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संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।

1 hr ago
user_सतभक्ति संदेश
सतभक्ति संदेश
Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।

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  • आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
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    आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।

यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • आज, 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, यह दिन हमें प्रकृति को सबसे बड़े उपहार के रूप में याद दिलाता है, जिसे बचाना हमारा परम कर्तव्य है। इस अवसर पर, स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने सभी छत्तीसगढ़वासियों से अपनी धरती को हरा-भरा, स्वच्छ और समृद्ध बनाए रखने की अपील की है। छत्तीसगढ़ अपनी वन संपदा का खजाना है, जहाँ घने जंगल, महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती और सोन जैसी नदियाँ, बस्तर की पहाड़ियाँ और स्थानीय संस्कृति का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है। हालांकि, वनों की कटाई, खनन गतिविधियों का असंतुलित विस्तार, प्लास्टिक प्रदूषण और जल स्रोतों का प्रदूषण राज्य की इस प्राकृतिक समृद्धि के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। वर्तमान में, राज्य में वन क्षेत्र लगातार दबाव में है, नदियों में औद्योगिक अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरा बढ़ता जा रहा है, जबकि गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि और अनियमित वर्षा पर्यावरणीय असंतुलन का स्पष्ट संकेत देती है। बस्तर, सरगुजा और रायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जैव विविधता खतरे में है। इसके बावजूद, छत्तीसगढ़ सरकार के हरित छत्तीसगढ़ अभियान, सामुदायिक वन प्रबंधन और जन-जागरण के प्रयास एक सकारात्मक दिशा की ओर इशारा करते हैं। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनमें हर छत्तीसगढ़ी को कम से कम एक पेड़ लगाने और उसे संरक्षित करने का संकल्प लेना, साथ ही स्कूल, कॉलेज और गाँवों में सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाना शामिल है। प्लास्टिक प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए थर्माकोल, सिंगल यूज़ प्लास्टिक और पॉलीथीन का प्रयोग कम करके कपड़े के थैले और बाँस की टोकरियों का उपयोग बढ़ाने की बात कही गई है। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, नदियों की सफाई और तालाबों के पुनरुद्धार पर जोर दिया गया है। सतत विकास की दिशा में खनन और औद्योगिक विकास को पर्यावरण अनुकूल बनाने तथा वन्य जीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों को भागीदार बनाने का आह्वान किया गया है। इसके अलावा, बच्चों को पर्यावरण शिक्षा देकर और सोशल मीडिया पर #हराभाराछत्तीसगढ़ जैसे अभियान चलाकर जागरूकता फैलाने की भी बात कही गई है। अपने संदेश में, स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि प्रकृति हमें माफ़ नहीं करती बल्कि जवाब देती है; यदि हम आज पेड़ों को काटेंगे, नदियों को गंदा करेंगे और जंगलों को नष्ट करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को सूखे, बाढ़ और प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विभिन्न वर्गों से अपील की है: हर घर से शुरुआत करते हुए अपने आसपास एक छोटा बगीचा बनाएँ; युवाओं को भविष्य का रक्षक मानते हुए पर्यावरण को अपना करियर और मिशन बनाने का आग्रह किया गया है; महिलाओं और किसानों को धरती माँ के सबसे करीब बताते हुए जैविक खेती अपनाने और वृक्ष संरक्षण करने की सलाह दी गई है। सरकार और प्रशासन से अपील की गई है कि वे विकास की राह में पर्यावरण को कभी पीछे न छोड़ें। एक स्वच्छ, हरा-भरा और समृद्ध छत्तीसगढ़ हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। आज विश्व पर्यावरण दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया है कि “मैं छत्तीसगढ़ की हरियाली बचाऊंगा/बचाऊंगी।” जय जोहर! जय छत्तीसगढ़! हरित छत्तीसगढ़, स्वच्छ छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़!
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    आज, 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, यह दिन हमें प्रकृति को सबसे बड़े उपहार के रूप में याद दिलाता है, जिसे बचाना हमारा परम कर्तव्य है। इस अवसर पर, स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने सभी छत्तीसगढ़वासियों से अपनी धरती को हरा-भरा, स्वच्छ और समृद्ध बनाए रखने की अपील की है। छत्तीसगढ़ अपनी वन संपदा का खजाना है, जहाँ घने जंगल, महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती और सोन जैसी नदियाँ, बस्तर की पहाड़ियाँ और स्थानीय संस्कृति का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है।

हालांकि, वनों की कटाई, खनन गतिविधियों का असंतुलित विस्तार, प्लास्टिक प्रदूषण और जल स्रोतों का प्रदूषण राज्य की इस प्राकृतिक समृद्धि के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। वर्तमान में, राज्य में वन क्षेत्र लगातार दबाव में है, नदियों में औद्योगिक अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरा बढ़ता जा रहा है, जबकि गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि और अनियमित वर्षा पर्यावरणीय असंतुलन का स्पष्ट संकेत देती है। बस्तर, सरगुजा और रायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जैव विविधता खतरे में है। इसके बावजूद, छत्तीसगढ़ सरकार के हरित छत्तीसगढ़ अभियान, सामुदायिक वन प्रबंधन और जन-जागरण के प्रयास एक सकारात्मक दिशा की ओर इशारा करते हैं।

