मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में 16 जुलाई 2026 को एक गौमाता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां देश में गौमाता को सर्वोच्च सम्मान देने और राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बुढ़ाना में मृत गौमाता को नगर पंचायत के ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता का निधन हुआ था, लेकिन मालिक को इसकी जानकारी शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इस दौरान गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की लापरवाही के आरोप लगे हैं। सबसे पहले गौमाता को एक निजी भूमि में दफनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूमि स्वामी की आपत्ति के बाद उन्हें वहाँ से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और आखिरकार रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे गौमाता को कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि बंजर और सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद गौमाता को कूड़ा निस्तारण स्थल पर क्यों दफनाया गया और नगर पंचायत के वाहन को वापस बुलाने के पीछे क्या कारण था। गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर उपजे इस विवाद से जनभावनाएं आहत हुई हैं और यह समाज व प्रशासन दोनों के लिए चिंतन का विषय बन गया है। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में एक स्थायी व उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में 16 जुलाई 2026 को एक गौमाता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां देश में गौमाता को सर्वोच्च सम्मान देने और राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बुढ़ाना में मृत गौमाता को नगर पंचायत के ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता का निधन हुआ था, लेकिन मालिक को इसकी जानकारी शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे
के बीच मिली। इस दौरान गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की लापरवाही के आरोप लगे हैं। सबसे पहले गौमाता को एक निजी भूमि में दफनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूमि स्वामी की आपत्ति के बाद उन्हें वहाँ से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और आखिरकार रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे गौमाता को कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि बंजर और सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद गौमाता
को कूड़ा निस्तारण स्थल पर क्यों दफनाया गया और नगर पंचायत के वाहन को वापस बुलाने के पीछे क्या कारण था। गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर उपजे इस विवाद से जनभावनाएं आहत हुई हैं और यह समाज व प्रशासन दोनों के लिए चिंतन का विषय बन गया है। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में एक स्थायी व उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएसी कैंप कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैराना में सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला।1
- उत्तर प्रदेश का 2027 का चुनाव केवल एक सामान्य चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह भारत की दिशा और भविष्य को तय करने वाला एक निर्णायक राजनीतिक संघर्ष साबित होगा। देश के लोकतांत्रिक जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश करने वाली हर ताकत, चाहे वे विदेशी हितों से प्रेरित नेटवर्क हों, डीप स्टेट से जुड़े तत्व हों या भारत-विरोधी शक्तियाँ, इस चुनाव पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हैं। ऐसे संवेदनशील समय में किसी भी संदिग्ध विदेशी हस्तक्षेप, बाहरी फंडिंग, डेटा ऑपरेशन या प्रभाव डालने वाले अभियानों को बेहद गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। इसी पृष्ठभूमि में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की अमेरिका यात्रा और वहाँ विभिन्न लोगों या संस्थाओं से उनकी मुलाकातों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह विषय अब सार्वजनिक चर्चा और पारदर्शिता का केंद्र बन चुका है। यदि चुनावी रणनीति या डेटा प्रबंधन को प्रभावित करने के लिए किसी विदेशी संस्था की सेवाएँ ली जा रही हैं, तो उसके बारे में पूरी तरह से स्पष्ट जानकारी देश के सामने आनी चाहिए। इसके साथ ही, भारत-नेपाल सीमा पर हाल ही में हुई गिरफ्तारी जैसे घटनाक्रम इस बात की याद दिलाते हैं कि देश की सीमाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना आवश्यक है। किसी भी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप या अवैध गतिविधि की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश का जनादेश केवल इस राज्य का नहीं बल्कि पूरे भारत के भविष्य का जनादेश होगा, इसलिए लोकतंत्र की पवित्रता, चुनावी पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित हमेशा सर्वोपरि रहने चाहिए।1
- खतौली के सैटरडे गाँव में सिलेंडर के साथ अत्याचार होने का मामला सामने आया है। इस घटना में सिलेंडर के साथ अनुचित व्यवहार और अत्याचार किया गया है।1
- मेरठ जिले की सरधना तहसील के आदर्श नगर छाबड़िया रोड स्थित मंदिर की चौकी के पास भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में बिजली विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत में जुटे हैं। जहाँ इस भयंकर गर्मी में आम लोग बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं और घरों में पंखों के नीचे आराम कर रहे हैं, वहीं ये कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमारे जीवन में बिजली का बहुत महत्व है, लेकिन इन कर्मचारियों की इस अथक मेहनत को कोई नहीं देख पा रहा है। इस तपती धूप में अपनी ड्यूटी निभाने वाले जिला मेरठ के बिजली कर्मचारियों नितिन, राहुल, निखिल, सुभाष, अमित और नहिम की इस कड़ी मेहनत को बेहद सराहनीय बताया गया है।3
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिला अंतर्गत बड़ौत के सिल्वर नगर धनोरा में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। सिल्वर नगर में मदरसे वसीम की तरफ तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण वहाँ बहुत ही ज्यादा गर्मी हो रही है। इस तपती गर्मी में भी यहाँ पानी बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं है और पानी की सप्लाई को बार-बार बंद कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- शामली जनपद में श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के शामली और हरियाणा के पानीपत के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात, कांवड़ शिविर, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं तथा दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर चर्चा हुई। इस समन्वय बैठक में शामली के जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह, पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह सहित दोनों राज्यों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, निर्धारित मानकों के अनुसार ही डीजे का संचालन करने, हथियारनुमा वस्तुओं पर रोक लगाने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- मेरठ जनपद के थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव पचपेड़ा में तीन से चार दिन पहले हुई बारिश के बाद स्थिति बदतर हो गई है। नालों में कूड़ा जमा होने के कारण उनका गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है, जिससे पूरी सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलभराव और गंदगी की वजह से आए दिन रिक्शा, बाइक और अन्य वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। क्षेत्र का लंबे समय से यानी पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक शाहिद मंजूर से भी स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि समय पर नालों की सफाई और रखरखाव किया जाता, तो आज यह नौबत क्यों आती? ग्रामीणों ने प्रशासन से नालों की तत्काल सफाई कराने, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने और यहां हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।4
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन को जनता के सामने रखा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री जी के इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य में कौशल विकास अभियान को निरंतर और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। जनसेवा ही संकल्प के भाव के साथ इस अभियान को लगातार गति दी जा रही है ताकि इसे जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी बनाया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के शामली के कैराना में आज मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा होना है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।1