logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025* को लेकर उप विकास आयुक्त, रोहतास द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया अधिनियम के उद्देश्य, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी गई। उप विकास आयुक्त ने बताया कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक सुदृढ़ एवं उन्नत स्वरूप है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण रोजगार, आजीविका और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रदान की जाने वाली गारंटीकृत रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखते हुए टिकाऊ एवं उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा जाएगा। उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत चार प्रमुख फोकस क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण तथा मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु कार्य शामिल हैं। विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पंचायतों में कार्यों का चयन कर उन्हें पीएम गति शक्ति सहित अन्य राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत एवं समन्वित राष्ट्रीय विकास रणनीति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार कर उन्हीं के माध्यम से कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य सरकारें बुवाई एवं कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष अधिकतम 60 दिनों के लिए कार्य न कराए जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर सकेंगी। योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें केंद्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 60:40 रहेगा। अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने यह भी बताया कि प्राकृतिक आपदाओं एवं असाधारण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा सशक्त सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है। गवर्नेंस संरचना के अंतर्गत निगरानी एवं मूल्यांकन हेतु केंद्र एवं राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मजदूरी दर अधिसूचित करेगी, तब तक मनरेगा की वर्तमान दरें लागू रहेंगी। राज्य सरकार को योजना को 6 माह के भीतर अधिसूचित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन को स्थायी स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

2 hrs ago
user_पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
बिक्रमगंज, रोहतास, बिहार•
2 hrs ago

विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025* को लेकर उप विकास आयुक्त, रोहतास द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया अधिनियम के उद्देश्य, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी गई। उप विकास आयुक्त ने बताया कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक सुदृढ़ एवं उन्नत स्वरूप है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण रोजगार, आजीविका और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रदान की जाने वाली गारंटीकृत रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। रोजगार को केवल मजदूरी तक

सीमित न रखते हुए टिकाऊ एवं उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा जाएगा। उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत चार प्रमुख फोकस क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण तथा मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु कार्य शामिल हैं। विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पंचायतों में कार्यों का चयन कर उन्हें पीएम गति शक्ति सहित अन्य राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत एवं समन्वित राष्ट्रीय विकास रणनीति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक

में समेकित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार कर उन्हीं के माध्यम से कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य सरकारें बुवाई एवं कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष अधिकतम 60 दिनों के लिए कार्य न कराए जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर सकेंगी। योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें केंद्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 60:40 रहेगा। अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने यह भी बताया कि प्राकृतिक आपदाओं एवं असाधारण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा

सशक्त सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है। गवर्नेंस संरचना के अंतर्गत निगरानी एवं मूल्यांकन हेतु केंद्र एवं राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मजदूरी दर अधिसूचित करेगी, तब तक मनरेगा की वर्तमान दरें लागू रहेंगी। राज्य सरकार को योजना को 6 माह के भीतर अधिसूचित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन को स्थायी स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

