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मेरठ जनपद के थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव पचपेड़ा में तीन से चार दिन पहले हुई बारिश के बाद स्थिति बदतर हो गई है। नालों में कूड़ा जमा होने के कारण उनका गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है, जिससे पूरी सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलभराव और गंदगी की वजह से आए दिन रिक्शा, बाइक और अन्य वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। क्षेत्र का लंबे समय से यानी पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक शाहिद मंजूर से भी स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि समय पर नालों की सफाई और रखरखाव किया जाता, तो आज यह नौबत क्यों आती? ग्रामीणों ने प्रशासन से नालों की तत्काल सफाई कराने, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने और यहां हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

13 hrs ago
user_रोहितजैन सहायक ब्यूरो प्रमुख
रोहितजैन सहायक ब्यूरो प्रमुख
Court reporter बुढाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

मेरठ जनपद के थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव पचपेड़ा में तीन से चार दिन पहले हुई बारिश के बाद स्थिति बदतर हो गई है। नालों में कूड़ा जमा होने के कारण उनका गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है, जिससे पूरी सड़कें कीचड़ में तब्दील हो

चुकी हैं। इस जलभराव और गंदगी की वजह से आए दिन रिक्शा, बाइक और अन्य वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस गंभीर समस्या के

समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। क्षेत्र का लंबे समय से यानी पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक शाहिद मंजूर से भी स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि

समय पर नालों की सफाई और रखरखाव किया जाता, तो आज यह नौबत क्यों आती? ग्रामीणों ने प्रशासन से नालों की तत्काल सफाई कराने, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने और यहां हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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  • मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में 16 जुलाई 2026 को एक गौमाता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां देश में गौमाता को सर्वोच्च सम्मान देने और राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बुढ़ाना में मृत गौमाता को नगर पंचायत के ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता का निधन हुआ था, लेकिन मालिक को इसकी जानकारी शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इस दौरान गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की लापरवाही के आरोप लगे हैं। सबसे पहले गौमाता को एक निजी भूमि में दफनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूमि स्वामी की आपत्ति के बाद उन्हें वहाँ से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और आखिरकार रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे गौमाता को कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि बंजर और सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद गौमाता को कूड़ा निस्तारण स्थल पर क्यों दफनाया गया और नगर पंचायत के वाहन को वापस बुलाने के पीछे क्या कारण था। गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर उपजे इस विवाद से जनभावनाएं आहत हुई हैं और यह समाज व प्रशासन दोनों के लिए चिंतन का विषय बन गया है। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में एक स्थायी व उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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    मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में 16 जुलाई 2026 को एक गौमाता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां देश में गौमाता को सर्वोच्च सम्मान देने और राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बुढ़ाना में मृत गौमाता को नगर पंचायत के ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता का निधन हुआ था, लेकिन मालिक को इसकी जानकारी शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली।

इस दौरान गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की लापरवाही के आरोप लगे हैं। सबसे पहले गौमाता को एक निजी भूमि में दफनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूमि स्वामी की आपत्ति के बाद उन्हें वहाँ से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और आखिरकार रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे गौमाता को कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि बंजर और सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद गौमाता को कूड़ा निस्तारण स्थल पर क्यों दफनाया गया और नगर पंचायत के वाहन को वापस बुलाने के पीछे क्या कारण था।

गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर उपजे इस विवाद से जनभावनाएं आहत हुई हैं और यह समाज व प्रशासन दोनों के लिए चिंतन का विषय बन गया है। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में एक स्थायी व उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
    user_Chhavi सहायक ब्यूरो चीफ
    Chhavi सहायक ब्यूरो चीफ
    Court reporter बुढाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में एक मृत गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक तरफ देश में गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं बुढ़ाना में उनके अंतिम संस्कार को लेकर खड़े हुए सवालों ने समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय नगर पंचायत द्वारा मृत गौमाता को सम्मानजनक स्थान देने के बजाय ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफना दिया गया। यह मामला 16 जुलाई 2026 का है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता की मृत्यु हुई थी, लेकिन उनके मालिक को इसकी सूचना शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इसके बाद गौमाता को पहले एक निजी भूमि में दफनाने की कोशिश की गई, लेकिन जमीन के मालिक की आपत्ति के कारण उन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच उन्हें कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत पर सवाल उठाए हैं कि जब उनके पास बंजर और सार्वजनिक भूमि मौजूद थी, तो गौमाता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया? कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाने और वाहन वापस बुलाने के पीछे की वजहों पर भी सवाल उठाए गए हैं। एमडी न्यूज (MD NEWS) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
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    मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में एक मृत गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक तरफ देश में गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं बुढ़ाना में उनके अंतिम संस्कार को लेकर खड़े हुए सवालों ने समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय नगर पंचायत द्वारा मृत गौमाता को सम्मानजनक स्थान देने के बजाय ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफना दिया गया।

यह मामला 16 जुलाई 2026 का है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता की मृत्यु हुई थी, लेकिन उनके मालिक को इसकी सूचना शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इसके बाद गौमाता को पहले एक निजी भूमि में दफनाने की कोशिश की गई, लेकिन जमीन के मालिक की आपत्ति के कारण उन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच उन्हें कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत पर सवाल उठाए हैं कि जब उनके पास बंजर और सार्वजनिक भूमि मौजूद थी, तो गौमाता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया? कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाने और वाहन वापस बुलाने के पीछे की वजहों पर भी सवाल उठाए गए हैं। एमडी न्यूज (MD NEWS) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
    user_रोहितजैन सहायक ब्यूरो प्रमुख
    रोहितजैन सहायक ब्यूरो प्रमुख
    Court reporter बुढाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मेरठ की बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और न्यूज़ लीडर की ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा असर देखने को मिला है। लखनऊ से ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के हस्तक्षेप के बाद बिजली विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए 7 बिजली अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद पीवीवीएनएल के एमडी रवीश गुप्ता ने न्यूज़ लीडर से विशेष बातचीत में कहा कि उम्मीदों पर खरे न उतरने वाले अधिकारियों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ की बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार लाने और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।
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    मेरठ की बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और न्यूज़ लीडर की ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा असर देखने को मिला है। लखनऊ से ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के हस्तक्षेप के बाद बिजली विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए 7 बिजली अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

इस कार्रवाई के बाद पीवीवीएनएल के एमडी रवीश गुप्ता ने न्यूज़ लीडर से विशेष बातचीत में कहा कि उम्मीदों पर खरे न उतरने वाले अधिकारियों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ की बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार लाने और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।
    user_SONU DISH TV = 📡
    SONU DISH TV = 📡
    Handloom Weaver सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली के राणा विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सूबे में एक ऐसी सरकार थी जिसके लोग दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते थे, माफियाओं के सामने नतमस्तक रहते थे और उनके पास जनता के लिए कोई समय नहीं था। मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार ने शामली की सामाजिक डेमोग्राफी को बदलने का काम किया, जिसके दुष्परिणामस्वरूप कांधला और कैराना से लोगों को पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले लोग शामली का नाम लेने से भी डरते थे, लेकिन आज शामली गन्ने की मिठास, चौतरफा विकास और एक्सप्रेसवे की त्रिवेणी के रूप में नई पहचान बना चुका है। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज संविधान की बात करते हैं, वही 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठियां चलवाते थे, कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, और कृष्ण जन्माष्टमी व रामनवमी की शोभायात्राओं को रोकने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करते थे। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में ऐसा कतई नहीं हो सकता। कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि माफियाओं की जगह अब सिर्फ जेल में है या फिर उन्हें कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने नौकरी के नाम पर चलने वाले सिंडिकेट को खत्म करने की बात कहते हुए कहा कि आज शामली का नौजवान अपनी मेहनत से रोजगार पा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी कीमत पर कांवड़ यात्रा नहीं रुकने देगी। इस भव्य जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कैराना, शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गन्ना किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद तत्कालीन कृषि मंत्री सुरेश राणा के प्रयासों से चीनी मिलों को नया जीवन मिला, जिसके चलते आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जा चुका है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोरखपुर से शामली होते हुए सिलीगुड़ी तक करीब 1100 किलोमीटर का आर्थिक गलियारा विकसित किया जाएगा और शामली को अंबाला से भी जोड़ा जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर विकास के लिए शामली में एक बड़ा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे करीब 8,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली के राणा विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सूबे में एक ऐसी सरकार थी जिसके लोग दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते थे, माफियाओं के सामने नतमस्तक रहते थे और उनके पास जनता के लिए कोई समय नहीं था। मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार ने शामली की सामाजिक डेमोग्राफी को बदलने का काम किया, जिसके दुष्परिणामस्वरूप कांधला और कैराना से लोगों को पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले लोग शामली का नाम लेने से भी डरते थे, लेकिन आज शामली गन्ने की मिठास, चौतरफा विकास और एक्सप्रेसवे की त्रिवेणी के रूप में नई पहचान बना चुका है।

