भानुप्रतापपुर में लगभग 50 ग्रामीण ग्राम पंचायत बैजनपुरी की सचिव श्रीमती अश्वनी ध्रुव को हटाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं, काम में घोर लापरवाही बरतती हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करती हैं। जब ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर जनपद सीईओ जी. एल. चुरेन्द्र के पास पहुंचे, तो उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सचिव का बचाव करने लगे। इस पर ग्रामीण भड़क गए और कार्यालय के भीतर लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। क्षेत्र में जनपद सीईओ के दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हैं। पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के दौरे के दौरान भी सीईओ की शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थिति यह है कि क्षेत्र के सरपंच और सचिव भी सीईओ के रवैये से त्रस्त हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्यों के एवज में मोटी कमीशन की मांग की जाती है, जिसके कारण क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।
भानुप्रतापपुर में लगभग 50 ग्रामीण ग्राम पंचायत बैजनपुरी की सचिव श्रीमती अश्वनी ध्रुव को हटाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं, काम में घोर लापरवाही बरतती हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करती हैं। जब ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर जनपद सीईओ जी. एल. चुरेन्द्र के पास पहुंचे, तो उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सचिव का बचाव करने लगे। इस पर ग्रामीण भड़क गए और कार्यालय के भीतर लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। क्षेत्र में जनपद सीईओ के दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हैं। पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के दौरे के दौरान भी सीईओ की शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थिति यह है कि क्षेत्र के सरपंच और सचिव भी सीईओ के रवैये से त्रस्त हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्यों के एवज में मोटी कमीशन की मांग की जाती है, जिसके कारण क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बागोडार में एक स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- कोयला खदानों से लगातार बढ़ती धूल ने ग्रामीणों के जीवन को अत्यंत कठिन बना दिया है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण जहाँ एक ओर बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति दर्शाती है कि 'विकास' के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य और उनके जीवन को दांव पर लगाया जा रहा है। गांव के बीमार होने की इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है और ग्रामीणों की आवाज़ अनसुनी की जा रही है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जिला अस्पताल के लोकार्पण समारोह से जुड़े होर्डिंग में स्थानीय सांसद संतोष पांडे की तस्वीर गायब होने से राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।1
- दुर्ग पुलिस ने अवैध कोयला भंडारण और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 15 टन से अधिक कोयला जब्त किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संपत्ति संबंधी अपराधों और अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, खुर्सीपार गेट पर विजय केसरवानी द्वारा भारी मात्रा में कोयले के अवैध भंडारण और बिक्री की सूचना मिली थी, जिस पर थाना खुर्सीपार पुलिस और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मौके पर दबिश के दौरान, मुख्य आरोपी विजय कुमार केसरवानी के कब्जे से लगभग 15.530 टन कोयला, जिसका मूल्य 3 लाख रुपये से अधिक बताया गया है, और व्यापार में प्रयुक्त कांटा-तराजू सहित अन्य अभिलेख बरामद किए गए। विजय ने खुद को वैध व्यापारी प्रदर्शित करने के लिए फर्जी जीएसटी बिल जैसे कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सूझबूझ, तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच पद्धति का उपयोग करते हुए इन दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया। जांच के दौरान, प्रस्तुत सभी जीएसटी दस्तावेज, परिवहन अभिलेख और अन्य रिकॉर्ड फर्जी पाए गए, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उपलब्ध कराने में राजकुमार मिश्रा और उसके सहयोगी सुनील शर्मा की सक्रिय भूमिका थी। वित्तीय लेनदेन, डिजिटल भुगतान माध्यमों और मोबाइल संचार के विश्लेषण से उनकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस प्रकरण में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें विजय कुमार केसरवानी, राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा शामिल हैं। प्रकरण में बरामद कोक-कोयले के वास्तविक स्रोत, स्वामित्व और संभावित चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंध की जांच अभी जारी है। दुर्ग पुलिस इस आर्थिक अपराध और संपत्ति संबंधी मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी विस्तृत पड़ताल कर रही है।4
- डोंडेरा के निवासियों ने अपने घरों के पीछे के नाले की लगातार गंदगी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नाला पूरी तरह साफ नहीं रहता और गंदा पड़ा रहता है, जिसके चलते डोंडेरा का सारा कचरा उनके नाले में आ जाता है। इस गंदगी के कारण बड़े पैमाने पर मच्छरों का प्रकोप पनप रहा है, जिससे उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। नागरिकों ने नगर निगम रिसाली डोंडेरा नगर पंचायत से इस समस्या का तत्काल समाधान करने और नाले की पूरी तरह सफाई कराने की मांग की है।1
- भानुप्रतापपुर में लगभग 50 ग्रामीण ग्राम पंचायत बैजनपुरी की सचिव श्रीमती अश्वनी ध्रुव को हटाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं, काम में घोर लापरवाही बरतती हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करती हैं। जब ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर जनपद सीईओ जी. एल. चुरेन्द्र के पास पहुंचे, तो उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सचिव का बचाव करने लगे। इस पर ग्रामीण भड़क गए और कार्यालय के भीतर लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। क्षेत्र में जनपद सीईओ के दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हैं। पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के दौरे के दौरान भी सीईओ की शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थिति यह है कि क्षेत्र के सरपंच और सचिव भी सीईओ के रवैये से त्रस्त हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्यों के एवज में मोटी कमीशन की मांग की जाती है, जिसके कारण क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।1