलाकर संगठनात्मक एकजुटता पर विशेष बल दिया। महिला नेताओं ने भी युवाओं और आम जनता से राजद की नीतियों का समर्थन करने की अपील की। जिला युवा राजद अध्यक्ष अब्दुल मलिक ने जानकारी दी कि वे 1997 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संस्थापक सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं और लगातार पार्टी की विचारधारा के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के अनुभव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने वर्तमान सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए और रोजगार, महंगाई, महिलाओं के मुद्दों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। अब्दुल मलिक ने विश्वास व्यक्त किया कि राजद कार्यकर्ता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे ताकि वर्ष 2030 में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। समारोह में नेताओं ने दावा किया कि यह पूरे बिहार में पहली बार है जब जिला स्तर पर स्थापना दिवस का इतना बड़ा आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
    1
    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का 30वां स्थापना दिवस रविवार को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जहाँ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने पर गहन चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने राजद की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुँचाने तथा संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने आपसी मतभेद भुलाकर संगठनात्मक एकजुटता पर विशेष बल दिया। महिला नेताओं ने भी युवाओं और आम जनता से राजद की नीतियों का समर्थन करने की अपील की।

जिला युवा राजद अध्यक्ष अब्दुल मलिक ने जानकारी दी कि वे 1997 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संस्थापक सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं और लगातार पार्टी की विचारधारा के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के अनुभव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने वर्तमान सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए और रोजगार, महंगाई, महिलाओं के मुद्दों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की।

अब्दुल मलिक ने विश्वास व्यक्त किया कि राजद कार्यकर्ता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे ताकि वर्ष 2030 में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। समारोह में नेताओं ने दावा किया कि यह पूरे बिहार में पहली बार है जब जिला स्तर पर स्थापना दिवस का इतना बड़ा आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    19 hrs ago
  • समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवाएँ, सरकारी दावों की सच्चाई को उजागर करते हुए, उनकी पोल खोल रही हैं। यह स्थिति सरकारी तंत्र के उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता से संबंधित हैं।
    1
    समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवाएँ, सरकारी दावों की सच्चाई को उजागर करते हुए, उनकी पोल खोल रही हैं। यह स्थिति सरकारी तंत्र के उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता से संबंधित हैं।
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    26 min ago
  • बिहार राज्य में सरकारी निर्माण कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला सवाल उठाया गया है। यह अनोखी बात कही जा रही है कि इन कार्यों में वास्तव में प्लास्टिक के सरिये का उपयोग किया जा रहा है। पोस्ट में सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या सरकारी परियोजनाओं में इस तरह के अप्रत्याशित सामग्री का इस्तेमाल सचमुच किया जा रहा है।
    1
    बिहार राज्य में सरकारी निर्माण कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला सवाल उठाया गया है। यह अनोखी बात कही जा रही है कि इन कार्यों में वास्तव में प्लास्टिक के सरिये का उपयोग किया जा रहा है। पोस्ट में सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या सरकारी परियोजनाओं में इस तरह के अप्रत्याशित सामग्री का इस्तेमाल सचमुच किया जा रहा है।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Khanpur, Samastipur•
    1 hr ago
  • समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
    1
    समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।

मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है।

फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.