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बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।
Ajay kumar
बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।
More news from Samastipur and nearby areas
- समस्तीपुर जिले से एक लेडी कांस्टेबल की कथित दादागिरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।1
- सरायरंजन थाना क्षेत्र अंतर्गत नौआचक पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित डीहवार्णी स्थान के समीप अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- मुजफ्फरपुर जिले के मड़ैयापुरम पुरवारी टोल में बाबा कारिख महाराज जी की पांच दिवसीय पूजा बड़े धूमधाम से की जा रही है। यह पूजा पांच दिनों तक चलती है, और वर्तमान में मड़ैयापुरम पुरवारी टोल में यह अनुष्ठान चल रहा है। इस पूजन कार्यक्रम से भगत सुरेंद्र पजियार जुड़े हुए हैं, जो ढोली सकरा से हैं। उनका संपर्क नंबर 9162307929 है।4
- दरभंगा जिले के दिलवारा क्षेत्र की स्थिति पिछले छह महीनों से बेहद खराब है, जहाँ लगातार पानी जमा हुआ है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, स्थानीय नेताओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा है और वे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है। विशेष रूप से, गोपाल जी ठाकुर से निवेदन किया गया है कि वे इस सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करवाएं।3
- बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति भवन में बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आपदा मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीआरएफ के एसआई अरविंद कुमार सिंह चंदेल ने बाढ़ से पहले, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने, आपातकालीन नंबर याद रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। एसडीआरएफ के एसआई ने विशेष रूप से डूबने से बचाव पर जोर देते हुए सलाह दी कि तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें और बच्चों को नदियों, नालों व जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। इस दौरान, एसडीआरएफ टीम ने राफ्ट (बचाव नौका) के सुरक्षित उपयोग, जीवन रक्षक जैकेट पहनने की अनिवार्यता और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके अतिरिक्त, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्राथमिक जानकारी भी दी गई, जिसमें बताया गया कि डूबने या सांस रुकने की स्थिति में समय पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि बाढ़ के बाद भी गड्ढों, तालाबों और जलजमाव वाले इलाकों में सतर्क रहें। इस अवसर पर एसडीआरएफ के सिपाही राज कारण कुशवाहा व हरिकेश कुमार, आपदा मित्र राम रूप राय, अरुण राय, धीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, अरमान अंसारी सहित कई अन्य आपदा मित्र तथा शिक्षक मुमताज अहमद मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।1
- समस्तीपुर नगर परिषद क्षेत्र के गोला रोड में राधा रानी टेक्सटाइल गारमेंट्स का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। बिहार के मशहूर "गोल्डमैन" इस अवसर पर समस्तीपुर पहुँचे। रेडीमेड गारमेंट्स की इस दुकान के उद्घाटन के बाद, पटना के इन गोल्डमैन ने राज्य के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।2
- बढ़ती लागत और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। किसानों ने अपनी इस बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से मांग की है कि उनके किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के ऋण माफ किए जाएं, साथ ही खेती के लिए नि:शुल्क बिजली, पानी, खाद, बीज एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसानों की इस 'हकमारी' के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।1
- समस्तीपुर सदर अस्पताल में एक घटना सामने आई है, जिसमें डा. पी. डी. शर्मा पर एक पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। यह घटना तब हुई जब पत्रकार मरीजों की शिकायतों के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में पहुंचे थे।1
- कूड़ा जलाने पर जुर्माना और जेल तक की सज़ा का प्रावधान होने के बावजूद इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। ऐसी स्थिति बन गई है कि जहाँ की प्रशासनिक व्यवस्था को 'चौपट' और 'अंधेर नगरी चौपट राजा' जैसा बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, यह बताया गया है कि न्यूज़ चलने के बाद भी कचरे के साथ-साथ नशे की खाली बोतलों को भी जला दिया गया। यह घटना उस जगह की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ इस तरह की लापरवाही लगातार जारी है।1