स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनमें हर छत्तीसगढ़ी को कम से कम एक पेड़ लगाने और उसे संरक्षित करने का संकल्प लेना, साथ ही स्कूल, कॉलेज और गाँवों में सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाना शामिल है। प्लास्टिक प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए थर्माकोल, सिंगल यूज़ प्लास्टिक और पॉलीथीन का प्रयोग कम करके कपड़े के थैले और बाँस की टोकरियों का उपयोग बढ़ाने की बात कही गई है। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, नदियों की सफाई और तालाबों के पुनरुद्धार पर जोर दिया गया है। सतत विकास की दिशा में खनन और औद्योगिक विकास को पर्यावरण अनुकूल बनाने तथा वन्य जीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों को भागीदार बनाने का आह्वान किया गया है। इसके अलावा, बच्चों को पर्यावरण शिक्षा देकर और सोशल मीडिया पर #हराभाराछत्तीसगढ़ जैसे अभियान चलाकर जागरूकता फैलाने की भी बात कही गई है।

अपने संदेश में, स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि प्रकृति हमें माफ़ नहीं करती बल्कि जवाब देती है; यदि हम आज पेड़ों को काटेंगे, नदियों को गंदा करेंगे और जंगलों को नष्ट करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को सूखे, बाढ़ और प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विभिन्न वर्गों से अपील की है: हर घर से शुरुआत करते हुए अपने आसपास एक छोटा बगीचा बनाएँ; युवाओं को भविष्य का रक्षक मानते हुए पर्यावरण को अपना करियर और मिशन बनाने का आग्रह किया गया है; महिलाओं और किसानों को धरती माँ के सबसे करीब बताते हुए जैविक खेती अपनाने और वृक्ष संरक्षण करने की सलाह दी गई है। सरकार और प्रशासन से अपील की गई है कि वे विकास की राह में पर्यावरण को कभी पीछे न छोड़ें। एक स्वच्छ, हरा-भरा और समृद्ध छत्तीसगढ़ हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। आज विश्व पर्यावरण दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया है कि “मैं छत्तीसगढ़ की हरियाली बचाऊंगा/बचाऊंगी।” जय जोहर! जय छत्तीसगढ़! हरित छत्तीसगढ़, स्वच्छ छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़!
    user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    32 min ago
  • राज टॉकीज, रायपुर के लिए अपनी टिकटें अभी बुक करें।
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    राज टॉकीज, रायपुर के लिए अपनी टिकटें अभी बुक करें।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
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    दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया।

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • जगदलपुर के पंडरी तराई तालाब का स्वरूप अब बदलने वाला है, जहाँ महापौर संजय पांडेय की पहल पर इसके सौंदर्यकरण का काम शुरू हो गया है। इस योजना के अंतर्गत, तालाब में रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए एक छठ घाट विकसित किया जाएगा। इसके किनारे पर बाउंड्री के साथ एक फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित रूप से टहल सकें। रात में पूरे परिसर को आकर्षक और सुरक्षित माहौल देने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। वर्षों से उपेक्षित रहा यह तालाब अब शहरवासियों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल बन जाएगा।
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    जगदलपुर के पंडरी तराई तालाब का स्वरूप अब बदलने वाला है, जहाँ महापौर संजय पांडेय की पहल पर इसके सौंदर्यकरण का काम शुरू हो गया है। इस योजना के अंतर्गत, तालाब में रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए एक छठ घाट विकसित किया जाएगा। इसके किनारे पर बाउंड्री के साथ एक फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित रूप से टहल सकें। रात में पूरे परिसर को आकर्षक और सुरक्षित माहौल देने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। वर्षों से उपेक्षित रहा यह तालाब अब शहरवासियों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल बन जाएगा।
    user_Yogesh Sao
    Yogesh Sao
    Photographer जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड उपचुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने 436 वोटों के बड़े अंतर से यह बाजी मारी। मतदान के परिणामों के अनुसार, बूथ-1 (37) पर कांग्रेस को 483 वोट मिले, जबकि भाजपा को 157, आप को 18 और नोटा को 5 वोट प्राप्त हुए। इसी तरह, बूथ-2 (38) में कांग्रेस को 331 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 221, आप को 4 और नोटा को 4 वोट आए।
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    जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड उपचुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने 436 वोटों के बड़े अंतर से यह बाजी मारी। मतदान के परिणामों के अनुसार, बूथ-1 (37) पर कांग्रेस को 483 वोट मिले, जबकि भाजपा को 157, आप को 18 और नोटा को 5 वोट प्राप्त हुए। इसी तरह, बूथ-2 (38) में कांग्रेस को 331 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 221, आप को 4 और नोटा को 4 वोट आए।
    user_AKKU KHAN
    AKKU KHAN
    Mandi Agent Jagdalpur, Bastar•
    23 hrs ago
  • बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने गुरुवार को विकासखंड बलरामपुर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही सड़क खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्माणाधीन शंकरपुर पहुंच मार्ग से तरकाखांड तक लगभग 5.25 किलोमीटर लंबी सड़क और पीएमजीएसवाई सड़क से शंकरपुर तक लगभग 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई करवाकर जीएसबी परत, मिट्टी कार्य तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद, उन्होंने सिंदूर पुलिया से सोनहरा तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सड़क की चौड़ाई, अर्थवर्क की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर एवं कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई श्री सच्चिदानंद कांत भी मौजूद रहे। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार होती हैं। इसलिए, सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित करना है, जिसका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिले। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने गुरुवार को विकासखंड बलरामपुर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही सड़क खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए।

अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्माणाधीन शंकरपुर पहुंच मार्ग से तरकाखांड तक लगभग 5.25 किलोमीटर लंबी सड़क और पीएमजीएसवाई सड़क से शंकरपुर तक लगभग 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई करवाकर जीएसबी परत, मिट्टी कार्य तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद, उन्होंने सिंदूर पुलिया से सोनहरा तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सड़क की चौड़ाई, अर्थवर्क की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर एवं कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई श्री सच्चिदानंद कांत भी मौजूद रहे।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार होती हैं। इसलिए, सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित करना है, जिसका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिले। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • रायपुर के राज टॉकीज़ में अब टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। दर्शकों से अपनी टिकटें तुरंत बुक करने का आग्रह किया गया है।
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    रायपुर के राज टॉकीज़ में अब टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। दर्शकों से अपनी टिकटें तुरंत बुक करने का आग्रह किया गया है।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक व्यक्ति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक की पत्नी के साथ मारपीट करने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पुरानी भिलाई पुलिस द्वारा की गई है। घटना 1 जून 2026 को रात करीब 9:00 बजे ग्राम मोहंदी के खाननाडी में हुई। विवरण के अनुसार, मृतक नीलकंठ साहू ने अपनी पत्नी सावित्री साहू को डंडे से पीटा था, जिससे उनके सिर में चोट आई थी। इसी बात को लेकर आरोपी राजेश वर्मा और अमर सिंह ने नीलकंठ साहू के साथ विवाद किया। आरोपी राजेश वर्मा ने डंडे से और अमर सिंह ने हाथ-मुक्कों से एक राय होकर नीलकंठ साहू के सिर, पैर, सीने और हाथों में गंभीर चोटें पहुंचाईं। इन गंभीर चोटों के कारण नीलकंठ साहू की मृत्यु अगले दिन, 2 जून 2026 को सुबह 9:00 बजे हो गई। मृतक की पत्नी सावित्री साहू की रिपोर्ट पर पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 291/2026 दर्ज किया। जांच के दौरान, आरोपी राजेश वर्मा ने नीलकंठ यादव (sic) को डंडे से मारकर मौत के घाट उतारना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का कृत्य धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत पाया गया। इसके बाद, पुरानी भिलाई पुलिस ने 3 जून 2026 को दोनों आरोपियों - 50 वर्षीय राजेश वर्मा, पिता स्व० भारत वर्मा, निवासी इन्द्रा पारा थाना पुरानी भिलाई, और 45 वर्षीय अमर सिंह यादव, पिता नंदू यादव, निवासी ग्राम मोहंदी बांधापार पुरानी भिलाई थाना पुरानी भिलाई जिला दुर्ग - को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक व्यक्ति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक की पत्नी के साथ मारपीट करने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पुरानी भिलाई पुलिस द्वारा की गई है।

घटना 1 जून 2026 को रात करीब 9:00 बजे ग्राम मोहंदी के खाननाडी में हुई। विवरण के अनुसार, मृतक नीलकंठ साहू ने अपनी पत्नी सावित्री साहू को डंडे से पीटा था, जिससे उनके सिर में चोट आई थी। इसी बात को लेकर आरोपी राजेश वर्मा और अमर सिंह ने नीलकंठ साहू के साथ विवाद किया। आरोपी राजेश वर्मा ने डंडे से और अमर सिंह ने हाथ-मुक्कों से एक राय होकर नीलकंठ साहू के सिर, पैर, सीने और हाथों में गंभीर चोटें पहुंचाईं। इन गंभीर चोटों के कारण नीलकंठ साहू की मृत्यु अगले दिन, 2 जून 2026 को सुबह 9:00 बजे हो गई।

मृतक की पत्नी सावित्री साहू की रिपोर्ट पर पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 291/2026 दर्ज किया। जांच के दौरान, आरोपी राजेश वर्मा ने नीलकंठ यादव (sic) को डंडे से मारकर मौत के घाट उतारना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का कृत्य धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत पाया गया। इसके बाद, पुरानी भिलाई पुलिस ने 3 जून 2026 को दोनों आरोपियों - 50 वर्षीय राजेश वर्मा, पिता स्व० भारत वर्मा, निवासी इन्द्रा पारा थाना पुरानी भिलाई, और 45 वर्षीय अमर सिंह यादव, पिता नंदू यादव, निवासी ग्राम मोहंदी बांधापार पुरानी भिलाई थाना पुरानी भिलाई जिला दुर्ग - को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
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