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज संविधान की बात करते हैं, वही 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठियां चलवाते थे, कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, और कृष्ण जन्माष्टमी व रामनवमी की शोभायात्राओं को रोकने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करते थे। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में ऐसा कतई नहीं हो सकता। कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि माफियाओं की जगह अब सिर्फ जेल में है या फिर उन्हें कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने नौकरी के नाम पर चलने वाले सिंडिकेट को खत्म करने की बात कहते हुए कहा कि आज शामली का नौजवान अपनी मेहनत से रोजगार पा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी कीमत पर कांवड़ यात्रा नहीं रुकने देगी।

इस भव्य जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कैराना, शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गन्ना किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद तत्कालीन कृषि मंत्री सुरेश राणा के प्रयासों से चीनी मिलों को नया जीवन मिला, जिसके चलते आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जा चुका है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोरखपुर से शामली होते हुए सिलीगुड़ी तक करीब 1100 किलोमीटर का आर्थिक गलियारा विकसित किया जाएगा और शामली को अंबाला से भी जोड़ा जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर विकास के लिए शामली में एक बड़ा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे करीब 8,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
    user_Avinash sharma
    Avinash sharma
    शामली, शामली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा में पूर्व मंत्री श्री सुरेश राणा सबसे अधिक चर्चा का केंद्र बने रहे। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सुरेश राणा के गन्ना मंत्री के रूप में बिताए गए कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जमकर सराहना की।
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    उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा में पूर्व मंत्री श्री सुरेश राणा सबसे अधिक चर्चा का केंद्र बने रहे। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सुरेश राणा के गन्ना मंत्री के रूप में बिताए गए कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जमकर सराहना की।
    user_P7tv
    P7tv
    शामली, शामली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुढाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत विज्ञाना रोड पर पुलिस और शातिर अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से एक शातिर वाहन चोर राजू उर्फ योगेश घायल हो गया। पुलिस ने मौके से तीन और शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं, जो यहां से गाड़ियां चोरी करके उन्हें म्यांमार (वर्मा) ले जाकर बेच दिया करते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इनके कब्जे से चोरी की 5 गाड़ियां और गाड़ी चोरी करने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए इन शातिर चोरों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर चोरी, लूट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब चार दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुढाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत विज्ञाना रोड पर पुलिस और शातिर अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से एक शातिर वाहन चोर राजू उर्फ योगेश घायल हो गया। पुलिस ने मौके से तीन और शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

पकड़े गए आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं, जो यहां से गाड़ियां चोरी करके उन्हें म्यांमार (वर्मा) ले जाकर बेच दिया करते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इनके कब्जे से चोरी की 5 गाड़ियां और गाड़ी चोरी करने के उपकरण बरामद किए हैं।

गिरफ्तार किए गए इन शातिर चोरों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर चोरी, लूट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब चार दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
    user_खालिद सिददीकी
    खालिद सिददीकी
    Court reporter बुढाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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