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मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इस बयान में मुख्यमंत्री पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार बताया गया है।
MBKS डिजिटल न्यूज़
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इस बयान में मुख्यमंत्री पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार बताया गया है।
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- दतिया कांग्रेस प्रभारी ने राम मंदिर चोरी से संबंधित मुद्दे पर बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी बात रखी।1
- दतिया जिले की भाण्डेर थाना पुलिस ने एक चर्चित हत्या मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 10 हजार रुपये के एक फरार इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। यह मामला 3 जून 2026 का है, जब विनोद उर्फ खुशी यादव का शव पहुंज नदी में मिला था। थाना भाण्डेर पुलिस ने पहले मर्ग कायम कर जांच शुरू की, जिसमें हत्या की पुष्टि होने के बाद विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी पूनमचन्द्र यादव के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए, भाण्डेर पुलिस ने हत्या के इस प्रकरण में फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी राहुल पुत्र रिपुदमन उर्फ बब्बू यादव, निवासी सिमथरा को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी के बताए अनुसार, घटना के समय पहने गए कपड़े एवं अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस हत्या प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी रवि यादव, मनोज यादव, गुलशन यादव, आकाश दोहरे और करण सिंह उर्फ काजू यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस नवीनतम गिरफ्तारी के साथ ही, हत्या मामले के सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं और सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं। भाण्डेर पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कोमल परिहार सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, भांडेर के एसडीएम बृजेन्द्र सिंह यादव ने बुधवार दोपहर 02 बजे नवीन तहसील कार्यालय में क्षेत्र के प्राइवेट कोचिंग सेंटर संचालकों की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। एसडीएम ने सभी कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) उपलब्ध रखने और उनका समय-समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना आवश्यक है। बैठक में विशेष रूप से कोचिंग सेंटरों में डबल गेट (दो निकास मार्ग) की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, ताकि आपात स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके अतिरिक्त, भवन की क्षमता के अनुसार ही विद्यार्थियों की संख्या रखने, विद्युत वायरिंग की नियमित जांच कराने, आपातकालीन निकास मार्गों को बाधा मुक्त रखने और अन्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए। एसडीएम यादव ने स्पष्ट किया कि इन सभी व्यवस्थाओं का लक्ष्य विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना को खत्म किया जा सके। उन्होंने सभी संचालकों से शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। इस बैठक में बीईओ भांडेर मनीष सेन सहित कई संबंधित अधिकारी और प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे।1
- दतिया जिले की भांडेर तहसील के ग्राम पंचायत कुतौली के ग्राम रमपुरा में सरकारी बोरिंग और हैंडपंप पर कथित रूप से कुछ दबंगों द्वारा बाउंड्री बनाकर कब्जा कर लिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थापित इन जलस्रोतों को निजी संपत्ति की तरह घेर लिया गया है, जिसके कारण आम नागरिकों को पेयजल के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में स्थित यह सरकारी बोरिंग और हैंडपंप वर्षों से सभी लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध था। लेकिन हाल ही में कुछ लोगों ने उक्त स्थान के चारों ओर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी, जिससे आम नागरिकों की पहुंच बाधित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यह जलस्रोत गांव के कई परिवारों की पानी की जरूरत पूरी करता था और अब इसके बंद होने से लोगों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी व्यक्ति का कब्जा नियमों के विरुद्ध है और प्रशासन को हस्तक्षेप कर जलस्रोत को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरकारी संसाधनों पर कब्जा होने से गांव में विवाद की स्थिति बन रही है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं और ग्रामीणों को उनके अधिकार का पानी कब तक उपलब्ध करा पाते हैं।1
- दतिया पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए, पीड़ित को उसकी ठगी गई ₹90,000 की रकम वापस दिला दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यह जानकारी ACN भारत न्यूज़ के संवाददाता पवन दांतरे की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है।1
- झांसी के मोंठ में बुधवार को गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने टांडा निवासी विभा यादव को सम्मानित किया, जिन्होंने बीपीएससी परीक्षा में चयनित होकर जिला शिक्षा अधिकारी का पद प्राप्त किया है। विधायक ने विभा यादव को पुष्पगुच्छ भेंट कर मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक जवाहरलाल राजपूत ने विभा यादव की उपलब्धि को सीमित संसाधनों के बावजूद हासिल की गई एक बड़ी सफलता बताया, जिसे उन्होंने गर्व का विषय कहा। उन्होंने विभा को पूरे क्षेत्र का गौरव बताते हुए कहा कि उनकी सफलता से अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। विधायक ने यह भी बताया कि विभा ने आठ वर्षों तक लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल किया है, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों का योगदान भी सराहनीय रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेटियों की उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं और ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। इस सम्मान समारोह के दौरान गुलाब सिंह यादव, कपिल मुदगिल, सुरजीत राजपूत, अनिल सोनी, सचिन समाधिया, निशांत, शिवम, रामलाल सोनी, अखिलेश बाबूजी, सुनील यादव, भगवान सिंह, बंटी और योगेन्द्र यादव सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।3
- झांसी के बबीना स्थित मदन टोर क्षेत्र से एक विवादित मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने कैमरे के सामने दिए अपने बयान में छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उनके घर पर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए छावनी परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंचे थे। उन्होंने अपने वीडियो बयान में आरोप लगाया है कि उस समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था और कुछ कर्मचारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई तथा उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया। महिला द्वारा लगाए गए ये आरोप उनके स्वयं के कैमरे पर दर्ज बयान पर आधारित हैं, जिनकी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से भी अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसे एक गंभीर मामला माना जा सकता है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तस्वीर स्पष्ट करने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है।1
- मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इस बयान में मुख्यमंत्री पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार बताया गया है।1