यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों ने कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि व किसान हितों की रक्षा की मांग की। किसान नेताओं का आरोप है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत में आ सकती है, जिससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम बुरी तरह प्रभावित होंगे। नेताओं ने तर्क दिया कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती होती है, जबकि भारत का किसान छोटी जोतों पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, जिससे वह अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसी के विरोध में पूरे देश में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों को नजरअंदाज कर यह डील लागू होती है, तो भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा और देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। संजू गुदियाना ने यह भी जानकारी दी कि 25 जून को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों की बैठक होगी, जिसमें बड़े आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संसद, दिल्ली और मंत्रियों के घेराव जैसे कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। फिलहाल, किसानों ने सरकार से इस प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों ने कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि व किसान हितों की रक्षा की मांग की। किसान नेताओं का आरोप है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत में आ सकती है, जिससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम बुरी तरह प्रभावित होंगे। नेताओं ने तर्क दिया कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती होती है, जबकि भारत का किसान छोटी जोतों पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, जिससे वह अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा। भारतीय किसान यूनियन
(चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसी के विरोध में पूरे देश में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों को नजरअंदाज कर यह डील लागू होती है, तो भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा और देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। संजू गुदियाना ने यह भी जानकारी दी कि 25 जून को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों की बैठक होगी, जिसमें बड़े आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संसद, दिल्ली और मंत्रियों के घेराव जैसे कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। फिलहाल, किसानों ने सरकार से इस प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले किसानों ने यमुनानगर में केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों किसानों ने कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों को नजरअंदाज कर कोई भी समझौता किया गया, तो देशभर में एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। आगे की रणनीति तय करने के लिए 25 जून को चंडीगढ़ में एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।2
- यमुनानगर के जठलाना गांव में बुजुर्ग जगदीश बंसल की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपराध शाखा-1 और अपराध शाखा-2 की संयुक्त टीम ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 18 और 19 जून की दरमियानी रात को हुई थी, जब आरोपियों ने चोरी की नीयत से बुजुर्ग के घर में घुसने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार और लोहे की रॉड से हमला कर जगदीश बंसल की हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी टीमों को निर्देश दिए थे। पुलिस ने गांव जठलाना और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें वारदात की रात दो संदिग्ध बाइक सवार युवक दिखे। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करनाल जिले के गांव घीड के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार और अंकित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय कुमार के खिलाफ चोरी और लूट के 6 मामले दर्ज हैं, जबकि अंकित पर भी चोरी और लूट के 4 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके।1
- यमुनानगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ उन्होंने गांव जठलाना में हुई एक बुजुर्ग व्यक्ति की निर्मम हत्या के ईनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में जानकारी एडिशनल एसपी आशीष चौधरी ने दी।1
- यमुनानगर में अपराध शाखा-2 की टीम ने अवैध हथियारों के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के सख्त निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने यह सफलता हासिल की। गुप्त सूचना मिली थी कि कल बाईपास के पास नए निर्माणाधीन पोंटा साहिब हाईवे पर एक स्विफ्ट कार में तीन आरोपी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं। इस सूचना पर एएसआई सुनील, योगेश, संजय, कृष्ण कुमार, संजीव और मनोज कुमार की टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर जाकर स्विफ्ट कार सहित तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, पुलिस को उनके पास से एक देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, एक देशी कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों की पहचान जठलाना निवासी अनीश उर्फ पम्मा, नफीस उर्फ चिता और इकराम उर्फ गुल्लू के नाम से हुई, जो आपस में दोस्त हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है; नफीस पर तीन केस, इकराम पर तीन केस और अनीश उर्फ पम्मा पर आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी लोगों से सुपारी लेकर मारपीट करने का काम करते थे। इन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा सके। अनीश को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया भी जा चुका है।4
