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जनवादी कवि बाबू केदारनाथ अग्रवाल के जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. सबीहा रहमानी के“नवचेतना परामर्श केन्द्र” का किया शुभारंभ।

5 hrs ago
user_Surash Sahu
Surash Sahu
बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

जनवादी कवि बाबू केदारनाथ अग्रवाल के जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. सबीहा रहमानी के“नवचेतना परामर्श केन्द्र” का किया शुभारंभ।

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  • Post by Raj dwivedi
    1
    Post by Raj dwivedi
    user_Raj dwivedi
    Raj dwivedi
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जनवादी कवि बाबू केदारनाथ अग्रवाल के जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. सबीहा रहमानी के“नवचेतना परामर्श केन्द्र” का किया शुभारंभ।
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    जनवादी कवि बाबू केदारनाथ अग्रवाल के जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. सबीहा रहमानी के“नवचेतना परामर्श केन्द्र” का किया शुभारंभ।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • #Apkiawajdigital ​● मरौली खदानों में पोकलैंड मशीनों ने जलधारा को किया लहूलुहान, अप्रैल में ही जून जैसी तपिश और बूंद-बूंद को तरसते हलक ● 10 अप्रैल को अशोक लाट पर होगा महा-आंदोलन, STF जांच और खदानें तत्काल बंद करने की उठी मांग ​बांदा। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी आज अपने अस्तित्व की सबसे करुण लड़ाई लड़ रही है। एक तरफ सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर 'हर घर नल, हर घर जल' का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर बांदा के सीने पर पल रहे बालू माफिया प्रशासन की नाक के नीचे नदी का गला घोंट रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन 'बुंदेलखंड इंसाफ सेना' ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ​नदी नहीं, नाला बना दी गई केन ​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि मरौली खदान खंड संख्या 4, 5 और 6 के संचालकों ने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं। भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें दिन-रात नदी की जलधारा के बीच से 'जिंदा बालू' निकाल रही हैं। आलम यह है कि कभी कल-कल बहने वाली केन नदी अब एक गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है। जब मुख्य स्रोत ही सूख जाएगा, तो जल संस्थान शहर की प्यास कैसे बुझाएगा ? ​पाताल में जा रहा जलस्तर, अप्रैल में ही अकाल जैसे हालात ​ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन की वजह से भूगर्भ जलस्तर (Ground Water Level) तेजी से धरातल की ओर जा रहा है। इसका सीधा असर शहर के हैंडपंपों और कुओं पर पड़ा है, जो अप्रैल की शुरुआत में ही जवाब देने लगे हैं। चंद बाहरी मुनाफाखोरों की अंधी कमाई की भूख ने पूरे जनपद को प्यासा मरने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इन खदानों पर पाबंदी लगाने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है ? ​STF जांच और 10 अप्रैल का अल्टीमेटम ​बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मांग की है कि जनपद में गहराते जल संकट को देखते हुए इन खदानों की निगरानी तत्काल एस.टी.एफ. (STF) के माध्यम से कराई जाए। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि स्थानीय स्तर पर जांच महज औपचारिकता बनकर रह गई है। ​"अगर प्रशासन ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया और इन खदानों को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया, तो 10 अप्रैल 2026 को बांदा की सड़कों पर जन-सैलाब उमड़ेगा। हम अशोक लाट तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।" — ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (बुंदेलखंड इंसाफ सेना) ​प्रशासन से तीखे सवाल: ​सरकार के पेयजल मिशन को खनन माफिया क्यों दे रहे हैं चुनौती? ​जलधारा को रोककर मशीनों से खनन करना क्या प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम नहीं है? ​क्या बांदा की जनता की प्यास से ज्यादा कीमती माफियाओं की तिजोरियां हैं ? ​इस ज्ञापन ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि क्या बांदा की जीवनदायिनी को बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 10 अप्रैल को बांदा एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनेगा।
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    #Apkiawajdigital
​● मरौली खदानों में पोकलैंड मशीनों ने जलधारा को किया लहूलुहान, अप्रैल में ही जून जैसी तपिश और बूंद-बूंद को तरसते हलक
● 10 अप्रैल को अशोक लाट पर होगा महा-आंदोलन, STF जांच और खदानें तत्काल बंद करने की उठी मांग
​बांदा। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी आज अपने अस्तित्व की सबसे करुण लड़ाई लड़ रही है। एक तरफ सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर 'हर घर नल, हर घर जल' का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर बांदा के सीने पर पल रहे बालू माफिया प्रशासन की नाक के नीचे नदी का गला घोंट रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन 'बुंदेलखंड इंसाफ सेना' ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
​नदी नहीं, नाला बना दी गई केन
