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समस्तीपुर सदर अस्पताल में एक घटना सामने आई है, जिसमें डा. पी. डी. शर्मा पर एक पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। यह घटना तब हुई जब पत्रकार मरीजों की शिकायतों के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में पहुंचे थे।
Anil shriwastav
समस्तीपुर सदर अस्पताल में एक घटना सामने आई है, जिसमें डा. पी. डी. शर्मा पर एक पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। यह घटना तब हुई जब पत्रकार मरीजों की शिकायतों के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में पहुंचे थे।
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- बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।1
- अथमलगोला प्रखंड की फुलेलपुर पंचायत में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, जहाँ मुखिया प्रत्याशी राजा भैया के समर्थन में जनसंपर्क अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजा भैया क्षेत्र के विकास, सामाजिक सरोकारों और जनता के बीच अपनी निरंतर सक्रियता के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं, जिसके चलते पंचायत में हर तरफ "जनता की यही पुकार, मुखिया इस बार राजा भैया" का नारा गूंज रहा है। ग्रामीण चंदन कुमार ने बताया कि फुलेलपुर पंचायत की जनता इस बार विकास के साथ बदलाव भी चाहती है। उनके अनुसार, राजा भैया ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना है और समाज के हर वर्ग के सुख-दुख में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। इसी वजह से उन्हें पंचायत के युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का लगातार प्रबल समर्थन मिल रहा है। चंदन कुमार ने यह भी दावा किया कि यदि जनता उन्हें अवसर देती है, तो राजा भैया पंचायत में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देंगे। ग्रामीणों का मानना है कि राजा भैया का सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग पहचान दिलाता है। उनके समर्थन में लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और समर्थकों को विश्वास है कि फुलेलपुर पंचायत की जनता इस बार विकास के नाम पर ही अपना मत देगी।1
- बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति भवन में बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आपदा मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीआरएफ के एसआई अरविंद कुमार सिंह चंदेल ने बाढ़ से पहले, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने, आपातकालीन नंबर याद रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। एसडीआरएफ के एसआई ने विशेष रूप से डूबने से बचाव पर जोर देते हुए सलाह दी कि तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें और बच्चों को नदियों, नालों व जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। इस दौरान, एसडीआरएफ टीम ने राफ्ट (बचाव नौका) के सुरक्षित उपयोग, जीवन रक्षक जैकेट पहनने की अनिवार्यता और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके अतिरिक्त, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्राथमिक जानकारी भी दी गई, जिसमें बताया गया कि डूबने या सांस रुकने की स्थिति में समय पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि बाढ़ के बाद भी गड्ढों, तालाबों और जलजमाव वाले इलाकों में सतर्क रहें। इस अवसर पर एसडीआरएफ के सिपाही राज कारण कुशवाहा व हरिकेश कुमार, आपदा मित्र राम रूप राय, अरुण राय, धीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, अरमान अंसारी सहित कई अन्य आपदा मित्र तथा शिक्षक मुमताज अहमद मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें देश भक्ति के प्रति तटस्थ रहने का संदेश दिया। मोहिउद्दीन नगर में यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- समस्तीपुर सदर अस्पताल में रविवार, 6 जुलाई '26 की रात करीब 8 बजे इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पी.डी. शर्मा के गायब रहने से स्नैक बाईट और अन्य गंभीर मरीज परेशान थे। मरीजों के परिजनों ने जब पत्रकार श्रवण कुमार से इसकी शिकायत की, तो पत्रकार ने खाली ऑफिस का वीडियो बनाया। इसी बीच, डॉक्टर के संपर्क के किसी व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद डॉ. शर्मा जल्दबाजी में इमरजेंसी के सामने पहुँचे। पत्रकार ने उनसे ड्यूटी से गायब रहने को लेकर सवाल किए। डॉक्टर इमरजेंसी कक्ष में गए और जब पत्रकार उनके पीछे पहुँचा, तो डॉ. शर्मा ने पत्रकार को अपमानित करते हुए पहले हाथ पकड़कर और फिर गर्दन में हाथ डालकर कक्ष से बाहर धकेल दिया। विदित हो कि सदर अस्पताल में 60 से अधिक नामी-गिरामी चिकित्सक तैनात हैं, पर उनमें से अधिकतर मैनेज कर इमरजेंसी और ओपीडी से गायब रहते हैं। भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य और चर्चित आंदोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस घटना को निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला बताया। उन्होंने सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से घटना की जांच कर दोषी चिकित्सक को निलंबित करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि डॉ. पी.डी. शर्मा पहले भी विवादास्पद रहे हैं। उन पर दलाल रखकर सदर अस्पताल से रोगियों को निजी अस्पतालों में भेजने का आरोप लगता रहा है। उन पर यह भी आरोप है कि वे समस्तीपुर शहर के दर्जनों निजी अस्पतालों को अपना डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर देकर उनका संचालन कराते रहे हैं और वहाँ ऑपरेशन कर मोटी कमाई करते हैं। माले नेता के अनुसार, डॉ. शर्मा ने पहले भी उनके कृत्यों का विरोध करने वाले रोगियों, उनके परिजनों, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को अपमानित किया है। सिंह ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों के साक्ष्य और गवाह मौजूद हैं, और यदि आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाएँगे।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष सह कार्यकर्ता सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद डॉ. धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।1
- पटना जिले के पंडारक प्रखंड के सिलदही गांव में एक मोबाइल गुम होने के बाद हुए विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इस घटना के परिणामस्वरूप एक महिला सहित कुल पांच लोग घायल हो गए।1
- ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर वार्ड-27 में सोमवार को अखिल भारतीय किसान महासभा प्रखंड कमिटी की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता किसान नेता ललन दास ने की, जिसका पर्यवेक्षण जिला सचिव ललन कुमार ने किया और भाकपा (माले) प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह इसमें अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिसका मुख्य कारण बढ़ती लागत और फसलों का उचित मूल्य न मिलना है। किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए, सरकार से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के ऋण माफ करने की मांग की गई। इसके साथ ही, खेती के लिए नि:शुल्क बिजली, पानी, खाद, बीज और कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। धान और सब्जी की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसे उर्वरकों की भारी किल्लत तथा नकली उर्वरकों की खुलेआम बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सरकार से यह भी मांग की गई कि वह किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करे। इस बैठक में 2 अगस्त को प्रखंड सम्मेलन आयोजित करने और 1,000 नए सदस्य बनाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।1
- समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।1