हरदोई के विकासखंड कोथावां की ग्राम पंचायत पुरवा बाजीराव में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और उन्हें पीने तथा खाना बनाने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठाना पड़ रहा है। निबहा गांव के चौकीदार राम स्वरूप ने बताया कि पानी की टंकी पर कई दिनों से कोई भी कर्मचारी नहीं आया है और सप्लाई बहाल करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। टंकी परिसर में रखे उपस्थिति रजिस्टर में कर्मचारियों की हाजिरी बेहद कम दर्ज है, जो निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों का दावा है कि टंकी के संचालन के लिए आवश्यक आदेश ही जारी नहीं किए गए हैं, जिससे व्यवस्था में गंभीर खामियों को छिपाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने, जलापूर्ति बहाल करने और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भीषण गर्मी के इस दौर में अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है।
हरदोई के विकासखंड कोथावां की ग्राम पंचायत पुरवा बाजीराव में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और उन्हें पीने तथा खाना बनाने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर
होना पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठाना पड़ रहा है। निबहा गांव के चौकीदार राम स्वरूप ने बताया कि पानी की टंकी पर कई दिनों से कोई भी कर्मचारी नहीं आया है और सप्लाई बहाल करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। टंकी परिसर में रखे उपस्थिति रजिस्टर में कर्मचारियों की हाजिरी बेहद कम दर्ज है, जो निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों का दावा है कि टंकी के संचालन के
लिए आवश्यक आदेश ही जारी नहीं किए गए हैं, जिससे व्यवस्था में गंभीर खामियों को छिपाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने, जलापूर्ति बहाल करने और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भीषण गर्मी के इस दौर में अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है।
- हरदोई जिले के विकास खण्ड बाबन स्थित ग्राम पंचायत बरखेरा तिगावां में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल ने पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं वृक्ष लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की और पंचायत भवन में मौजूद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच पौधों का वितरण किया। इस अभियान के तहत कुल तीन हजार पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल ने सभी से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने वृक्षों को मानवता के लिए वरदान बताते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।1
- हरदोई के विकासखंड कोथावां की ग्राम पंचायत पुरवा बाजीराव में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और उन्हें पीने तथा खाना बनाने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठाना पड़ रहा है। निबहा गांव के चौकीदार राम स्वरूप ने बताया कि पानी की टंकी पर कई दिनों से कोई भी कर्मचारी नहीं आया है और सप्लाई बहाल करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। टंकी परिसर में रखे उपस्थिति रजिस्टर में कर्मचारियों की हाजिरी बेहद कम दर्ज है, जो निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों का दावा है कि टंकी के संचालन के लिए आवश्यक आदेश ही जारी नहीं किए गए हैं, जिससे व्यवस्था में गंभीर खामियों को छिपाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने, जलापूर्ति बहाल करने और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भीषण गर्मी के इस दौर में अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है।3
- जिला हरदोई ग्राम काजीवाडी तहसील शाहाबाद ब्लॉक टोडरपुर ग्राम पंचायत कोटिला सरैया माजरा काजीवाडी1
- हरदोई के शाहाबाद में उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने अपने ऊपर महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे करार दिया है। एसडीएम के अनुसार, महिला लेखपाल उन पर अपनी इच्छा के अनुसार मनचाहे क्षेत्र में तैनाती दिलाने के लिए दबाव बना रही थीं, जिसे प्रशासनिक नियमों के तहत पूरा करना संभव नहीं था। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि संबंधित लेखपाल को खतौनी से संबंधित विभागीय कार्य सौंपा गया था, लेकिन उसकी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई थी। कार्य में सुधार के निर्देश दिए जाने के बाद प्रशासन पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश की गई है। सुशील कुमार मिश्रा ने जोर देकर कहा कि सभी प्रशासनिक कार्य नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार ही संचालित होते हैं और किसी भी कर्मचारी को व्यक्तिगत इच्छा के आधार पर पोस्टिंग नहीं दी जा सकती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर वे मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।1