​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि मरौली खदान खंड संख्या 4, 5 और 6 के संचालकों ने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं। भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें दिन-रात नदी की जलधारा के बीच से 'जिंदा बालू' निकाल रही हैं। आलम यह है कि कभी कल-कल बहने वाली केन नदी अब एक गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है। जब मुख्य स्रोत ही सूख जाएगा, तो जल संस्थान शहर की प्यास कैसे बुझाएगा ?
​पाताल में जा रहा जलस्तर, अप्रैल में ही अकाल जैसे हालात
​ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन की वजह से भूगर्भ जलस्तर (Ground Water Level) तेजी से धरातल की ओर जा रहा है। इसका सीधा असर शहर के हैंडपंपों और कुओं पर पड़ा है, जो अप्रैल की शुरुआत में ही जवाब देने लगे हैं। चंद बाहरी मुनाफाखोरों की अंधी कमाई की भूख ने पूरे जनपद को प्यासा मरने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इन खदानों पर पाबंदी लगाने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है ?
​STF जांच और 10 अप्रैल का अल्टीमेटम
​बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मांग की है कि जनपद में गहराते जल संकट को देखते हुए इन खदानों की निगरानी तत्काल एस.टी.एफ. (STF) के माध्यम से कराई जाए। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि स्थानीय स्तर पर जांच महज औपचारिकता बनकर रह गई है।
​"अगर प्रशासन ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया और इन खदानों को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया, तो 10 अप्रैल 2026 को बांदा की सड़कों पर जन-सैलाब उमड़ेगा। हम अशोक लाट तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
— ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (बुंदेलखंड इंसाफ सेना)
​प्रशासन से तीखे सवाल:
​सरकार के पेयजल मिशन को खनन माफिया क्यों दे रहे हैं चुनौती?
​जलधारा को रोककर मशीनों से खनन करना क्या प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम नहीं है?
​क्या बांदा की जनता की प्यास से ज्यादा कीमती माफियाओं की तिजोरियां हैं ?
​इस ज्ञापन ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि क्या बांदा की जीवनदायिनी को बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 10 अप्रैल को बांदा एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनेगा।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by Rammilan,yadav
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    Post by Rammilan,yadav
    user_Rammilan,yadav
    Rammilan,yadav
    अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा जनपद के बबेरू तहसील क्षेत्र अंतर्गत मियां बरौली गांव निवासी युवक का यूपी पीसीएस में चयन होने पर क्षेत्र के लोगों ने बबेरू कस्बे में जोरदार स्वागत किया गया है।
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    बांदा जनपद के बबेरू तहसील क्षेत्र अंतर्गत मियां बरौली गांव निवासी युवक का यूपी पीसीएस में चयन होने पर क्षेत्र के लोगों ने बबेरू कस्बे में जोरदार स्वागत किया गया है।
    user_JSB NEWS UP
    JSB NEWS UP
    पत्रकारिता Baberu, Banda•
    4 hrs ago
  • मौदहा/हमीरपुर। शासन के निर्देशानुसार चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत मौदहा कस्बे के कंपोजिट विद्यालय (कक्षा 1 से 8) मा. कांशीराम कॉलोनी में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय द्वारा स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराएं और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए। इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद सईद सिद्दीकी, सहायक अध्यापक फखरुद्दीन, सहायक अध्यापिका खुशबू, सहायक अध्यापिका स्वेता (प्रशिक्षु) सहित अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार ने बताया कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है, ताकि शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
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    मौदहा/हमीरपुर। शासन के निर्देशानुसार चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत मौदहा कस्बे के कंपोजिट विद्यालय (कक्षा 1 से 8) मा. कांशीराम कॉलोनी में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय द्वारा स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराएं और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद सईद सिद्दीकी, सहायक अध्यापक फखरुद्दीन, सहायक अध्यापिका खुशबू, सहायक अध्यापिका स्वेता (प्रशिक्षु) सहित अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय परिवार ने बताया कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है, ताकि शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • "स्वामित्व योजना के तहत गांवों में घरों की जमीन का मालिकाना कार्ड देने की प्रक्रिया जारी है।"RURAL PROPERTY CARD PROGRAMSVAMITVA SCHEME
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    "स्वामित्व योजना के तहत गांवों में घरों की जमीन का मालिकाना कार्ड देने की प्रक्रिया जारी है।"RURAL PROPERTY CARD PROGRAMSVAMITVA SCHEME
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने स्कूल चलो अभियान और निःशुल्क पाठ्य पुस्तक का किया वितरण।
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    जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने स्कूल चलो अभियान और निःशुल्क पाठ्य पुस्तक का किया वितरण।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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