- सहारनपुर के थाना नकुड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत फन्दपुरी में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा गाद, कचरा और झाड़-झंखाड़ को हटाना है, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के आसानी से निकल सके और गांव में जलभराव एवं गंदगी की समस्या से बचाव हो। ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्य कराया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। ग्राम प्रधान ने बताया कि जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाव के लिए यह कार्य समय रहते किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से भी स्वच्छता बनाए रखने और नालों में कचरा न डालने की अपील की। ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई होने से गांव में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।2
- सढोरा उप तहसील परिसर के पास स्थित एक खाली जगह, जिसका उपयोग अब तक नगर पालिका द्वारा कूड़ा-कर्कट डालने के लिए किया जा रहा था, पर अब समाजसेवी संस्था उज्जवल भविष्य संस्था पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए एक जलाशय का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक राकेश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में बेसहारा पशु-पक्षी घूमते रहते हैं, और भीषण गर्मी में उनके लिए पानी की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। शर्मा के अनुसार, संस्था ने पहले भी इस खाली जगह के सदुपयोग के लिए प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी के मद्देनज़र, अब उज्जवल भविष्य संस्था समाज के सहयोग से इस भूमि के एक हिस्से को साफ-सुथरा करके जलाशय का निर्माण कर रही है। यह जलाशय विशेष रूप से जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगा। संस्था ने बताया कि इस जलाशय के चारों ओर पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और पशु-पक्षियों को आश्रय भी मिलेगा। उनका कहना है कि जहाँ मनुष्यों के लिए जगह-जगह वाटर कूलर जैसी व्यवस्थाएं होती हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं होती, और इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से यह जलाशय बनाया जा रहा है ताकि उन्हें भीषण गर्मी में भी पानी मिल सके।1
- हरियाणा के मुलाना स्थित गोला गांव में बरसाती सीजन सिर पर होने के बावजूद बेगना नदी की डीसिल्टिंग (गाद निकालने) और खुदाई का काम सर्वे के फेर में फंसा है। ग्रामीणों को आशंका है कि सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी के चलते इस बार भी पिछले साल जैसे बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बेगना नदी का टेंडर तो हो चुका है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि साल 2025 में 25 मई को ही नदी में उफान आ गया था। ग्रामीणों ने विभाग की सुस्ती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा साल बीत जाने के बाद भी पानी की समय पर निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल गांव में पानी आने के बाद ही दिखाई देते हैं, उससे पहले उनकी उपस्थिति नहीं होती। ग्रामीणों ने गांव को बेगना के पानी से बचाने के लिए हर कार्यालय में शिकायतें सौंपी हैं। करीब दो हफ्ते पहले, विभाग की इस ढिलाई से परेशान गोला गांव के लोग मुख्यमंत्री नायब सैनी से शिकायत करने पहुँचे। ग्रामीण देसराज के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कुछ ही दिनों के भीतर नदी का टेंडर हो गया। हालांकि, टेंडर होने के बावजूद धरातल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बरसाती सीजन में बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और गांव तक पहुँच जाता है, जिससे गोला, गोली, टमनौली, नहौनी, शेरपुर और साबांपुर जैसे कई गाँवों में जल प्रलय जैसी तबाही मचती है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गोला गांव में गलियाँ डूब जाती हैं, घरों में पानी घुस जाता है और संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ घरों में सांप निकलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों को रात भर जागना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर खुदाई का काम पूरा होने से पहले ही बरसात शुरू हो गई, तो इस टेंडर का कोई औचित्य नहीं रहेगा। गोला गांव की सरपंच जसप्रीत कौर ने उम्मीद जताई है कि काम जल्द शुरू होगा ताकि ग्रामीणों को समस्या का सामना न करना पड़े।2
- यमुनानगर के पॉश मॉडल टाउन इलाके में चोरों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहां नजाकत शोरूम नामक एक कपड़े की दुकान को निशाना बनाया गया। चोर यहां से हजारों रुपये की नकदी और मोबाइल फोन चुरा ले गए। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात ऐसे क्षेत्र में हुई है जहां से विधायक और पुलिस अधीक्षक आवास की दूरी बहुत कम है। चोर शोरूम की तीसरी मंजिल पर बने बाथरूम के डक्ट के रास्ते अंदर घुसा और काउंटर के गल्ले में रखे करीब 80 हजार रुपये नकद व तीन मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। बताया गया है कि चोरी की यह वारदात सुबह लगभग साढ़े तीन बजे के करीब हुई। शोरूम मालिक को चोरी का पता तब चला जब वह मंगलवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे और उन्होंने अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पाया। शोरूम सोमवार को छुट्टी होने के कारण बंद था। तत्काल सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस जांच अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। चोरी की पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर आराम से वारदात को अंजाम देता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने दिनभर चहल-पहल वाले इस पॉश इलाके में हुई इस चोरी की घटना पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस शातिर चोर तक कब तक पहुंच पाती है।1