- सोशल मीडिया पर हरदोई जनपद को लेकर वायरल हो रही एक खबर, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ 32 लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का दावा किया गया था, उसे पुलिस ने पूरी तरह असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। हरदोई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है और यह पूरी तरह फर्जी सूचना जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही है। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने थाना बिलग्राम में मुकदमा संख्या 302/26, धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फर्जी खबर फैलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री सुबोध गौतम ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- हरदोई में बदहाल सड़कों और जलभराव की गंभीर समस्या के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता ने नघेटा रोड पर एक अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर धान की रोपाई की और कीचड़ के बीच भाजपा के झंडे लगाकर नगर की लचर व्यवस्था के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। रामज्ञान गुप्ता का आरोप है कि मामूली बारिश के बाद ही शहर तालाब में बदल जाता है, जिससे सड़कों पर चलना दूभर हो गया है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नघेटा रोड के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, आरआर इंटर कॉलेज, बाल विद्या भवन, लखनऊ मार्ग, बिलग्राम चुंगी मार्ग, मंगली पुरवा, गंगा देवी कॉलेज रोड और बिलग्राम रोड को जलभराव से बुरी तरह प्रभावित बताया। उनका कहना है कि जल निकासी के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं हुआ, जिसका परिणाम जनता को हर साल भुगतना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलनिकासी और सड़क मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सुधीर गुप्ता 'मिन्ना', अवनीश यादव, धर्मेंद्र यादव 'दीपू', चंद्रप्रकाश गुप्ता, रामदत्त गुप्ता, शुभम गुप्ता, श्याम गुप्ता, दुर्गेश, रिंकू गुप्ता, हरिश्चंद्र, रमेश यादव और विनय सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- शाहाबाद, हरदोई में महिला लेखपाल प्रकरण को लेकर उपजिलाधिकारी शाहाबाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उनके स्थानांतरण की मांग पर अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में ज़ोरदार नारेबाजी कर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें शाहाबाद से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाया, कहा कि महिला लेखपाल द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज हुआ है और न ही कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जिससे न्याय व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और जिले की सभी तहसीलों को जाम कर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की जाएगी तथा बार एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगा। यह विरोध तब शुरू हुआ जब महिला लेखपाल ने एसडीएम शाहाबाद के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी थी। पहले दिन अधिवक्ताओं ने तहसील से कोतवाली तक प्रदर्शन कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, जबकि दूसरे दिन बार एसोसिएशन ने एसडीएम न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लेते हुए चैंबर का घेराव किया था। वहीं, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का पहले ही खंडन कर दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित लेखपाल को केवल शासकीय कार्य और खतौनी फीडिंग के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, और लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी द्वारा मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की गई है, जो गंभीरता से जाँच कर रही है, लेकिन जाँच के निष्कर्षों के बारे में अभी तक कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने या स्थानांतरण के संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया था। एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को अपनी बाइट में बताया कि उनके कार्यालय में आर. के. शाहाबाद ने शिकायत की थी कि आलमनगर पछोहा की खतौनी की फीडिंग नहीं हो पा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को बुलाया। उन्होंने बताया कि यह नई महिला लेखपाल हैं, जिनका बिलग्राम से यहाँ स्थानांतरण हुआ है। जब उनसे खतौनी फीडिंग न होने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह ऊपर कार्यालय में बैठती हैं, जबकि उन्हें भूलेख कार्यालय में अटैच किया गया था। लेखपाल ने अपनी आँखों में समस्या होने की बात कही, जिस पर एसडीएम ने उनसे डॉक्टर की रिपोर्ट मांगी, ताकि उन्हें क्षेत्र दिया जा सके। इसके बाद लेखपाल ने अपने पिताजी को फोन किया, और उनके पिताजी चार-पांच वकीलों के साथ उनके चैंबर में आकर बदतमीजी और अभद्रता करने लगे। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एफआईआर करने और कई धाराएं बढ़वाने की धमकी दी गई है। एसडीएम ने पुष्टि की कि इस दौरान उनके सहकर्मी सप्लाई इंस्पेक्टर, पेशकार, सुरक्षाकर्मी और आर.के. शाहाबाद उपस्थित थे। तीसरे दिन प्रदर्शन के बीच अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी ने अपनी बाइट में कहा कि एसडीएम मामले को तोड़-मरोड़कर समाज के सामने पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दिन जब एसडीएम के चैंबर में पीड़िता बेटी के पिता से बात हुई, तो उन्होंने तत्काल अश्लीलता को स्पष्ट रूप से इसलिए नहीं बताया क्योंकि कोई पिता सीधे समाज में अपनी और अपनी बेटी की बदनामी सार्वजनिक नहीं कराना चाहता। इसके बावजूद, पिता ने मौके पर कहा था कि एसडीएम ने उनकी बेटी को दो बार परेशान किया, जबकि उन्हें बताया गया था कि यह उनकी बेटी है, फिर भी एसडीएम अपनी आदत से बाज नहीं आए। अधिवक्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर तीसरे दिन भी डटे हैं, और एसडीएम का भविष्य जाँच कमेटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा, भले ही एसडीएम ने आरोपों को असत्य और निराधार बताया है।4
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में सड़कों की बदहाली और गंभीर जलभराव की समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक 'अनोखा प्रदर्शन' किया। शहर में तालाब बनी सड़क पर जमा पानी में सपा कार्यकर्ताओं ने धान की पौध लगाई, जिसके जरिए उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव की गंभीर समस्या के प्रति अपना विरोध और नाराजगी व्यक्त की।1