More news from बिहार and nearby areas
  • अधिनियम के उद्देश्य, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी गई। उप विकास आयुक्त ने बताया कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक सुदृढ़ एवं उन्नत स्वरूप है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण रोजगार, आजीविका और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रदान की जाने वाली गारंटीकृत रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखते हुए टिकाऊ एवं उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा जाएगा। उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत चार प्रमुख फोकस क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण तथा मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु कार्य शामिल हैं। विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पंचायतों में कार्यों का चयन कर उन्हें पीएम गति शक्ति सहित अन्य राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत एवं समन्वित राष्ट्रीय विकास रणनीति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार कर उन्हीं के माध्यम से कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य सरकारें बुवाई एवं कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष अधिकतम 60 दिनों के लिए कार्य न कराए जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर सकेंगी। योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें केंद्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 60:40 रहेगा। अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने यह भी बताया कि प्राकृतिक आपदाओं एवं असाधारण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा सशक्त सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है। गवर्नेंस संरचना के अंतर्गत निगरानी एवं मूल्यांकन हेतु केंद्र एवं राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मजदूरी दर अधिसूचित करेगी, तब तक मनरेगा की वर्तमान दरें लागू रहेंगी। राज्य सरकार को योजना को 6 माह के भीतर अधिसूचित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन को स्थायी स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
    4
    अधिनियम के उद्देश्य, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी गई।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक सुदृढ़ एवं उन्नत स्वरूप है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण रोजगार, आजीविका और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रदान की जाने वाली गारंटीकृत रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखते हुए टिकाऊ एवं उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा जाएगा।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत चार प्रमुख फोकस क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण तथा मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु कार्य शामिल हैं।
विकास मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पंचायतों में कार्यों का चयन कर उन्हें पीएम गति शक्ति सहित अन्य राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत एवं समन्वित राष्ट्रीय विकास रणनीति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार कर उन्हीं के माध्यम से कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा।
राज्य सरकारें बुवाई एवं कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष अधिकतम 60 दिनों के लिए कार्य न कराए जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर सकेंगी। योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें केंद्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 60:40 रहेगा। अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
उप विकास आयुक्त ने यह भी बताया कि प्राकृतिक आपदाओं एवं असाधारण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा सशक्त सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है।
गवर्नेंस संरचना के अंतर्गत निगरानी एवं मूल्यांकन हेतु केंद्र एवं राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मजदूरी दर अधिसूचित करेगी, तब तक मनरेगा की वर्तमान दरें लागू रहेंगी। राज्य सरकार को योजना को 6 माह के भीतर अधिसूचित करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन को स्थायी स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
    user_पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    बिक्रमगंज, रोहतास, बिहार•
    2 hrs ago
  • आस्था और श्रद्धा के केंद्र सूर्यपूरा बड़ा तालाब के समीप स्थित बहुरहवा शिव मंदिर से मंगलवार की देर रात अज्ञात चोरों ने भगवान शिव के वाहन नंदी (बैल) की प्रतिमा चोरी कर ली। बुधवार सुबह जब श्रद्धालु प्रतिदिन की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो नंदी प्रतिमा को अपने स्थान से गायब देखकर स्तब्ध रह गए। मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर दो शताब्दियों से क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। नंदी की प्रतिमा मंदिर की परंपरा और विश्वास का अभिन्न हिस्सा मानी जाती थी। प्रतिमा चोरी की खबर फैलते ही ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना बताया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। बुधवार को 05 बजे छठ पूजा समिति के अध्यक्ष विजय सिंह का कहना है कि ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    1
    आस्था और श्रद्धा के केंद्र सूर्यपूरा बड़ा तालाब के समीप स्थित बहुरहवा शिव मंदिर से मंगलवार की देर रात अज्ञात चोरों ने भगवान शिव के वाहन नंदी (बैल) की प्रतिमा चोरी कर ली। बुधवार सुबह जब श्रद्धालु प्रतिदिन की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो नंदी प्रतिमा को अपने स्थान से गायब देखकर स्तब्ध रह गए। मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर दो शताब्दियों से क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। नंदी की प्रतिमा मंदिर की परंपरा और विश्वास का अभिन्न हिस्सा मानी जाती थी।
प्रतिमा चोरी की खबर फैलते ही ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना बताया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। बुधवार को 05 बजे छठ पूजा समिति के अध्यक्ष विजय सिंह का कहना है कि ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_Anjali Kumari
    Anjali Kumari
    रिपोर्टर सूर्यपुरा, रोहतास, बिहार•
    17 hrs ago
  • Post by Suraj kumar
    1
    Post by Suraj kumar
    user_Suraj kumar
    Suraj kumar
    पत्रकार Kaler, Arwal•
    17 hrs ago
  • Post by Chandan chook kaup
    4
    Post by Chandan chook kaup
    user_Chandan chook kaup
    Chandan chook kaup
    गरहनी, भोजपुर, बिहार•
    56 min ago
  • Post by Chotu Kumar
    1
    Post by Chotu Kumar
    user_Chotu Kumar
    Chotu Kumar
    ओबरा, औरंगाबाद, बिहार•
    6 hrs ago
  • BSEB 10th की परीक्षा देने पटना के दानापुर सेंटर पर यह छात्रा केंद्र पर महज कुछ मिनट देरी से पहुंची।
    1
    BSEB 10th की परीक्षा देने पटना के दानापुर सेंटर पर यह छात्रा केंद्र पर महज कुछ मिनट देरी से पहुंची।
    user_Bihar News 24
    Bihar News 24
    Journalist Bhojpur, Bihar•
    9 hrs ago
  • बिहार राज्य के राजस्व कर्मचारी पुनः बैठे धारणा पर आरा, भोजपुर
    1
    बिहार राज्य के राजस्व कर्मचारी पुनः बैठे धारणा पर आरा, भोजपुर
    user_News 91 Bhojpur
    News 91 Bhojpur
    Court reporter गरहनी, भोजपुर, बिहार•
    12 hrs ago
  • सूर्यपुरा प्रखंड क्षेत्र के नारायणपुर और नटवार तेनुअज मध्य विद्यालयों में बुधवार को 04 बजे तक'मिशन शोषणमुक्त बचपन' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिभर्ते एनजीओ और जेयू अग्री साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के पांचवें व छठे चरण में लगभग 1500 बच्चों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल लैंगिक अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और 'अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श' के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। टीम के सदस्यों ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया। संस्था के अध्यक्ष मोहन सिंह, दिवाकर जी, पवन सिंह और अमन शर्मा सहित टीम के सदस्यों ने इस सत्र में बच्चों का मार्गदर्शन किया। जागरूकता फैलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। वही कार्यक्रम के अंत में अभी छात्राओं के बीच कॉपी किताब का वितरण किया गया।
    1
    सूर्यपुरा प्रखंड क्षेत्र के नारायणपुर और नटवार तेनुअज मध्य विद्यालयों में बुधवार को 04 बजे तक'मिशन शोषणमुक्त बचपन' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिभर्ते एनजीओ और जेयू अग्री साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के पांचवें व छठे चरण में लगभग 1500 बच्चों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल लैंगिक अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और 'अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श' के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। टीम के सदस्यों ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।
संस्था के अध्यक्ष मोहन सिंह, दिवाकर जी, पवन सिंह और अमन शर्मा सहित टीम के सदस्यों ने इस सत्र में बच्चों का मार्गदर्शन किया। जागरूकता फैलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। वही कार्यक्रम के अंत में अभी छात्राओं के बीच कॉपी किताब का वितरण किया गया।
    user_Anjali Kumari
    Anjali Kumari
    रिपोर्टर सूर्यपुरा, रोहतास, बिहार•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.