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हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।

1 hr ago
user_मिस सोनिया
मिस सोनिया
Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।

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  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।
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    हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।
    user_मिस सोनिया
    मिस सोनिया
    Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस सूचना को साझा करते हुए सकारात्मकता और उत्साह व्यक्त किया गया है।
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    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस सूचना को साझा करते हुए सकारात्मकता और उत्साह व्यक्त किया गया है।
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    1 hr ago
  • सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारन गांव के अंबेठा चांद स्थित कश्यप समाज की एक गली पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह गली पहले 9 फीट चौड़ी थी, लेकिन अब इसे घटाकर मात्र 5 फीट का कर दिया गया है। अतिक्रमण के बाद इस गली पर दोनों तरफ से मिट्टी भी डाल दी गई है, जो सड़क से नाली तक फैली हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों ने सफाई कर्मियों और एसडीएम को सात से दस बार तक आवेदन दिए हैं। हालांकि, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया गया है कि लेखपाल भी दो-तीन बार मौके पर आए, लेकिन हर बार बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौट गए।
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    सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारन गांव के अंबेठा चांद स्थित कश्यप समाज की एक गली पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह गली पहले 9 फीट चौड़ी थी, लेकिन अब इसे घटाकर मात्र 5 फीट का कर दिया गया है।

अतिक्रमण के बाद इस गली पर दोनों तरफ से मिट्टी भी डाल दी गई है, जो सड़क से नाली तक फैली हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों ने सफाई कर्मियों और एसडीएम को सात से दस बार तक आवेदन दिए हैं। हालांकि, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया गया है कि लेखपाल भी दो-तीन बार मौके पर आए, लेकिन हर बार बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौट गए।
    user_A r
    A r
    रामपुर मनिहारन, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।

लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं।

इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_Radaur Yamunanagar News 24x7
    Radaur Yamunanagar News 24x7
    Local News Reporter रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी की है। इस किस्त के तहत, देश भर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में उनके खातों में पहुंचती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें आर्थिक सहायता, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि तकनीक को बढ़ावा देना और बाजार तक बेहतर पहुंच शामिल है। केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इन योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बजाय सीधे किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे DBT व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि मिल रही है। इस किस्त को किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें खेती के शुरुआती खर्चों में मदद मिलेगी और बीज, खाद तथा कृषि उपकरणों की खरीद में राहत मिलेगी। यह छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा प्रदान करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में भी बड़ी संख्या में किसान PM किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जहां वे इस सहायता राशि का उपयोग गेहूं, धान, सरसों और अन्य फसलों की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। किसानों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी रखें। सरकार PM किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है, और अब भविष्य में किसानों के लिए सरकार के अन्य बड़े फैसलों पर नज़र रहेगी।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी की है। इस किस्त के तहत, देश भर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में उनके खातों में पहुंचती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें आर्थिक सहायता, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि तकनीक को बढ़ावा देना और बाजार तक बेहतर पहुंच शामिल है। केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इन योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बजाय सीधे किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे DBT व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि मिल रही है।

इस किस्त को किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें खेती के शुरुआती खर्चों में मदद मिलेगी और बीज, खाद तथा कृषि उपकरणों की खरीद में राहत मिलेगी। यह छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा प्रदान करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में भी बड़ी संख्या में किसान PM किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जहां वे इस सहायता राशि का उपयोग गेहूं, धान, सरसों और अन्य फसलों की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं।

किसानों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी रखें। सरकार PM किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है, और अब भविष्य में किसानों के लिए सरकार के अन्य बड़े फैसलों पर नज़र रहेगी।
    user_Ajay khurana
    Ajay khurana
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस की STF टीम ने सोमवार तड़के सहारनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई इस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से घायल बदमाश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने ₹1 लाख और चंदौली पुलिस ने ₹25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था, कुल मिलाकर ₹1.25 लाख का इनामी बदमाश था। पुलिस के अनुसार, लल्लन सिंह पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट, हथियार लूट और पुलिसकर्मियों पर हमले सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उस पर सात लोगों की हत्या का आरोप था, जिनमें दो दारोगा, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे। विशेष रूप से, वर्ष 2022 में वाराणसी में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी वह वांछित था। मुठभेड़ के दौरान लल्लन सिंह का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। अब STF और पुलिस उस फरार साथी की तलाश में जुटी है। इस घटना के संबंध में सोमवार दोपहर 2 बजे डीआईजी अभिषेक सिंह ने विस्तृत जानकारी दी।
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    उत्तर प्रदेश पुलिस की STF टीम ने सोमवार तड़के सहारनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई इस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से घायल बदमाश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।

लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने ₹1 लाख और चंदौली पुलिस ने ₹25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था, कुल मिलाकर ₹1.25 लाख का इनामी बदमाश था। पुलिस के अनुसार, लल्लन सिंह पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट, हथियार लूट और पुलिसकर्मियों पर हमले सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उस पर सात लोगों की हत्या का आरोप था, जिनमें दो दारोगा, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे। विशेष रूप से, वर्ष 2022 में वाराणसी में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी वह वांछित था।

