Shuru
Apke Nagar Ki App…
अंबिकापुर बनारस रोड पर स्थित रेणुका गर्ल्स हॉस्टल पूरी तरह से जल सैलाब में बदल गया है।
जनता की ख़बर
अंबिकापुर बनारस रोड पर स्थित रेणुका गर्ल्स हॉस्टल पूरी तरह से जल सैलाब में बदल गया है।
- जनता की ख़बरवाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़😡13 hrs ago
- जनता की ख़बरवाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़😡13 hrs ago
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- अंबिकापुर बनारस रोड पर स्थित रेणुका गर्ल्स हॉस्टल पूरी तरह से जल सैलाब में बदल गया है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल जीवन मिशन योजना से संबंधित पानी की मुख्य पाइपलाइन फट गई है। इस घटना से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित सहकारी बैंक के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी गाढ़ी कमाई और हक के पैसे के लिए किसान कड़कड़ाती धूप और तमाम दिक्कतों के बीच बैंक के सामने डटे हुए हैं। किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही उनकी सुध नहीं ली, तो वे कल शनिवार से सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि उन्होंने साल 2025-26 के सीजन में अपनी जमीन का धान सहकारी समिति में बेचा था। हालांकि, जब उन्होंने अपने खातों की स्थिति जाँची, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उनके खातों पर फर्जी तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन बकाया दिखाया जा रहा है, जबकि उन्होंने ऐसा कोई ऋण कभी लिया ही नहीं। इस फर्जीवाड़े के कारण किसानों की धान खरीदी का बचा हुआ भुगतान अटक गया है और बैंक उन्हें पैसे देने से इनकार कर रहा है। किसानों का कहना है कि एक तरफ उनके नाम पर फर्जी कर्ज चढ़ा दिया गया है और दूसरी तरफ उनकी खून-पसीने की कमाई का पैसा उन्हें नहीं मिल रहा है, जिससे वे पाई-पाई के लिए मोहताज हो रहे हैं। यह पूरा मामला बलरामपुर जिले के प्रभावशाली नेता और क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम के गृह ग्राम क्षेत्र का है, फिर भी पिछले तीन दिनों से किसान खुले आसमान के नीचे बैंक के सामने बैठे हैं। हैरत की बात यह है कि जिला प्रशासन या शासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अब तक किसानों से बात करने या उनका ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा है। प्रशासन के इस उदासीन रवैये से किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- बोल बम सेवा समिति ने अपने सम्मानित सदस्यों को उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। समिति की ओर से सभी सदस्यों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और मंगल कामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर बोल बम सेवा समिति परिवार ने अपनी एकजुटता और सम्मान की भावना का प्रदर्शन किया, जिसकी कुछ झलकियां भी प्रस्तुत की गई हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी में शनिवार दोपहर करीब एक बजे 'दुद्धी को जिला बनाओ विकास कराओ चुनावी वादा पूरा करो' के बैनर तले, दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार तरीके से प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश और केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने मांग की कि इस वादे को तुरंत पूरा किया जाए और दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरा क्षेत्र विकास की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन विकास की राह बहुत दूर तक दिखाई नहीं दे रही है, और लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि दुद्धी पिछले कई दशकों से जिला बनाने की मांग कर रहा है और सभी मानदंडों को पूरा करता है, इसके बावजूद इस भारी राजस्व देने वाले क्षेत्र को जिला का दर्जा नहीं मिला है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, जितेंद्र श्रीवास्तव, विष्णुकांत तिवारी, वरुणोदय जौहरी, जय प्रकाश अग्रहरि, श्रीचंद, अमरावती देवी, वीरेंद्र कुमार, आदर्श कुमार, राकेश अग्रहरि, राजेंद्र चंद्रवंशी, जीवनराम चंद्रवंशी और अभिनव जायसवाल सहित कई संघर्ष समिति के लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।3
- सोनभद्र के कचनरवा में पानी की टंकी और सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से की गई बोरिंग के बावजूद, छह महीने बीत जाने के बाद भी इस काम में कोई प्रगति नहीं हुई है। बोरिंग का कार्य हुए आधा वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी तक टंकी या सौर ऊर्जा से संबंधित कोई भी आगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।1
- रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व संध्या, यानी 20 जून 2026 को, अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा द्वारा एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित अधिवक्ता भवन में हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता मुस्ताक अली एडवोकेट ने की। संगोष्ठी में पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के महासचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर योग को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योग की भूमिका पर जोर देते हुए सभी नागरिकों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया। सिंह ने यह भी कहा कि जिस प्रकार योग शरीर और मन को संतुलित करता है, ठीक उसी प्रकार क्षेत्रीय विकास और सामाजिक संतुलन के लिए पूर्वांचल राज्य की स्थापना भी आवश्यक है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव राजेश कुमार यादव एड ने योग को केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति करार दिया और इसे तनावमुक्त व स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम बताया। श्री जायसवाल ने युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा क्षेत्र के समग्र विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर संघर्षरत है। बैठक का संचालन कर रहे डीबीए सोनभद्र के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने योग को भारतीय सभ्यता की पहचान बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संगोष्ठी में रमेश चंद्र सिंह, संजीव कुमार, सुरेश सिंह कुशवाहा, टीटू प्रसाद गुप्ता, राजकुमार पटेल, सुरेश सिंह पटेल, आदर्श देव पांडेय, संतोष चतुर्वेदी और संतोष कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।2
- सरगुजा जिले के बनारस चौक के सामने पेट्रोल को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक युवक का आरोप है कि मैनेजर ने उसे डिब्बे में ₹30 का तेल देने से इनकार कर दिया, जबकि युवक ने टंकी तक पहुंचने के लिए इतनी ही मात्रा में तेल माँगा था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने अंबिकापुर में पेट्रोल की कमी और उससे लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद से अंबिकापुर में पेट्रोल की कमी को लेकर लोगों के बीच बहुत चर्चा है, खासकर गरीबों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति पेट्रोल पंप पर टंकी खुलवाने जाता है, तो उसे ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, चाहे उसे ₹100 का तेल डलवाना हो या केवल टंकी खुलवानी हो। इस स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आदेशों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में गरीबों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।1