सहारनपुर के थाना नकुड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत फन्दपुरी में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा गाद, कचरा और झाड़-झंखाड़ को हटाना है, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के आसानी से निकल सके और गांव में जलभराव एवं गंदगी की समस्या से बचाव हो। ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्य कराया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। ग्राम प्रधान ने बताया कि जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाव के लिए यह कार्य समय रहते किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से भी स्वच्छता बनाए रखने और नालों में कचरा न डालने की अपील की। ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई होने से गांव में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।
सहारनपुर के थाना नकुड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत फन्दपुरी में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा गाद, कचरा और झाड़-झंखाड़ को हटाना है, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के आसानी से निकल सके और गांव में जलभराव एवं गंदगी की समस्या से बचाव हो। ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्य कराया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। ग्राम प्रधान ने बताया कि जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाव के लिए यह कार्य समय रहते किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से भी स्वच्छता बनाए रखने और नालों में कचरा न डालने की अपील की। ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई होने से गांव में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।
- सहारनपुर के थाना नकुड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत फन्दपुरी में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा गाद, कचरा और झाड़-झंखाड़ को हटाना है, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के आसानी से निकल सके और गांव में जलभराव एवं गंदगी की समस्या से बचाव हो। ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्य कराया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। ग्राम प्रधान ने बताया कि जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाव के लिए यह कार्य समय रहते किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से भी स्वच्छता बनाए रखने और नालों में कचरा न डालने की अपील की। ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई होने से गांव में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।2
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।1
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस सूचना को साझा करते हुए सकारात्मकता और उत्साह व्यक्त किया गया है।1
- सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारन गांव के अंबेठा चांद स्थित कश्यप समाज की एक गली पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह गली पहले 9 फीट चौड़ी थी, लेकिन अब इसे घटाकर मात्र 5 फीट का कर दिया गया है। अतिक्रमण के बाद इस गली पर दोनों तरफ से मिट्टी भी डाल दी गई है, जो सड़क से नाली तक फैली हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों ने सफाई कर्मियों और एसडीएम को सात से दस बार तक आवेदन दिए हैं। हालांकि, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया गया है कि लेखपाल भी दो-तीन बार मौके पर आए, लेकिन हर बार बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौट गए।2
- यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- यमुनानगर के पॉश मॉडल टाउन इलाके में चोरों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहां नजाकत शोरूम नामक एक कपड़े की दुकान को निशाना बनाया गया। चोर यहां से हजारों रुपये की नकदी और मोबाइल फोन चुरा ले गए। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात ऐसे क्षेत्र में हुई है जहां से विधायक और पुलिस अधीक्षक आवास की दूरी बहुत कम है। चोर शोरूम की तीसरी मंजिल पर बने बाथरूम के डक्ट के रास्ते अंदर घुसा और काउंटर के गल्ले में रखे करीब 80 हजार रुपये नकद व तीन मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। बताया गया है कि चोरी की यह वारदात सुबह लगभग साढ़े तीन बजे के करीब हुई। शोरूम मालिक को चोरी का पता तब चला जब वह मंगलवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे और उन्होंने अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पाया। शोरूम सोमवार को छुट्टी होने के कारण बंद था। तत्काल सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस जांच अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। चोरी की पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर आराम से वारदात को अंजाम देता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने दिनभर चहल-पहल वाले इस पॉश इलाके में हुई इस चोरी की घटना पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस शातिर चोर तक कब तक पहुंच पाती है।1
- यमुनानगर में अपराध शाखा-2 की टीम ने अवैध हथियारों के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के सख्त निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने यह सफलता हासिल की। गुप्त सूचना मिली थी कि कल बाईपास के पास नए निर्माणाधीन पोंटा साहिब हाईवे पर एक स्विफ्ट कार में तीन आरोपी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं। इस सूचना पर एएसआई सुनील, योगेश, संजय, कृष्ण कुमार, संजीव और मनोज कुमार की टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर जाकर स्विफ्ट कार सहित तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, पुलिस को उनके पास से एक देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, एक देशी कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों की पहचान जठलाना निवासी अनीश उर्फ पम्मा, नफीस उर्फ चिता और इकराम उर्फ गुल्लू के नाम से हुई, जो आपस में दोस्त हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है; नफीस पर तीन केस, इकराम पर तीन केस और अनीश उर्फ पम्मा पर आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी लोगों से सुपारी लेकर मारपीट करने का काम करते थे। इन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा सके। अनीश को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया भी जा चुका है।4
- यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों ने कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि व किसान हितों की रक्षा की मांग की। किसान नेताओं का आरोप है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत में आ सकती है, जिससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम बुरी तरह प्रभावित होंगे। नेताओं ने तर्क दिया कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती होती है, जबकि भारत का किसान छोटी जोतों पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, जिससे वह अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसी के विरोध में पूरे देश में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों को नजरअंदाज कर यह डील लागू होती है, तो भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा और देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। संजू गुदियाना ने यह भी जानकारी दी कि 25 जून को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों की बैठक होगी, जिसमें बड़े आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संसद, दिल्ली और मंत्रियों के घेराव जैसे कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। फिलहाल, किसानों ने सरकार से इस प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।2