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स्थानीय निवासियों को नल में पानी न आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि यह समस्या घर के कनेक्शन में खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। इस संबंध में नगर निगम, निसली, डौंकेरा और जिला पंचायत को अवगत कराया गया है।
Abhikansh Dewangan
स्थानीय निवासियों को नल में पानी न आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि यह समस्या घर के कनेक्शन में खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। इस संबंध में नगर निगम, निसली, डौंकेरा और जिला पंचायत को अवगत कराया गया है।
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- दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1
- दुर्ग में ₹7.88 करोड़ की अवैध अफीम का नष्टीकरण किया गया। जब्त की गई इस अफीम को बीएसपी प्लांट की भट्टी में जलाकर खत्म किया गया। यह करोड़ों की अफीम एक भाजपा नेता के खेत से बरामद की गई थी।1
- रायपुर के राज टॉकीज़ में अब टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। दर्शकों से अपनी टिकटें तुरंत बुक करने का आग्रह किया गया है।1
- जनपद पंचायत बालाघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जहाँ सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। कुल 19 मतों में से सरपंच गीता बिसेन को केवल एक मत मिला, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत पड़े। इस परिणाम के साथ ही पंचायत में गीता बिसेन का कार्यकाल समाप्त हो गया और उनकी सरकार गिर गई। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और पुलिस बल की मौजूदगी में यह विशेष सम्मेलन आयोजित हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरपंच गीता अनिल बिसेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने और पंचायत के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। इसके विपरीत, उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने सरपंच के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे पंचों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और अविश्वास प्रस्ताव की नौबत आई। इस प्रकार, 'विकास बनाम भ्रष्टाचार' चुनावी मुद्दा बन गया। मतदान परिणाम घोषित होते ही उपसरपंच एवं विरोधी खेमे के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत परिसर के बाहर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत भरवेली में नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत में नई बॉडी का गठन किया जाएगा और नए सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। जिले की पंचायत राजनीति में यह परिणाम, जहाँ सरपंच को 18-1 के भारी अंतर से पद गंवाना पड़ा, चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- छत्तीसगढ़ के पंडरिया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 'रक्षक ही भक्षक' बन जाने के आरोपों के साथ एक बड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। इस अल्टीमेटम के तहत, यदि अगले सात दिनों के भीतर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है, तो आत्महत्या जैसा अत्यंत कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। यह स्थिति क्षेत्र में गहरे आक्रोश और चिंता का विषय बनी हुई है।1
- कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने घोषणा की है कि शहर का बहुप्रतीक्षित हाईटेक बस स्टैंड 6 जून से बसों के संचालन के लिए खोल दिया जाएगा। लगभग आठ साल पहले बनकर तैयार हुए इस बस स्टैंड से अब नियमित रूप से बसों का आवागमन शुरू हो सकेगा, जिससे लंबे समय का इंतजार खत्म हो रहा है। नपाध्यक्ष चंद्रवंशी ने इस पहल के कई लाभ गिनाए। उन्होंने बताया कि नए बस स्टैंड के शुरू होने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी, और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बस संचालन शुरू होने से पहले, परिसर में सत्यनारायण कथा और हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, ऑटो संचालकों ने यह आश्वासन दिया है कि पहचान पत्र दिखाने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता के साथ न्यूनतम किराये पर सेवाएं प्रदान की जाएंगी। चंद्रवंशी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह नया बस स्टैंड भविष्य में व्यापार, रोजगार और शहर के समग्र विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।4
- रायपुर स्थित राज टॉकीज के लिए दर्शक अब अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी टिकटें तुरंत बुक करें।1
- बलौदाबाजार में नेशनल हाईवे 130बी पर नालियों की बदहाल व्यवस्था ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून की शुरुआत से पहले ही नालियों में भरा पानी सड़क पर बहने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि भारी वर्षा के दौरान जल निकासी व्यवस्था किस तरह काम करेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई न होने और जल निकासी बाधित होने के कारण ही यह गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस समस्या से राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा यह गंदा पानी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाने के साथ-साथ मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के फैलने का कारण भी बन सकता है। नागरिकों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और भी भयावह हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में जलभराव, गंदगी और संभावित स्वास्थ्य संकट से लोगों को बचाया जा सके। अब यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1
- भानुप्रतापपुर में लगभग 50 ग्रामीण ग्राम पंचायत बैजनपुरी की सचिव श्रीमती अश्वनी ध्रुव को हटाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं, काम में घोर लापरवाही बरतती हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करती हैं। जब ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर जनपद सीईओ जी. एल. चुरेन्द्र के पास पहुंचे, तो उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सचिव का बचाव करने लगे। इस पर ग्रामीण भड़क गए और कार्यालय के भीतर लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। क्षेत्र में जनपद सीईओ के दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हैं। पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के दौरे के दौरान भी सीईओ की शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थिति यह है कि क्षेत्र के सरपंच और सचिव भी सीईओ के रवैये से त्रस्त हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्यों के एवज में मोटी कमीशन की मांग की जाती है, जिसके कारण क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।1