मुठभेड़ के दौरान लल्लन सिंह का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। अब STF और पुलिस उस फरार साथी की तलाश में जुटी है। इस घटना के संबंध में सोमवार दोपहर 2 बजे डीआईजी अभिषेक सिंह ने विस्तृत जानकारी दी।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की गई है कि वे भारत भूषण द्वारा उठाई गई आवाज़ का पूरा समर्थन करें। इस अपील में सभी भाई-बहनों से एकजुट होकर, उनके लाइव वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रूप से वर्तमान सरकार को जल्द से जल्द गिराना बताया गया है, जिसके लिए जनता से ऑनलाइन माध्यम से भरपूर समर्थन जुटाने का आह्वान किया जा रहा है।
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    जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की गई है कि वे भारत भूषण द्वारा उठाई गई आवाज़ का पूरा समर्थन करें। इस अपील में सभी भाई-बहनों से एकजुट होकर, उनके लाइव वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रूप से वर्तमान सरकार को जल्द से जल्द गिराना बताया गया है, जिसके लिए जनता से ऑनलाइन माध्यम से भरपूर समर्थन जुटाने का आह्वान किया जा रहा है।
    user_Nitish Kumar
    Nitish Kumar
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • यहाँ एक गली में पिछले लगभग पाँच सालों से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। 5 अप्रैल 2026 को एक बार सफाई कर्मचारी आए भी थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ़ अपना समय बिताया और वीडियो बनाकर चले गए, यह कहते हुए कि नाली इससे ज़्यादा साफ़ नहीं हो सकती। आज 22 जून 2026 तक भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है और कोई सफाई कर्मचारी वहाँ नहीं पहुँचता है, जिससे सड़क पर घास उग गई है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर एसडीएम को कम से कम सात-आठ बार लिखित आवेदन दिए हैं और तहसील दिवस पर भी तीन-चार बार शिकायत की है, लेकिन एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। एसडीएम को 15 से 20 बार फोन भी किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि उनके बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, मेहमानों को भी दिक्कत होती है, और घर से बाहर निकलते ही बच्चे तो क्या, बड़े भी कीचड़ में गिरकर निकलते हैं। 9 फुट की सड़क अब 5 फुट की रह गई है और उसके दोनों किनारों पर मिट्टी जमा हो गई है, जिससे नाली और सड़क दोनों ही अवरुद्ध हो गए हैं। जब कार्रवाई के लिए एसडीएम से संपर्क किया गया, तो एसडीएम ने कथित तौर पर कहा कि "यह तानाशाही या यहां पर राजनीति नहीं चलती।" इस पर निवासियों का कहना है कि तानाशाही और राजनीति तो एसडीएम कर रहे हैं, जबकि उन्हें केवल निर्माण या समाधान चाहिए। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, एक भी अधिकारी या सफाई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा है। निवासियों ने बताया है कि उनके पास एसडीएम को सूचना दिए जाने के पुख़्ता सबूत हैं, जिनमें आवेदन की रसीद कॉपी, एसडीएम के हस्ताक्षर, और थाने व फोन में रिकॉर्डिंग जैसे प्रमाण शामिल हैं। वे जल्द से जल्द सफाई की मांग कर रहे हैं, क्योंकि 1 जुलाई से स्कूल खुलने वाले हैं और बच्चों के लिए इस कीचड़ से निकलना असंभव होगा, जबकि बड़े किसी तरह संभल सकते हैं।
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    यहाँ एक गली में पिछले लगभग पाँच सालों से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। 5 अप्रैल 2026 को एक बार सफाई कर्मचारी आए भी थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ़ अपना समय बिताया और वीडियो बनाकर चले गए, यह कहते हुए कि नाली इससे ज़्यादा साफ़ नहीं हो सकती। आज 22 जून 2026 तक भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है और कोई सफाई कर्मचारी वहाँ नहीं पहुँचता है, जिससे सड़क पर घास उग गई है।

स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर एसडीएम को कम से कम सात-आठ बार लिखित आवेदन दिए हैं और तहसील दिवस पर भी तीन-चार बार शिकायत की है, लेकिन एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। एसडीएम को 15 से 20 बार फोन भी किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि उनके बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, मेहमानों को भी दिक्कत होती है, और घर से बाहर निकलते ही बच्चे तो क्या, बड़े भी कीचड़ में गिरकर निकलते हैं। 9 फुट की सड़क अब 5 फुट की रह गई है और उसके दोनों किनारों पर मिट्टी जमा हो गई है, जिससे नाली और सड़क दोनों ही अवरुद्ध हो गए हैं। जब कार्रवाई के लिए एसडीएम से संपर्क किया गया, तो एसडीएम ने कथित तौर पर कहा कि "यह तानाशाही या यहां पर राजनीति नहीं चलती।" इस पर निवासियों का कहना है कि तानाशाही और राजनीति तो एसडीएम कर रहे हैं, जबकि उन्हें केवल निर्माण या समाधान चाहिए।

इस गंभीर स्थिति के बावजूद, एक भी अधिकारी या सफाई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा है। निवासियों ने बताया है कि उनके पास एसडीएम को सूचना दिए जाने के पुख़्ता सबूत हैं, जिनमें आवेदन की रसीद कॉपी, एसडीएम के हस्ताक्षर, और थाने व फोन में रिकॉर्डिंग जैसे प्रमाण शामिल हैं। वे जल्द से जल्द सफाई की मांग कर रहे हैं, क्योंकि 1 जुलाई से स्कूल खुलने वाले हैं और बच्चों के लिए इस कीचड़ से निकलना असंभव होगा, जबकि बड़े किसी तरह संभल सकते हैं।
    user_A r
    A r
    रामपुर मनिहारन, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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